बशीर बद्र: ये एक पेड़ है आ इससे मिल के रो लें हम
उर्दू शायरी के जिस दौर में हल्की से हल्की बात भी मुश्किल ज़ुबान में कही जा रही थी, उस वक्त बशीर बद्र ग़ज़ल में ऐसे शब्दों को लेकर आए जो आम ज़ुबान के थे. उनके रूपक आम आदमी के जीवन से जुड़े हुए थे.
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मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन हो गया. (फोटो- आज तक)
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