शिवराज सिंह चौहान की पुलिस ने जहां पर सिमी के आतंकवादियों का एनकाउंटर किया है,उस जगह का इतिहास बड़ा रोचक है. भोपाल के पास ही है ये जगह.--------------------------------------------------------------------------------यहां पर एक नदी बहती है हलाली. हलाली नदी का मतलब है कत्ल की नदी. क्योंकि एक वक्तये नदी लोगों के खून से लाल कर दी गई थी. इस नदी का एक और नाम है. बाणगंगा. कभी इसेथाल भी कहते थे.--------------------------------------------------------------------------------ये कहानी है दोस्त मुहम्मद खान की. जिसने भोपाल का शहर बसाया था. दोस्त मुहम्मद एकअफगान था. 1703 में मुगल सेना में भर्ती हुआ. दिल्ली में. तेज था. आगे बढ़ा. मालवायानी मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास तरफ का नायब बना. औरंगजेब की मौत के बाद खुद कोस्थापित करने लगा. आस-पास के राजपूत राजाओं को भी अपनी ओर मिलाने लगा. मंगलगढ़ कोअपने साथ मिला लिया उनके घर में शादी कर के. जब मुगलों के खिलाफ छोटे-छोटे राजाखड़े होने लगे और सैयद बंधु किंगमेकर बनने लगे तब वो उनके साथ हो गया. एक लड़ाई मेंउसने सैयद हुसैन अली खान बारहा की जान भी बचाई थी. इसके बाद जब सैयद बंधु मजबूत हुएतो इसने भी खूब फायदा उठाया. गोंड रानी कमलावती से भोपाल गांव लिया और इसे बसानेलगा. रानी के मरने के बाद उनके राज्य को भी मिला लिया. इसी क्रम में मंगलगढ़ केआस-पास के राजा दोस्त मुहम्मद से भिड़ने लगे थे. तो परसांव के ठाकुर ने होली मेंदोस्त मुहम्मद को खबर दी कि लड़ने का फायदा नहीं, दोस्ती कर लेते हैं. तय हो गया किमिलेंगे. पर दोस्त मुहम्मद ने अपना एक जासूस ठाकुर के यहां भेज दिया था भिखारीबनाकर. भिखारी ने पता लगा लिया कि ठाकुर के लोग नशे में डूबे हुए हैं. लड़ने लायकनहीं हैं. दोस्त मुहम्मद ने सबको बंदी बना लिया.--------------------------------------------------------------------------------1715 में देवड़ा के राजा नरसिंह देव चौहान का बड़ा नाम हुआ. जगदीशपुर के नाम सेइन्होंने अपना सुरक्षित ठिकाना बनाया था. दोस्त मुहम्मद को इनसे डर था. इससे पहलेकि बात बढ़े, इसने नरसिंह देव को खबर भेजी कि दोस्ती कर लेते हैं. दोनों तरफ के16-16 लोग जगदीशपुर में मिले. बाणगंगा नदी के किनारे टेंट डाला गया. लंच हो रहा था.अचानक दोस्त मुहम्मद बाहर निकला और बोला कि पान खा के आता हूं. पान खाना हिंट था.इनके सिपाहियों को. जो वहां पहले से छुपे हुए थे. कहते हैं कि बाणगंगा नरसिंह देवऔर उनके लोगों के खून से लाल हो गई. तभी इसका नाम पड़ा हलाली. जगदीशपुर का नामइस्लामनगर कर दिया गया. यही दोस्त मुहम्मद का नया ठिकाना बन गया.--------------------------------------------------------------------------------रानी कमलावती की कहानी भी ऐसी ही है. कमलावती पर चैनपुर-बारी के आलम शाह की नजर थी.क्योंकि कमलावती अपनी खूबसूरती और बहादुरी के लिए प्रसिद्ध थीं. आलम ने हमले का मनबना लिया. तो कमलावती ने दोस्त मुहम्मद को एक लाख रुपये देने का वादा किया. साथ हीराखी भेजी. दोस्त मुहम्मद ने आलम को हराया और मार दिया. धीरे-धीरे वो कमलावती केराज्य का कर्ता-धर्ता बन गया. कहते हैं कि उनके रूप पर वो भी फिदा थी, पर वचन जोनिभाना था. पर 1723 में रानी ने आत्महत्या कर ली. दोस्त मुहम्मद ने उनके बेटे नवलशाह को मदद करने की बात की. नवल के महल में अपनी सौ नौकरानियां भेज दीं. पर वोनौकरानियां नहीं, सैनिक थे. उन लोगों ने नवल को मार दिया. गोंड राज्य दोस्त मुहम्मदने हड़प लिया. कहानी ये भी है कि दोस्त मुहम्मद ने रानी को शादी के लिए मजबूर कियाथा. तो रानी उससे मिलने आईं. जहर लगे कपड़े पहनकर. और दोस्त मुहम्मद को मार दिया.--------------------------------------------------------------------------------भोपाल के इसी खानदान के नवाबों की बीवियों को नवाब बेगम कहा जाता था. बाद मेंइन्हीं में से एक बेगम हुईं साजिदा सुल्तान. इनकी शादी हुई पटौदी के नवाब इफ्तिखारअली खान से. जिनके बेटे थे मंसूर अली खान पटौदी. सैफ अली खान इनके बेटे हैं. --------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें -मध्य प्रदेश 'एनकाउंटर' का तीसरा वीडियो, जिससे पूरी पिक्चर क्लियर हो गई हैभोपाल एनकाउंटर में सबसे ट्रैजिक कहानी है हेड कॉन्स्टेबल रमाशंकर की!भोपाल जेल से फरार संदिग्ध आतंकियों का एनकाउंटर, आठों हलाकखून से लाल होकर बाणगंगा बनी हलाली नदी, जहां सिमी के लोगों का एनकाउंटर हुआ