विनीत दी लल्लनटॉप के रीडर और पक्के वाले दोस्त हैं. बलिया से हैं. जहां सेचंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने थे. उन्हीं ने देवस्थली विद्यापीठ स्कूल खोला थाजिस स्कूल में पढ़े हैं विनीत. आजकल मुंबई में रहते हैं और वहीं से दुनिया देख रहेहैं. अपने देखे सुने का तमाम एक्सपीरिएंस लल्लन के साथ भी बांटते हैं. अपने दोस्तमकालू से परेशान रहते हैं, उसके किस्से भेजते हैं. आप भी पढ़िए.--------------------------------------------------------------------------------कुछ दिन पहले मैं अपने जबरी के दोस्त मकालू के बुलावे पर उसके यहां खाने पर गया था.यूजुअली मैं बहाना बना देता हूं लेकिन उस दिन मैं मना नहीं कर पाया और वजह ये किनवरात्रों के खत्म होने के बाद पहली बार नॉनवेज खाने का मौका मिला था. बगल में हीबैठकर मकालू भौजाई गरम गरम रोटी बना रही थी और एक के बाद एक मैं उनको ठिकाने लगाएजा रहा था."मोदी जी मुझसे भी बड़े अभिनेता हैं- प्रकाशराज." अचानक मकालू ने अपने मोबाइल से येबासी खबर पढी.कसम खुदा की मेरा खाना सरक गया. पहले पानी पी लूं.असल में भाई जी दिक्कत ये है कि मुझसे मोदी जी कि आलोचना सुनी नहीं जाती और आजकल तोलोग विरोध के लिए कुछ भी बोल देते हैं मतलब फैशन बन गया है मोदी जी को गाली देना.गनी मेरी जान सोना नहीं, मार देंगे ये लोगमैंने कहा- वाहियात बात है ये.मकालू बोला- गुरु मेरा भी समर्थन ले लो. चार फिल्मों में काम क्या कर लिया कि कुछभी बोल देते हैं ये लोग. अरे अभिनेता मतलब अभिनय करने वाला. मतलब कभी भी रो देना औरकभी भी हंस देना. वो भी कैमरा और हजारों दर्शकों के सामने और उपर से बिना ग्लिसरीनलगाए. अभिनय मतलब सच्चाई से अलग एक काल्पनिक कहानी के पात्र को ऐसा जीवंत कर देनाकि जनता मंत्रमुग्ध होकर अपना निजी दुख भूल जाए और ये भी भूल जाए कि जो दिखाया औरसुनाया जा रहा है वो दरअसल झूठ है.हां तो क्या गलत है इसमें? मोदी जी भी तो जब ना देखो तब टीवी पर रो देते हैं- इसबार मकालू भौजी थी, मेरी थाली में रोटी डालते हुए बोलीं.भाई साहब मुझे दोबारा सरक गया.पानी....पानी लिजिए- भाभी ने पानी बढ़ाया.मकालू बोला- एजी गवारों जैसी बातें मत करो. नेता और अभिनेता का फर्क समझती हो?मकालू भौजी उखड़ गईं- खूब समझते हैं और भूलो नहीं कि परीक्षा में तुम मेरे पीछेबैठकर ही पास हुए थे. पहले नेताओं की तरह हाथ जोड़े मेरे आगे पीछे घूमते थे औरमैंने शादी करके सत्ता क्या दे दी आज मुझे ज्ञान दे रहे हो?मकालू ने फौरन सरेंडर कर दिया. फिर मैंने कोशिश की- भाभीजी कहां एक तुच्छ एक्टर औरकहां एक इतना महान करैक्टर मोदी जी... कैसी तुलना है ये भाभी जी?मकालू भौजी बोलीं- सही तुलना है. जानते हैं? जितने रंग का मेरे पास ब्लाउज नहीं हैउससे ज्यादा रंग का जैकेट है मोदी जी के पास. अमेरिका वाले ट्रंप के पास भी उतनेरंगों की टाई नहीं हैं. मेरी मलेनिया बहन से बराबर बात होती है. वो बात रही थी.खैर, भाइस मोडूलेसन जानते हैं आप? - भौजाई मुझसे मुखातिब थीं.मैंने कहा- जी, मेरे ख्याल से अपनी आवाज को मंच पर अलग अलग सीन, सिचुएसन और रस केहिसाब से बदलना. कब तेज बोलना है, कब धीरे बोलना है और कब...."काफी हद तक सही जानते हैं आप"- बीच में काटते हुए मकालू भौजाई बोलीं- "दिलीप कुमारऔर देवानंद के बाद मैंने किसी को इतना अच्छा भाइस मोडुलेसन और इतना बढ़िया डायलागडिलीवरी करते देखा है. भाइस पर गजब की पकड़ है मोदी जी की और भाई साहब अब कैमरा कीबात भी कर लेते हैं वरना आप अगला सवाल दागेंगे. मोदी जी सिर्फ कैमरे की तरफ देखतेभर नहीं, बल्कि समूचा लेंस में ही घुस जाते हैं.लेकिन भाभी जी मोदी जी असल जिंदगी में भी असली वाले नेता हैं. वो कौन सा नाटक खेलरहे हैं भला?- आखिरी निवाले के साथ मैंने आखिरी प्रयास किया.नाटक?? भाई साहब फिल्म बनाते हैं वो. सलमान खान की तरह हर एकाध-महीने पर एक नईसुपरहिट फिल्म रिलीज करते हैं मोदी जी- "अच्छे दिन" उनकी पहली फिल्म थी. फिर"स्वच्छ भारत" रिलीज हुई. फिर मेक इन इंडिया, नोटबंदी और जीएसटी और बीच-बीच मेंसर्जिकल स्ट्राइक नाम की शॉर्ट फिल्म भी ले आते हैं. जनता के निजी जीवन में कुछबदले ना बदले लेकिन जनता मंत्रमुग्ध होकर और लाइन लगाकर तरह-तरह के टैक्स और सेसभरती रहती है. अगर आप बिल्कुल बकलोल नहीं होंगे तो आपको जरूर पता होगा कि रसोईगैसकी कीमत कितनी बढ़ गई है?मनमोहन सिंह कि बुराई होती तो फिर भी सुन लेता, लेकिन मोदी जी के बारे में नहीं सुनसकता था. सुना ही नहीं जाता. मुझे गुस्सा आ गया. मैंने कहा- भाभी जी हाथ किधर धोतेहैं?भाभी जी बोलती उससे पहले मकालू बोला- भाई जल्दी से लुंगी में हाथ पोछ लो, चलो मैंतुमको घर छोड़ कर आता हूं.मैं समझ गया था कि मकालू भी मेरे बहाने पतली गली लेकर निकल लेने का बहाना खोज रहाथा.मैंने स्वच्छता अभियान और घड़ी डिटर्जेंट को याद करते हुए लुंगी में हाथ पोछा औरभाभी जी से पीछा छुड़ाया लेकिन अब भी भाभी जी पीछे से दाल से लेकर हरी सब्जी का रेटगिना रही थी. फैशन बन गया है ना इसलिए.मकालू की बातें कान में धरिए और योगी जी का इंटरव्यू देखिए, फुल्ली लल्लनटॉप--------------------------------------------------------------------------------मकालू के और किस्से:'रात में बाबाओं की दुकान सजाने वाले चैनलों को दिन में ज्ञान देने का कोई हक नहीं'गौरी लंकेश की मौत पर हंसने वालों के लिए सबसे सही बात इस आदमी ने बोली है!‘बराला कांड’ पर सबसे सही बात इस आदमी ने कही है! गाय दूध देना बंद कर दे तो उसका क्या होता है?घर और काम की टेंसन से मुक्ति चाहिए तो बाबा के पास नहीं, मेरे साथ ‘बी बा’ चलो:मकालूक्या पीएम मोदी सच में कभी छुट्टी नहीं लेते?भौकाली अप्रेजल लपकना है तो ‘मकालू कोचिंग’ जॉइन करोसोशल मीडिया पर गालियों से बचना है तो ‘बच्चन अन्ताब’ बन जाओसूट बूट पहना के बिठा देने से कोई पत्रकार नहीं हो जाता: मकालूअगर आप भी सिगरेट और चाय उधार की पीते हैं तो ये पढ़िए!