शिवसेना का एक अपना ही तरीका है. वो जब चाहे, जिसे चाहे गरिया देती है. उनके रडारपर कोई भी, कभी भी आ सकता है. उनका अख़बार ‘सामना’ बदनाम है इस बात के लिए कि उसमेंहद दर्जे की तीखी भाषा में आलोचना की जाती है. बिलकुल देसज मराठी में जम के ख़बर लीजाती है लोगों की. कहते हैं कि ‘सामना’ की जितनी भी रीडरशिप है वो महज़ उनकेसंपादकीय लेखों की वजह से है. जिन्हें वो ‘अग्रलेख’ कहते हैं. आज के सामना के‘अग्रलेख’ में उनका नज़ला सेना पर गिरा है. सोमवार को अखनूर में हुए आतंकी हमले केबाद शिवसेना के निशाने पर अब सेना आ गई है. उसने सेना के लिए नसीहत जारी कर दी हैकि वो सत्ताधीशों की चमचागिरी ना किया करें. नोटबंदी के बाद हुए शहीदों की सहीसंख्या जारी करें. ‘हा हल्ला काय सांगतो?’ (ये हमला क्या कहता है?) टाइटल से ये लेखआया है. शिवसेना कह रही है कि नोटबंदी से पाकिस्तान पर रत्ती-भर भी फ़र्क नहीं पड़ाहै और उसकी साजिशें लगातार जारी हैं. नोटबंदी से हुआ नफा-नुकसान तो आने वाला वक़्तबताएगा लेकिन ये राष्ट्रीय कम राजनीतिक विषय ज़्यादा है, इसलिए इस कीचड़ में सेना नाही उतरे तो बेहतर. इससे उसकी ही जगहंसाई होगी. आगे शिवसेना ने मांग की है कि सेनाकल के हमले में मारे गए तीन सैनिकों को मिलाकर कुल कितने जवान शहीद हुए हैं इसकासही सही आंकड़ा दे. सेना ने जानकारी दी थी कि नोटबंदी के बाद कश्मीर में आतंकी हमलोंमें 60 से 70 प्रतिशत की कमी आई है. इस स्टेटमेंट के आने के 24 घंटों के अंदर हीअखनूर में बड़ा आतंकी हमला हुआ. तीन जवान शहीद हुए. शिवसेना लिखती है कि पहलेआतंकवादी सार्वजनिक जगहों पर हमलें किया करते थे. लेकिन अब वो सीधे सैनिक ठिकानोंको निशाने बना रहे हैं. क्या इसे नोटबंदी के बाद आया हुआ बदलाव माना जाए? नोटबंदीके प्रचार में जो सबसे बड़ा फ़ायदा गिनाया जा रहा था वो ये था कि आतंकियों पर लगामकसी जा सकेगी. उनकी फंडिंग रुक जायेगी. लेकिन ऐसा होता हुआ दिख नहीं रहा. 8 नवंबरके बाद मणिपुर जैसे राज्यों में भी आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. क्या येनोटबंदी का उल्टा असर है? शिवसेना प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने से भी नहींचुकी है. बकौल शिवसेना नोटबंदी का अगर कोई फायदा नज़र आ रहा है तो वो ये किप्रधानमंत्री ने कोई बड़ा विदेशी दौरा नहीं किया है. इसके अलावा तो और कुछ ढंग काहुआ हो ऐसा नहीं नज़र आ रहा. सोमवार को कश्मीर में हुआ हमला क्या कहता है! पाकिस्तानकी मस्ती कम नहीं हुई है बल्कि उसकी साजिशों में इज़ाफा ही हुआ है. अगर पिछले सालभरके आंकड़ों पर गौर किया जाए तो अब तक 60 जवान शहीद हुए हैं. 2014 और 2015 की तुलनामें लगभग दोगुना. अगर नोटबंदी से पाकिस्तान पर असर हुआ है तो चीन की दादागिरी कासेना के पास क्या जवाब है? उसकी जो अरुणाचल, लेह, लद्दाख में घुसपैठ जारी है उसकेलिए ज़िम्मेदार कौन? अपनी तल्खी को और धार देते हुए आगे ये ‘अग्रलेख’ कहता है: “सेनापर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करने की हमारी मंशा नहीं है. हम तो खुद चाहते हैं इसकीचड़ में सेना को ना खींचा जाए. लेकिन सेना को भी इस बात की फ़िक्र करनी होगी कि इसगंदगी के छींटे उसकी वर्दी तक ना पहुंचे. अगर सत्ताधारी लोग अपने मतलब के लिए सेनाको इस गंदे पानी के नाले में खींच रहे हैं तो सेनाप्रमुख को सावधान रहने की ज़रूरतहै. पाकिस्तान पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर ने संघकी झोली में डाला और यूपी चुनावों में बीजेपी के लोग खुद ही बधाइयां बटोर रहे हैं.ये पूरा सिलसिला ही हैरान करने वाला है. अगर इतनी ही हिम्मत है तो भाजपा वाले देशमें समान नागरिक क़ानून ले आएं. राममंदिर बांध कर दिखाएं. कश्मीर के आर्टिकल 370 मेंआग लगाकर उसकी राख़ धर्मांधों के मुंह पर मल कर दिखाएं. अगर ये हो पाया तभी देश काभविष्य निर्माण होगा. नोटबंदी के गुण-दोष तो आनेवाला समय बताएगा लेकिन इससे जुडीराजनीति में हिस्सा लेकर सेना अपनी हंसी ना उड़वाए इतना ही हमें कहना है." गौरतलब हैकि शिवसेना भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक सहयोगी है. महाराष्ट्र सरकार में उसकीपार्टनर तो है ही, साथ ही विचारधारा के फ्रंट पर भी दोनों ही पार्टियां प्रखरहिंदुत्व की झंडाबरदार है. लेकिन इधर कुछ दिनों से शिवसेना में एक बात को लेकरहडबडाहट साफ़ दिखाई दे रही है. हिंदुत्व के संरक्षक के रूप में उसकी मेहनत से बनाईछवि को भाजपा ने हाईजैक कर लिया है. महाराष्ट्र में शिवसेना जो हमेशा ड्राइविंग सीटपर रही है, अब बैकसीट पर बैठने को मजबूर हो गई है. ऐसे में उपजी बौखलाहट उसे भाजपापर हमलावर होने को उकसाती है. ताज़ा मामला भी इसी सिलसिले की एक कड़ी मालूम पड़ता है.जिस कहानी में सेना और मोदी दोनों तत्व हो उसका मसालेदार होना तो लाज़मी है ही.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़िएक्या हुआ जब बाल ठाकरे के हाथ में मुंबई का रिमोट आया?गाय की 'रक्षा' करेंगे लेकिन इंसान के साथ जानवरों से बुरा सुलूक करेंगेडियर शिवसेना, नवाजुद्दीन का ये वीडियो भी बैन कर दो