विनीत दी लल्लनटॉप के रीडर और पक्के वाले दोस्त हैं. बलिया से हैं. जहां सेचंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने थे. उन्हीं ने देवस्थली विद्यापीठ स्कूल खोला थाजिस स्कूल में पढ़े हैं विनीत. पढ़ लिख के पथरा हुए तो चले गए बंबई. वहां टाटाकंपनी में कोई बड़ी जिम्मेदारी वाला काम संभाल रहे हैं. अपनी पोस्ट का नाम अंग्रेजीमें बताया है. लेकिन वो इत्ता लंबा था कि हम भूल गए. दोबारा पूछ के कॉपी पेस्ट करदेंगे. उन्होंने लल्लन के लिए बड़े मजे की चीजें लिखी हैं. हमको पढ़के मजा आया, आपभी पढ़िए.--------------------------------------------------------------------------------मेरे दोस्त मकालू ने पीछे से आवाज़ दी, मैने जानबूझ कर अनसुना कर दिया. क्यूंकिइसकी वजह से बहुत लोगों को मुझसे ही दिक्कत होने लगी है. अजीबो गरीब बातें जो करताहै. लेकिन मकालू बहुत बड़ा वाला है. आपकी उम्मीद से भी ज्यादा बड़ा. उसने दौड़ करपीछे से मुझे धप्पा मारा और बोला- दोस्त मुझे नज़रअंदाज़ कर रहे हो? कोई बात नहीं,तुम तो फिर मेरा ज्ञान सुन भी लेते हो, बाकी लोग तो मुझे भगा ही देते हैं. मैनेकहा- बको, आज क्या बकवास है? बोला- गुरु सब कह रहे हैं की मोदी जी कभी छुट्टी हीनहीं लेते, क्या ये सच है? मैने कहा - बिल्कुल सच है, जब से सत्ता संभाली है तब सेआज तक छुट्टी नही ली, तीन साल हो गए और और ये गर्व करने की बात है. मकालू बोला-मैने भी पिछले एक साल में सिर्फ़ दो बार छुट्टी ली है. एक बार मां को देखने का मनथा तब और एक बार घर में शादी थी तब गांव गया था. लेकिन गुरु मोदी जी सारे नेताओं औरउद्योगपतियो के बेटे-बेटियों की शादियां अटेंड करते हैं. और मां से भी घर जाकरबराबर मिलते हैं. इधर मुझे मेरी कंपनी ने अगर काम से कुछ दिनों के लिए स्लीपर बोगीमें जयपुर भी भेज दिया तो आफिस में सभी ऐसे बधाई देते हैं जैसे मैं हनीमून पर जारहा हूं. इधर मोदी जी सबसे बेहतरीन हवाई जहाज़ में पूरी दुनिया घूमते हैं. इधर जबमैं जयपुर रेलवे स्टेशन पर उतरता हूं तो मुझे सिर्फ कुली रिसीव करते हैं. उधर उनकोएयरपोर्ट पर पावरफुल लोग रिसीव करते हैं. फिर उस देश की सबसे बढ़िया साइट देखने भीजाते हैं और फिर बैठ कर नाच-गाने का प्रोग्राम भी देखते हैं. मने सांस्कृतिककार्यक्रम. और इधर अगर मैंने फेसबुक पर चेक-इन भी कर दिया की Enjoying lunch inJaipur तो बॉस पूछता है - अबे तू जयपुर काम के लिए गया था या Enjoy करने? और फिरचुनावी रैलियों में देश का कोई कोना नही छोड़ा जाने से. पूरा-पूरा दिन भाषण देतेथे. तो क्या उस दिन भी On-duty ही रहते होंगे? और अपनी पार्टी सारा कार्यक्रम भीअटेंड करते ही हैं. मैंने बीच मे टोकते हुए पूछा - भाई तू कहना क्या चाहता है?मकालू बोला - दोस्त मैं कहना नहीं बल्कि समझना चाहता हूं की क्या उन्हें हमारी तरहटीवी के सामने बिना मुंह धोए, बिना नहाए, पजामा पहन कर मैगी खाते हुए सोनी चैनल परसूर्यवंशम देखने वाली छुट्टी नही मिल पा रही है क्या? अब मुझे गुस्सा आ गया था,मैंने कहा- आज के बाद मुझसे बात मत करना मकालू, आज तो हद ही कर दिया तुमने और मैंतेज कदमों से आगे बढ़ गया. कौन माथा चटवाए इससे . लेकिन वो जलील आदमी अब भी पीछे सेआवाज़ दिए जा रहा है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:भौकाली अप्रेजल लपकना है तो 'मकालू कोचिंग' जॉइन करोसोशल मीडिया पर गालियों से बचना है तो 'बच्चन अन्ताब' बन जाओसूट बूट पहना के बिठा देने से कोई पत्रकार नहीं हो जाता: मकालूहमारे न्यूज चैनलों में बंदर बिठाकर नाच चलता है: मकालू