मुरादाबाद की ट्रेनो... रेखा कब आएगी?
रेखा के हाथ में एक जादू था. वो पानी भी बेस्वाद उबालती थी. शायद उसके पास कोई सीक्रेट मसाला था जिसे अच्छे-खासे खाने में डालकर एक सेकेंड में बेस्वाद बनाया जा सकता था. उसका खाना खराब था लेकिन भूख और निर्भरता का वजन उस दिन थोड़ा ज्यादा निकला. रेखा सिर्फ वही चीजें अच्छी बना पाती थी जो उसे खुद खाने में अच्छी लगती थीं. वो आती किचन रूपी लैब में कुछ प्रयोग करती और हम चूहों को खिला देती.
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उसका रहना हमें सजीव बनाता है.
Story Summary
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