कुदरत ने बड़ी हिकमत से संसार बनाया है. हर परिवार को एक गुस्सैल फूफा दिया है. एकगुड्डू मामा दिया है. और हर घर को एक 'चीजें सुरक्षित रखने वाला' आदमी दिया है.इसकी ज़िंदगी का एक्कै मकसद होता है, जो भी हाथ लगे उसे सुरक्षित कोने पर रखो.बरामदे में चलते हुए पैर से झाड़ू छू जाए तो उसे लोहे वाले बक्से के पीछे सुरक्षितकर देते हैं. कुर्सी पर चक्कू रखा दिखे तो उसे भी सुरक्षित करते हैं. लेकिन उससुरक्षा कार्यक्रम में ये सुनिश्चित करके रखते हैं कि जो चीज इन्होंने सुरक्षित रखीहै, वो वक्त पड़ने पर घण्टा न मिले. घर में बिजली का कोई तार चर्र चर्र कर रहा है.आपको बोर्ड खोल के वो तार सही से बांधना है. अब ज़रूरत है एक स्क्रू ड्राइवर की.यानी पेचकस. via GIPHY आप पूरे घर के खिलाफ सर्च वारंट जारी कर दीजिए. सघन तलाशीअभियान चलाइये. सर्च ऑपरेशन के लिए सेना की दो टुकड़ियां मंगा लीजिए. घर में रखी एकएक चीज़ मिल जाएगी. आप 3 साल की उम्र में जो स्वेटर पहनते थे वो मिल जाएगा. 20 सालपहले नमकीन फांककर उसका जो रैपर पूजाघर में फेंका था वो मिल जाएगा. मरी हुई नानी केऊनी मोज़े मिल जाएंगे. परदादा के निब पेन से लिखे हुए लव लेटर लीक होकर सामने आजाएंगे जो उन्होंने इस जमाने में गांव की सबसे खूबसूरत लड़की को लिखे थे. चिंटूदद्दा की शादी का कार्ड मिल जाएगा. गौरतलब है कि अब उनके एक 17 साल की लड़की और 14साल का लड़का है. लकड़ी वाले बक्से के नीचे चूहे के जीवाश्म मिल जाएंगे. ये तकरीबन 3साल पहले रखे गए चूहामार दवाई की भेंट चढ़ा था. हफ्तों बदबू आयी थी लेकिन लाश नहींबरामद की का सकी थी. यानी आपको घर की उस सूक्ष्म खुदाई में पाषाण काल के हथियार औरडोडो के पंख भी मिल सकते हैं, लेकिन वो पेचकस नहीं मिलेगा. क्योंकि वो तो सुरक्षितरखा है. और रखने वाले को भी नहीं याद है कि कहां रखा था. कई बार उस आदमी के साथरहने वालों पर भी इस वायरस का तगड़ा असर होता है. कभी कोई काम पड़ जाए जहां पासपोर्टसाइज फोटो लगना हो तो देखो. ये तकरीबन 4224 बार फोटो खिंचा चुके होते हैं. हर बारएक फोटो यूज़ किया होता है बाकी सुरक्षित रख देते हैं. अब सुरक्षित रखी चीज़ तो तभीमिलेगी जब विश्व युद्ध होगा और लोग घर छोड़कर पलायन कर रहे होंगे. via GIPHY ये 2000की नोट से ज़्यादा सिक्योरिटी फीचर्स से लैस लोग कहीं आसमान में नहीं बनते. इसीदुनिया से आते हैं. इनको लगता है कि सामने गली से निकल रहा हर आदमी हमारे घर की तरफदेख रहा है. वो चोर है. अगर हमने घर के सामने टूटे चावल भी सूखने के लिए डाले हैंतो ये चुरा ले जाएगा. इसलिए सुरक्षित करते हैं भई. टीवी पर खबरें देखते वक्त येआदमी सतर्क रहता है. किम जोंग उन ने न्यूक्लियर बम कहीं इसलिए तो नहीं बनाया कि उसेहमारे घर पर फेंक कर उसके धुएं में पूरे घर की चप्पलें बटोर ले जाये. ये फोन चार्जकरने के बाद चार्जर सॉकेट से निकालकर सुरक्षित रख लेते हैं. अगले दिन पूरे घर कासामान निकालकर गली में फेंकना पड़ता है क्योंकि चार्जर नहीं मिल रहा. यहीं तो रखाथा. कोई आया भी नहीं. कहां गया साला. घर से निकलना है. बाहर सुर्रा हवा चल रही,कोहरा पड़ रहा है. टोपी लगानी है लेकिन मिल नहीं रही. कहीं सुरक्षित रखी है. viaGIPHY--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:ब्लेड का डिज़ाइन ऐसा क्यों होता है?जब बनारस के घाट पर रात को ढाई बजे हम अघोरी देखने गएयार, लड़कियों की शर्ट में बटन बाईं तरफ क्यों होते हैं?इस गणतंत्र दिवस पूरे देश ने झेली ये अनोखी मुसीबतेंअब एक वीडियो भी देख लो: