ये जो तस्वीर आप ऊपर देख रहे हैं. इस लड़की के ऊपर बहुत से लोगों को बहुत भरोसा है.भरोसा इस बात का कि ये देश में सबसे ज्यादा वक्त तक शासन करने वाली और अभी अधमरीहालत में कराह रही पार्टी को फिर से खड़ा कर सकती है. वो यह काम कितना कर पाती है,यह तो वक्त बताएगा. लेकिन एक वक्त वो भी था, जब उसके पापा किसी भी और पापा की तरहकैमरा लिए उसकी तस्वीरें खींचते रहते थे.देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी. इंदिरा गांधी के बेटे. सोनिया गांधी के पतिऔर राहुल-प्रियंका के पापा. कम उम्र में पीएम बनने वाले नेता. हवाई जहाज उड़ाने केशौकीन. इन सब के अलावा कुछ औऱ भी थे राजीव गांधी. उन्हें एक और शौक था. फोटोग्राफीका.उनके इस शौक के बारे में सोनिया गांधी ने राजीव पर लिखी किताब में बताया था. इसकिताब का नाम भी राजीव है. यह किताब आई थी 1992 में. इस किताब में सोनिया गांधी नेराजीव को एक नए इंसान के रूप में दिखाया था.राजीव शौकिया फोटोग्राफर थे, पर थे फोटोग्राफी के माहिर. उनकी खींची कुछ तस्वीरेंभी हैं. देखकर आपको अंदाजा हो जाएगा कि उनकी फोटोग्राफी कैसी थी. वो ज्यादातर अपनेपरिवार, दोस्तों और पेट्स की तस्वीरें खींचते थे. और उन्हें फ्रेम करवाकर अपनेस्टडी रूम की दीवारों पर लगाते थे.राजीव ने खींची थी राहुल गांधी की तस्वीर.1980 के दिनों में उनके एक पब्लिशर दोस्त ने उनसे बहुत बार उनकी तस्वीरों की किताबछापने के लिए कहा, पर उन्होंने इनकार कर दिया. क्योंकि ये सारी तस्वीरें उनकी निजीज़िंदगी से जुड़ी हुई थीं.वो इसलिए भी फोटोग्राफी करते थे कि ये उनके लिए खुद से जुड़े लोगों से लाड-प्यारदिखाने का भी एक जरिया था.राहुल गांधी जब दो साल के थे.अपने लड़कपन के दिनों में उन्होंने कुछ अच्छी ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें भी खींचीथीं. इन तस्वीरों में बनावटीपन नहीं दिखता. सब्जेक्ट और कम्पोजिशन में ओरिजनैलिटीकी झलक दिखती है.उनकी फोटोग्राफी की शुरुआत तब हुई, जब वो कैम्ब्रिज कॉलेज पढ़ने गए थे. उन दिनोंकैमरा उनके लिए एक साथी की तरह था. उनका मिनोक्स कैमरा हमेशा उनकी जेब में रहता था.सोनिया गांधी की तस्वीरसोनिया गांधी कहती हैं कि वो फोटो खिंचवाने में हमेशा असहज महसूस करती रही हैं.लेकिन राजीव से फोटो खिंचवाते वक्त वो हमेशा सहज रहती थीं. राजीव की फोटोग्राफी कामुख्य सब्जेक्ट उनका परिवार ही रहा है. उसमें भी ज्यादातर सोनिया, राहुल औरप्रियंका की हैं. राहुल और प्रियंका के बड़े होने के हर स्टेज को उन्होंने तस्वीरोंमें रिकॉर्ड कर लिया था. ये तस्वीरें उन्होंने हॉस्पिटल में बच्चों के जन्म के कुछमिनटों बाद ही खींचनी शुरू कर दी थीं.इंदिरा और राहुल की तस्वीर.फोटोग्राफी उनसे गहराई से जुड़ी थी. वो अपनी भीड़भाड़ भरी ज़िंदगी से दूर कहीं भीजाते थे, तो कैमरा हमेशा पास रखते थे. हालांकि उन्हें पता होता था कि फोटो खींचनेके लिए उन्हें ज्यादा समय नहीं मिलेगा. कभी-कभी वो लंच करते समय भी कैमरा ले आते औरफोटो खींचने लगते थे. राजीव के लिए कैमरा एक तरीके से जीवन के विविध आयामों कोदेखने का जरिया था.