वो जुर्म जिसके चलते एक हाथी को फांसी दे दी गई
किसी हाथी को फांसी देने की एक यही घटना इतिहास में मिलती है.
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फोटो - thelallantop
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कोई फिल्म शुरू होती है तो कभी कभी एक डिस्क्लेमर आता है. कि इस फिल्म में किसी जानवर को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. अगर सच में नुकसान पहुंचा दिया तो पेटा वाले धर लेते हैं. नहीं तो मेनका गांधी भरता बना देती हैं. होना भी यही चाहिए. जानवरों पर अत्याचार करना इंसान का काम नहीं है. लेकिन एक बार सारी लिमिट क्रॉस हो गई थी. एक मादा हाथी को उसी सर्कस के लोगों ने फांसी पर लटका दिया था जिसका वो पेट भरती थी. वो भी खुलेआम, ढाई हजार लोगों की भीड़ के सामने.

मामला तकरीबन सौ साल पुराना है यानी 1916 की बात है. टेनेसी, अमेरिका में चार्ली स्पार्क नाम का आदमी एक बहुत बड़ा सर्कस चलाता था. सर्कस का नाम था स्पार्क्स वर्ल्ड फेमस शोज़. उसमें बिग मैरी नाम की एक मादा हाथी थी. आगे इसको हथिनी लिखा जाएगा काहे कि मादा लिखने और पढ़ने में भारी लगता है. तो मैरी बड़ी टैलेंटेड थी. वो अपनी सूंड से सींग बजाती थी और 25 तरह का म्यूजिक निकालती थी.

मैरी को दिखाता सर्कस का पोस्टर
तो ये सर्कस अपना शो जमाने के लिए इरविन शहर से 40 किलोमीटर दूर किंगस्पोर्ट नाम की जगह पर लगा था. 11 सितंबर की बात है. वॉल्टर एल्ड्रिज नाम के एक नए आदमी ने सर्कस जॉइन किया. इसका काम मैरी को ट्रेनिंग देना था, लेकिन उसको पहले से कोई एक्सपीरिएंस नहीं था. उसके बाल लाल भूरे टाइप के थे इसी वजह से उसे रेड कहा जाता था. 38 साल के इस आदमी के पास घर बार नहीं था इसीलिए नौकरी मिल गई थी.
अपनी जॉइनिंग के अगले दिन मैरी को उसने संभाल लिया. उसके हाथ में एक भाला पकड़ा दिया गया. समझा दिया गया कि मैरी के कान पर धीरे से इसे मारना है. अगर वो कंट्रोल में न आ रही हो. सर्कस के प्रचार के लिए टाउन में परेड करनी थी. जिसके लिए रेड मैरी को लेकर निकला. रास्ते में एक जगह मैरी को तरबूज का टुकड़ा दिखा. वो खाने के लिए रुक गई. एल्ड्रिज उसके ऊपर सवार था और उसको बड़ी जल्दी थी. वो बार बार भाला चुभाने लगा.
मैरी उसकी बार बार की हरकत से परेशान हो गई. उसने सूंड घुमाई और एल्ड्रिज को उठा के पटका जमीन पर. उसके सिर पर लात रखके कुचल दिया. खोपड़ी फट गई, एल्ड्रिज मर गया. जिन लोगों ने ये देखा उनके होश फाख्ता हो गए. सब गिरते पड़ते वहां से भागे. फिर ये बात मार्केट में फैल गई कि जब तक मैरी रहेगी, इस सर्कस का कोई शो देखने नहीं जाएगा. लोगों की मांग थी कि मैरी को मार डाला जाए.
चार्ली बिजनेसमैन था. उसको लगा कि एक हाथी की वजह से सर्कस बंद करना ठीक नहीं है. उसने मैरी को मारने का फैसला लिया. लेकिन उसे तमाशा दिखाने का एक्सपीरिएंस था. मैरी की मौत को भी तमाशा बनाने का मन बना लिया. तय हुआ कि मैरी को फांसी दी जाएगी. सोचो एक हाथी के लिए फांसी की सजा, कितना वाहियात आइडिया था. लेकिन इंसान पर शैतान सवार होता है तो ऐसे ही जुगाड़ दिमाग में आते हैं.

मैरी को ट्रेन में लादकर एरविन ले जाया गया. वहां एक क्रेन मंगाई गई, सौ टन भारी. जो वहां रेलवे के डिब्बे या बाकी सामान उठाने का काम करती थी. एरविन में उस टाइम नया नया रेलवे का काम चल रहा था. मैरी को रेल से बांध दिया गया. उसकी गर्दन में मोटी जंजीर लपेटी गई. फिर क्रेन ने उसे उठाया. मैरी इतनी जोर से चिंघाड़ी लोगों की हालत पतली हो गई. दर्द से छटपटाती मैरी सिर्फ पांच फिट ऊपर पहुंची थी कि चेन टूट गई. वो नीचे गिरी और उसके कूल्हे की हड्डियां टूट गईं. दोबारा और मोटी चेन मंगवाई गई. फिर से उसकी गर्दन में बांधी गई. फिर क्रेन से उठाया गया और आधे घंटे तक लटका के रखा गया. तब जाकर सबको यकीन हुआ कि ये मर चुकी है.
वो दिन है और आज का दिन है. एरविन शहर मैरी की फांसी के लिए याद किया जाता है. तब से जानवरों के खिलाफ क्रूरता पर कितने कानून बन चुके हैं. सजा कितनों को मिली है इसका पता नहीं. लेकिन इंसान सनकी है. तभी तो कभी मजे के लिए कुत्ते को जलाने की, कभी दांत के लिए हाथी को मारने की, कभी सींग के लिए हिरन को मारने की खबरें आती रहती हैं.
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मैरी को दिखाता सर्कस का पोस्टर
तो ये सर्कस अपना शो जमाने के लिए इरविन शहर से 40 किलोमीटर दूर किंगस्पोर्ट नाम की जगह पर लगा था. 11 सितंबर की बात है. वॉल्टर एल्ड्रिज नाम के एक नए आदमी ने सर्कस जॉइन किया. इसका काम मैरी को ट्रेनिंग देना था, लेकिन उसको पहले से कोई एक्सपीरिएंस नहीं था. उसके बाल लाल भूरे टाइप के थे इसी वजह से उसे रेड कहा जाता था. 38 साल के इस आदमी के पास घर बार नहीं था इसीलिए नौकरी मिल गई थी.
अपनी जॉइनिंग के अगले दिन मैरी को उसने संभाल लिया. उसके हाथ में एक भाला पकड़ा दिया गया. समझा दिया गया कि मैरी के कान पर धीरे से इसे मारना है. अगर वो कंट्रोल में न आ रही हो. सर्कस के प्रचार के लिए टाउन में परेड करनी थी. जिसके लिए रेड मैरी को लेकर निकला. रास्ते में एक जगह मैरी को तरबूज का टुकड़ा दिखा. वो खाने के लिए रुक गई. एल्ड्रिज उसके ऊपर सवार था और उसको बड़ी जल्दी थी. वो बार बार भाला चुभाने लगा.
मैरी उसकी बार बार की हरकत से परेशान हो गई. उसने सूंड घुमाई और एल्ड्रिज को उठा के पटका जमीन पर. उसके सिर पर लात रखके कुचल दिया. खोपड़ी फट गई, एल्ड्रिज मर गया. जिन लोगों ने ये देखा उनके होश फाख्ता हो गए. सब गिरते पड़ते वहां से भागे. फिर ये बात मार्केट में फैल गई कि जब तक मैरी रहेगी, इस सर्कस का कोई शो देखने नहीं जाएगा. लोगों की मांग थी कि मैरी को मार डाला जाए.
चार्ली बिजनेसमैन था. उसको लगा कि एक हाथी की वजह से सर्कस बंद करना ठीक नहीं है. उसने मैरी को मारने का फैसला लिया. लेकिन उसे तमाशा दिखाने का एक्सपीरिएंस था. मैरी की मौत को भी तमाशा बनाने का मन बना लिया. तय हुआ कि मैरी को फांसी दी जाएगी. सोचो एक हाथी के लिए फांसी की सजा, कितना वाहियात आइडिया था. लेकिन इंसान पर शैतान सवार होता है तो ऐसे ही जुगाड़ दिमाग में आते हैं.

मैरी को ट्रेन में लादकर एरविन ले जाया गया. वहां एक क्रेन मंगाई गई, सौ टन भारी. जो वहां रेलवे के डिब्बे या बाकी सामान उठाने का काम करती थी. एरविन में उस टाइम नया नया रेलवे का काम चल रहा था. मैरी को रेल से बांध दिया गया. उसकी गर्दन में मोटी जंजीर लपेटी गई. फिर क्रेन ने उसे उठाया. मैरी इतनी जोर से चिंघाड़ी लोगों की हालत पतली हो गई. दर्द से छटपटाती मैरी सिर्फ पांच फिट ऊपर पहुंची थी कि चेन टूट गई. वो नीचे गिरी और उसके कूल्हे की हड्डियां टूट गईं. दोबारा और मोटी चेन मंगवाई गई. फिर से उसकी गर्दन में बांधी गई. फिर क्रेन से उठाया गया और आधे घंटे तक लटका के रखा गया. तब जाकर सबको यकीन हुआ कि ये मर चुकी है.
वो दिन है और आज का दिन है. एरविन शहर मैरी की फांसी के लिए याद किया जाता है. तब से जानवरों के खिलाफ क्रूरता पर कितने कानून बन चुके हैं. सजा कितनों को मिली है इसका पता नहीं. लेकिन इंसान सनकी है. तभी तो कभी मजे के लिए कुत्ते को जलाने की, कभी दांत के लिए हाथी को मारने की, कभी सींग के लिए हिरन को मारने की खबरें आती रहती हैं.
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