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साल 2005 का वो आतंकी हमला, जब अयोध्या में राम मंदिर पर दहशतगर्दों ने हथगोले फेंके थे

जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकियों ने बारूद से भरी जीप लेकर राम मंदिर पर धमाका किया था.

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5 जनवरी 2024 (अपडेटेड: 9 जनवरी 2024, 09:52 PM IST)
Ayodhya 2005 attack
राम मंदिर पर हमले के तुरंत बाद की तस्वीर. (फोटो- इंडिया टुडे)
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27 दिसंबर 2023 को अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. यूपी के डीजीपी कार्यालय की तरफ से जानकारी दी गई कि सीएम योगी, STF चीफ अमिताभ यश और भारतीय किसान मंच के देवेंद्र नाथ तिवारी के साथ-साथ राम मंदिर को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. बताया गया कि जुबैर खान नाम की ईमेल ID से धमकी भरा मेल आया है. हालांकि, जांच में ID फर्जी निकली. और पुलिस ने धमकी देने के आरोप में ताहर सिंह और ओम प्रकाश मिश्र नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया.

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन और पुलिस ने चैन की सांस ली. क्योंकि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर साल 2005 जैसी घटना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती. 5 जुलाई, 2005 को राम जन्म भूमि पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने हमला किया था. जिसने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया था.

2005 अयोध्या आतंकी हमला

राम जन्म भूमि पर हुए इस आतंकी हमले को अंजाम दिया था जैश के पांच आतंकियों ने. ये आतंकी एक सफेद जीप में सवार होकर आए थे. दहशतगर्दों ने हमले के लिए सुबह का वक्त चुना. मंदिर का पूरा परिसर लोहे की मोटी छड़ों से घिरा हुआ था. गेट से जाते तो पकड़े जाते, इसलिए इस सुरक्षा घेरे को भेदने के लिए आतंकियों ने RDX से भरी जीप का इस्तेमाल किया. इंडिया टुडे मैग्जीन के जुलाई, 2005 के एडिशन के मुताबिक आतंकी जीप में सवार होकर आए. लेकिन मंदिर पहुंचने से पहले ही उतर गए. एक आंतकी जीप को लोहे की छड़ों की बाड़ तक ले गए. उसने आत्मघाती हमले में जीप में भरे बारूद को उड़ा दिया. और एक बड़ा धमाका हुआ. इस धमाके में एक आम नागरिक की भी जान चली गई.  

इस धमाके के साथ ही अंदर पहुंचने का रास्ता बन गया. हालांकि, इसके बाद भी एक दीवार थी. जिसके अंदर के परिसर में गर्भगृह था. आंतकी मंदिर से महज 50 मीटर की दूरी पर पहुंच गए थे. तीन आतंकियों ने अंदर की दीवार पर चढ़कर मंदिर पर हथगोले फेंके और रॉकेट दागे. लेकिन उनके ये मंसूबे कामयाब नहीं हो पाए. मंदिर पर हथगोले फेंकने के बाद उन्होंने मंदिर की सुरक्षा में तैनात जवानों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी. तुरंत जवाबी कार्रवाई हुई. दोनों तरह से काफी देर तक गोलीबारी हुई. एक-एक करके सारे आतंकी मारे गए. एक आतंकी मानव बम बनकर आया था. गोलीबारी के दौरान उसके चीथड़े उड़ गए. इस हमले में तीन सुरक्षाबल घायल हुए.

यह भी पढ़ें: 'जुबैर' नाम से राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले गिरफ्तार, असली नाम है...

इस हमले में आतंकियों के मंसूबे कामयाब नहीं हो पाए. मंदिर पर जो ग्रेनेड फेंके गए, वो फटे नहीं. आतंकियों के पास से 15 जिंदा हथगोले, पांच एके-47 राइफल, दो 9mm की पिस्तौल और रॉकेट लॉन्चर बरामद किए गए. इतना गोला-बारूद लेकर जब आतंकियों ने हमला किया, उस वक्त मंदिर परिसर में CRPF के 300 जवान, PAC के 600 जवान और यूपी पुलिस के 24 जवान तैनात थे.

इस हमले के केस में विशेष अदालत ने शकील अहमद, मोहम्मद नसीम, आसिफ इकबाल और डॉक्टर इरफान को 2019 में उम्र कैद की सजा सुनाई. इनमें से इरफान यूपी के सहारनपुर का रहने वाला है. जबकि बाकी तीनों दोषी जम्मू-कश्मीर के पुंछ के रहने वाले हैं.

वीडियो: सीएम योगी आदित्यनाथ, राम मंदिर पर हमले की धमकी देने वाले पर हुआ बड़ा खुलासा

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