अभिनवदी लल्लनटॉप के एक डियर रीडर अभिनव राय आपके लिए कुछ खास लेकर आए हैं. सरदार खान कीधरती के सबसे धांसू वर्ड, जो आपकी डिक्शनरी मोटी कर देंगे. कविताएं लिखने के शौकीनअभिनव धनबाद के IIT(ISM) में पढ़ते हैं और वहीं के माहौल में घुले शब्द लेकर आएहैं. तो लीजिए. बांचिए.--------------------------------------------------------------------------------धनबाद शहर. नाम तो सुना ही होगा आपने. हां वही, गैंग्स ऑफ वासेपुर वाला. सरदार खानसवारी बिठाने के लिए आवाज लगाता है, 'झरिया झरिया झरिया... धनबाद धनबाद धनबाद...'.वही शहर, जिस पर डेफिनिटवा कभी राज करना चाहता था. इस शहर को देश की कोयला राजधानीभी कहा जा सकता है. ये शहर एक और चीज के लिए फेमस है. 240 एकड़ में फैला IIT (ISM)धनबाद.पहले इसका नाम Indian School of Mines था. 2014 के बजट में इसे IIT का दर्जा देदिया गया. 91 साल की परंपरा और विरासत को समेटे ये कॉलेज भी कई ऐसी चीजें रखता है,जिन्हें केवल वही लोग समझ सकते हैं, जो यहां से जुड़े रहे हैं और जिन्हें सुनकरउनके होंठों पर एक भीनी सी मुस्कान आ जाती है.1. मटियानाये एक ऐसा शब्द है, जिसे हर एक पल कोई न कोई कॉलेज में बोल ही रहा होता है. मटियानाएक भोजपुरी शब्द है, जिसका मतलब मटियामेट करना या इग्नोर मारना है. प्रयोग कीविविधता और कहीं भी मटियाना शब्द घुसेड़ देने या फिट हो पाने की प्रवृत्ति के आधारपर केवल अंग्रेजी का 'F' वर्ड ही इसे टक्कर देता दिखता है.'क्लास है?' 'सब मटियाओ बे.' 'पेपर खराब हो गया यार!' 'मटियाओ बे मिड सेम ही तोहै.' 'ये इवेंट कोई नही मटियाएगा.'तेलुगू, हिन्दी, अंग्रेजी, बंगाली या भोजपुरी... भाषा कोई भी हो. मटियाना सबमें यूजहो जाता है. 'मटियाओ आन्ट्रे' भी. थोड़ी देर तक अंग्रेजी में बात करते दो लोग भीथोड़ी देर में एक बार तो मटिया ही देते हैं.2. मालपूरे भारत में इस शब्द का प्रयोग सुंदर लड़कियों को मटेरियलाइज करने के तौर पर कियाजाता है, लेकिन यहां इसका बड़ा व्यापक अर्थ और मतलब है. वो भी है. यहां उसका यहीमतलब है, जो कानपुर में फोड़ू का है. मतलब बिरिलियंट.जैसे 'माल बन्दा है.' 'आज का खाना माल है.'3. मटका, मटकीकिसी भी M.Tech स्टूडेंट या रिसर्च स्कॉलर यहां इसी नाम से बुलाते हैं. 4 साल तकउन्हें मटका बुलाते हैं. हालत ये हो जाती है कि कुछ भी कर कर लेंगे, पर M.Tech नहींकरेंगे.4. मग्गू'थ्री इडियट्स' का चतुर. वहां एक था, यहां अनेक हैं. ये एक ऐसा जीव है, जिसके जीवनका ध्येय येन केन प्रकारेण CGPA को 9 के ऊपर रखना होता है. इसके लिए ये क्रन्दन,इमोसनल अत्याचार, कुछ भी कर सकते हैं. ये प्रायः हॉस्टल में एक ही विंग में रहनापसन्द करते हैं. ये विंग मग्गू विंग कहलाती है. लक्षण यही है कि इन्हें लाइब्रेरीकी किताबी सुगंध में ही ऑर्गेजम की प्राप्ति होती है.5. बॉन्डये शब्द जेम्स बॉन्ड के लिए नहीं, बल्कि इंट्रोवर्ट्स या झेंपू जूनियर्स के लिए है,जिसे सीनियर्स बड़े हक के साथ यूज करते हैं. BOND का फुल फॉर्म पूछा जाता है. 'B ऑफNth Degree' नहीं बता पाए, तब तो आपकी खबर ले ली जाती है. बताने पर और मुसीबत.'पितातुल्य सीनियर्स के सामने गाली देता है? इतनी हिम्मत?' 'सारी भैया'. 'भैया कौनबे... सर बोल @#$%!'ये एक ऐसा वार्तालाप है, जो हर कोई कम से कम एक बार तो जरूर करता है.6. RD: राम धनी की दुकानफर्स्ट इयर के लिए इसे रैगिंग डिपार्टमेंट बोला जाता है. इसमें सुप्रीम कोर्ट केएंटी रैगिंग वाले ऑर्डर निषिद्ध हैं. ये दुकान पच्चास साल से भी पुरानी है. RDपैसों से ज्यादा भरोसे पर चलती है. फर्स्ट इयर में कुछ लौंडे गड़बड़ करते हैं पैसेदेने में, लेकिन RD जी की शकल इतनी प्यारी और मासूम है कि पैसे देना कोई नहींमटियाता. मिनी कैंटीन होने के साथ ही RD मिनी कोर्ट भी है. कितनी ही दोस्तियों केबनने-टूटने का साक्षी है RD.'RD पे आजा.' 'चल, RD चलते हैं.'7. पोथा और पॉलीपोथे पिलाना मतलब मोटिवेशनल टाइप बोलने की कला. कहीं भी शुरू. शुरुआती दिनों मेंइनकी खूब चलती है. ये कोई भी वाक्य 'One who is…' या 'One who has…' से ही शुरूकरते हैं. कॉलेज के फेस्ट यही ऑर्गनाइज कराते हैं. पॉली मतलब पॉलिटिक्स. पोथेबाजलौंडे ही पॉली में जाते हैं.'भाई प्लीज, पोथे ना दे.' 'इंटरव्यू कैसा गया बे?' 'माल गया. पोथे दे आया. पता नहींहोगा की नइं होगा?' 'हो जाएगा बे. मटियाओ मत. चल RD पर चाय पिला.'8. भौकाल और रौलाकनपुरिए इसे 'पउआ होना' बोलते हैं. उसी तरह यहां लौडों का रौला होता है. भौकाल तोथोड़ा सा वासेपुर कनेक्शन की वजह से भी है. भौकाल तो हमारा है ही. हो भी क्यों न.फजलू भइया और सरदार खान पड़ोसी हैं हमारे शहर के. इसके अलावा 'जय मां काली ISMभौकाली' नारे का भी एक अलग ही इतिहास है. कुछ भूतपूर्व सीनियर्स द्वारा नशे मेंधुत्त होकर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में हारने के बाद भी IIT कानपुर के कैंपस मेंजोर-जोर से यही नारा चिल्लाने पर सदैव के लिए ब्लैकलिस्ट होने के अलावा संभवतः कोईऔर कड़वी याद नहीं है.9. तुमसे न हो पाएगाGOW (गॉड ऑफ वार नहीं, गैंग्स ऑफ वासेपुर) रिलीज होने के बाद से ही इस डायलॉग परहमारा हक बन गया था. नया-नया ही जुड़ा है हमारी डिक्सनरी में, पर फ्रिक्वेंटली यूजहोता है. कैंपस प्लेसमेंट के समय का एक प्रसिद्ध डायलॉग 'कंपनी और भगवान का कउनोभरोसा नहीं. किसी को भी उठा सकते हैं.'--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:लच्छिमी मैया के नाम रामनगरी के एक देहाती का पत्रमांग में सिंदूर भरने की शुरुआत की एक कहानी, जिसे बेहद कम लोग जानते हैंजब ‘मॉब लिंचिंग’ का शिकार होते-होते बचे हबीब तनवीर!कहानी उस हिरण की, जिसका राम के जन्म पर भोज हुआ थालोना चमारिन, जिसने आपके बाप-दादा का भला चाहा, कौन हैं?--------------------------------------------------------------------------------वीडियो देखें: