लौलेस हमारी जानकारी में इकलौते आधुनिक दार्शनिक बचते हैं. हुलिया सुनो. फॉर्मल फटीपैंट-शर्ट. कंधे पर अंगौछा. मुंह में पान. महीन मूंछें. यह जीव प्रायः गांव के बड़ेचौराहे पर स्थित कल्लू चाट भंडार पर पाया जाता है. लौलेस इतना ज्यादा उस दुकान पररहते हैं कि वो दुकान अब कल्लू से ज्यादा लौलेस के नाम से चल रही है. अगर कल्लूसुबह दुकान खोलें और अगले 5-7 मिनट में अपना हर जरूरी काम निपटाकर लौलेस वहांउपस्थित न हो जाएं, तो कल्लू अपनी बोहनी नहीं करते. कल्लू उनको लक्की लौलेस कहतेहैं. लौलेस लक्की हैं भी उस दुकान के लिए. जो भी वहां आता है, उनको खिलाने के बहानेखुद भी खा जाता है. पैसा भी दे जाता है. लौलेस को दार्शनिक इसलिए बताया कि दुनियाके हर मुद्दे पर उनकी गजब नॉलेज है. समाज, राजनीति, डागडरी, वकालत, गैस सिलेंडरऑनलाइन आवेदन, अंतरराष्ट्रीय रक्षा समझौता, सर्जिकल स्ट्राइक, ब्रिक्स सम्मेलन,बलूचिस्तान- नर्मदा झगड़ा सब कुछ. दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग मियां खलीफा को भीजानते हैं. लेटेस्ट नजर रख रहे हैं अमेरिकी चुनाव पर. वो चुनाव जिसमें हिलेरी-ट्रंपदिनो-रात घपड़चौथ मचाए हैं. ट्रंप वहां जीतने के लिए इंडिया कार्ड खेल गए हैं. जोकहि रहे थे कि हम जीते तो इंडियन को भगा देंगे. अब पूछो हमको इतना कैसे पता? अमाऊपर से का सत्तनारायऩ की कथा सुना रहे हैं हम? लौलेस दी दार्शनिक हमको बताए हैं.हमने उनसे जब पूछा कि यार लौलेस, ये बताओ कि सगरी दुनिया हल्ला है. अमेरिकाअमेरिका. टिरंप टिरंप. लिस्टिकल वाली वेबसाइट, अखबार, टीवी भरा पड़ा है. लेकिन अपएंगांव देहात की पब्लिक कवनो भाव नहीं दे रही है. आखिर थोड़ा बहुत तो पता होना चाहिएदुनिया जहान का. लौलेस (दांत में उंगली से चूने का टुकड़ा काटते हुए): बलबलाने सेकुछ उखड़ा है क्या दुनिया में? टिरंप का सोचेन कि नरेंद्र मोदी के आदमी से अपनाभासन लिखवा लें. बस छा जाएंगे. जैसे मोदी की लहर लहलहा गई, उनकी भी हवा चल जाएगी?चल नहीं जाएगी बाबू साहेब, हवा निकल जाएगी. अपएं यहां आदमी है सयाना. साफ साफ कहरहे हैं बुरा लगे कि भला. और वो लोग निपट घोंघा हैं. बताओ, उनके इलेक्सन में नसमीकरण, न ध्रुवीकरण, न बांभन ओट, न यादव ओट. उसमें कौन सा बहाना है कि हमए आपकेजैसा आम पब्लिक उसकी बात करे. न तो वहां के उम्मीदवार बुलेरो में बड़े हारन बंधाकरयहां की पब्लिक को फोकट में टहलाएंगे. जिनमें गाना बज रहा हो इंसान का इंसान से होभाईचारा. यही पैगाम हमारा. उनका पैगाम ये भी नहीं है कि पोलिंग की पूर्वसंध्या परदेसी दारू बंटवा दें. नोट बांटने की अफवाहें तक नहीं आ रहीं खबर की तो बात छोड़ो.सिर्फ बड़ा बड़ा भासन देने से क्या होगा? वो हमारे पीएम की बराबरी थोड़ी ना करलेंगे. उनको पता भी न होगा कि यहां टिरंप का कितना बड़ा जनाधार है. यहां लोग उनकोजिताने के लिए हवन सवन करा रहे हैं. लेकिन वो एक सीसी दारू के भी कर्जी नहीं बननाचाहते. इतनी कंजूसी से काम नहीं चलता भैया. बने रहो महाशक्ति. पानी की तरह पइसाबहाओ बेट्टा टिरंप लेकिन हमारे यहां की विधायकी में भी तुमसे ज्यादा हर्जा खर्चाकरते हैं, ये जान लेओ.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: डॉनल्ड ट्रंप तो इंडिया और हिंदुओं के जबरा फैन निकले जो भी अमेरिकाका अगला राष्ट्रपति बने, वो 100 दिन में मोदी से मिल ले, वरना... हिलेरी-ट्रंपछोड़ो, अमेरिका की असली प्रेसिडेंशियल डिबेट ये वाली थी