विनीत दी लल्लनटॉप के रीडर और पक्के वाले दोस्त हैं. बलिया से हैं. जहां सेचंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने थे. उन्हीं ने देवस्थली विद्यापीठ स्कूल खोला थाजिस स्कूल में पढ़े हैं विनीत. आजकल मुंबई में रहते हैं और वहीं से दुनिया देख रहेहैं. अपने देखे सुने का तमाम एक्सपीरिएंस लल्लन के साथ भी बांटते हैं. अपने दोस्तमकालू से परेशान रहते हैं, उसके किस्से भेजते हैं. आप भी पढ़िए.--------------------------------------------------------------------------------अभी ऑफिस में ही था लेकिन थोड़ा थक गया तो बाहर निकल आया. आज कल ऑफिस में बहुत कामहै. एक्चुअली क्या है कि मैं बहुत ही जिम्मेदार टाइप का कर्मचारी हूं तो हर काम मेंबढ़-चढ़ कर हिस्सा लेता हूं. मने इतना बढ़-चढ़ कर कि कई बार दूसरों का काम भी कर देताहूं. कभी कभी तो बॉस को आकर बोलना पड़ता है कि पहले खुद का काम तो ढंग से ख़तम कर ले.खैर, किसी भी आम भारतीय कि तरह मैं भी थकान मिटाने के लिए ऑफिस के सामने वाली चायकी दुकान पर ही जाता हूं. आज वहां पंहुचा तो देखा मेरा दोस्त मकालू पहले से ही वहांबैठा चाय गटक रहा था. उससे मुलाकात होने का मतलब है अपना ब्लड प्रेशर बढ़ाना सो मैंझटके से वापस मुड़ गया. लेकिन देर हो चुकी थी.मुझे देखते ही बोला - गुरु चाय तो पीते जाओ.नहीं नहीं कुछ काम याद आ गया है, बाद में आकर पी लूंगा - मैंने पीछा छुड़ाने कीकोशिश की.बहुत मेहनत कर रहे हो आज कल. चेहरा देखकर तो लग रहा है कि ज्यादा दिन तक नहीं जीपाओगे. देखना कहीं सैलरी आने से पहले यमराज लेने न आ जाएं - बोलते हुए मकालू हंसनेलगा.मैं पीछे मुड़ा और सीधे उसके पास गया. मन हुआ साले का टेटुआ दबा दूं. इतना ज्यादाकोई बोलता है भला. लेकिन उससे पहले ही मकालू ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे खींचा और चायवाले की बेंच पर बिठा लिया.मैंने कहा - मकालू आज के बाद मुझसे ऐसी वाहियात बात नहीं करना. और एक बात आज गांठबांध लो. मैं मेहनत इसलिए करता हूं क्योंकि ऑफिस में मेरे ऊपर बहुत जिम्मेदारी है.वहां मेरी बहुत इज़्जत भी है. मेरी हर बात वहां सुनी जाती है. और मार्च में मेराप्रमोशन भी होने वाला है. फिर मेरा एक सेपरेट केबिन होगा. और फिर मैं तुम सबको दावतदेने का भी सोचा है और वैष्णो देवी के दर्शन करने भी जाऊंगा. मई में ट्रेन की टिकटभी बुक है.कु विमकालू और भी जोर से हंसने लगा. बोला - गुरु तुम सिर्फ थके हुए नहीं हो बल्कि थकेलीआत्मा हो गए हो.मतलब?बोला - कुमार विश्वास को जानते हो?कोई दीवाना कहता है??हां वही वाला, लेकिन अब वो भाई पागल बनकर घूम रहा है. और उसकी आज बेचैनी को बच्चाबच्चा समझ रहा है- मकालू अभी भी हंस रहा था.तो उससे मेरा क्या लेना देना है?मकालू बोला - गुरु बहुत लेना देना है. कवि महोदय को भी तुम्हारी तरह ही गलतफहमी होगयी थी कि उनका प्रमोशन होगा और अलग से केबिन मिलेगा राज्यसभा में. पर अब जब उनकोअप्रेजल लेटर मिला है तब समझ आया कि बॉस ने सालों साल काम करा के कर्रा वाला काटदिया है. जब तुम दोस्तों रिश्तेदारों को पार्टी का न्योता दे चुके होते हो और दर्शनका प्लान भी बांध चुके होते हो और उसके बाद इतना बड़ा वाला कटता है तो फिर कंपनी सेरिजाइन करने के अलावा कोई चारा नहीं बचता.लेकिन ऐसा क्यूं होता है? ये तो गलत है.गुरु जो तुम्हारे फटे में सुई धागा लेकर सिलता है न वो ही तुम्हारा सच्चा हितैषीहोता है. एनडी गुप्ता नाम का प्रत्याशी दो साल से केजरीवाल का 'सीए' था. और दूसरावाला सुशील गुप्ता सुई धागे की सप्लाई को निर्बाध रूप से संचालित कराता था. अब तुमअपना देख लो किस केटेगरी में आते हो - बोलते हुए मकालू उठा. चाय वाले को पैसे दिएऔर फिर मेरी तरफ मुखातिब होकर बोला- और अगर संजय सिंह वाली केटेगरी की सोच रहे होतो याद रखना कि कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी खुद को उसीकेटेगरी में रखते थे.मकालू चला गया है. मैं चार बार चाय पीने के बाद अब ऑफिस कि तरफ बढ़ा हूं लेकिन मेरेपैरों की रफ़्तार थोड़ी धीमी हो गयी है. जबकि दिमाग में प्रमोशन वाला हिसाब किताबतेजी से चल रहा है. मकालू की बातें कान में धरिए और योगी जी का इंटरव्यू देखिए,फुल्ली लल्लनटॉप--------------------------------------------------------------------------------मकालू के और किस्से:'रात में बाबाओं की दुकान सजाने वाले चैनलों को दिन में ज्ञान देने का कोई हक नहीं'गौरी लंकेश की मौत पर हंसने वालों के लिए सबसे सही बात इस आदमी ने बोली है!‘बराला कांड’ पर सबसे सही बात इस आदमी ने कही है! गाय दूध देना बंद कर दे तो उसका क्या होता है?घर और काम की टेंसन से मुक्ति चाहिए तो बाबा के पास नहीं, मेरे साथ ‘बी बा’ चलो:मकालूक्या पीएम मोदी सच में कभी छुट्टी नहीं लेते?भौकाली अप्रेजल लपकना है तो ‘मकालू कोचिंग’ जॉइन करोसोशल मीडिया पर गालियों से बचना है तो ‘बच्चन अन्ताब’ बन जाओसूट बूट पहना के बिठा देने से कोई पत्रकार नहीं हो जाता: मकालूअगर आप भी सिगरेट और चाय उधार की पीते हैं तो ये पढ़िए!