The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • Satire by Naveen Choudhary on ban by Modi government on currency notes of Rs. 500 & Rs. 1000

दाऊद इब्राहिम के आदमी चाकू की नोक पर भिखारियों से 100 के नोट लूट रहे हैं

गुड़िया की घर मे पूछ बढ़ गई है क्योंकि आने वाले दो दिन घर का सामान उसकी ही गुल्लक से आना है.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
लल्लनटॉप
9 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 9 नवंबर 2016, 10:53 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

नवीन चौधरी

नवीन चौधरी

नवीन चौधरी प्राइवेट नौकरी वाले हैं. महीने की पंद्रह तारीख को आलपिन डाल बेटे की गुल्लक से छेड़छाड़ करते मिल जाएंगे. उनकी दो खासियतें हैं. पहली ये कि वो आर्यादित्य के पापा हैं, दूसरी ये कि वो हैंडसम हैं. 12 साल से मार्केटिंग के पेशे में है. ये एक लाइन हम पिछले एक साल से लिख रहे हैं.  इनने इस बार जो लिखा है वो पैसे से जुड़ा है. और भी लिखते हैं, ट्विटर हैंडल @naveen1003 पर चौड़ में एक्टिव रहते हैं. इनके पास एक DSLR भी है. दोस्ती बढ़ाने की एक वजह ये भी हो सकती है.


500 ओर 1000 के नोट बंद हो गए. मोदी सरकार के इस सर्जिकल स्ट्राइक ने लोगों को चकित करके रख दिया. चारों तरफ से इस बारे मे खबरें, चुटकुले आने लगे. जिनके पास काला धन है, उनको परेशान होना वाज़िब था, पर जिसकी जेब मे 100 रुपये चिल्लर होते थे, वो भी ऐसे दिखने लगा जैसे सारी परेशानी उसे ही होने वाली है.
कल रात 11 बजे जब बीवी के आदेश पर मैं बर्तन धो रहा था, घर की बत्तियां जली हुई थी. पड़ोसी का फोन आया – चौधरी साहब, नोट गिन रहे हो? एक नौकरीपेशा आदमी जिसकी सैलरी 5 तारीख को ईएमआई, बच्चों की फीस देने के बाद कुछ सौ में ही बची हो उससे 8 तारीख में देर रात ऐसा सवाल पूछना उसका अपमान था. जेब में मेरे 100 रुपये के नौ, 50 रुपये के दो, ओर 10 रुपये के 6 नोट पड़े हुये थे. पर मैंने भी बड़ा परेशान सा होकर जवाब दिया – “हां भाई, अब इतनी रात में कैसे इतने नोट 100 रुपये में बदलवाऊंगा? कोई जुगाड़ हो तो बताओ."
Embed
कल रात मध्यम-वर्गीय लोगों की इज्जत इससे बढ़ रही थी कि किसके पास कितने 1000 के नोट है? जिनके पास नोट न थे उन्होने सिर्फ शो-ऑफ करने भर को कल देर रात तक घर कि बत्तियां जलाए रखी जिससे पड़ोसी समझें कि घर मे नोट गिने जा रहे हैं. जिन पड़ोसियों मे ज्यादा कम्पटीशन था, वहां पर एक-दूसरे से ज्यादा देर तक लाइट ऑन रखने की होड थी भले ही वो बैठे गुड़िया के गुल्लक के पैसे गिन रहे हों.
गुड़िया की घर मे पूछ बढ़ गई है क्योंकि आने वाले दो दिन घर का सामान उसकी ही गुल्लक से आना है. मैंने भी बेटे के गुल्लक से 300 रुपये के सिक्के निकाल लिए. सुबह बाइ-गॉड एकदम फीलिंग रिच सा हुआ पड़ा था. वो लड़के जो लड़कियों को बाइक या कार ना होने की वजह से इम्प्रेस नहीं कर पाते, वो भी कल रात लाइट जला कर अपने घर की फोटो लड़कियों को व्हाट्सएप कर रहे थे. मुहल्ले के वो प्रेमी जो शादी करना चाहते हैं, उनके घर वाले उनके रिश्ते को सिर्फ इस बिनाह पर स्वीकार या अस्वीकार कर रहे हैं कि दूसरी पार्टी के घर में रात लाइट ऑन थी या नहीं.
Embed
गृह मंत्री ने सभी भिखारियों को अगले दो दिनों तक सतर्क रहने एवं बाहर ना आने की सलाह दी है. मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि अगर कोई भिखारी बाहर आना भी चाहे तो अपने साथ एक गाय लेकर निकले. कुछ बड़े भिखारियों ने तो सरकार से Z-प्लस सिक्योरिटी मांगी है.
बड़े नोट बंद होने की खबर का असर माफिया पर भी तुरंत होता दिखाई दिया है. मुंबई से खबर आ रही है कि दाऊद इब्राहिम के आदमी चाकू की नोक पर भिखारियों से 100 रुपये के नोट लूट रहे हैं. इन सब अफरा-तफरी के बीच मात्र एक अच्छी खबर आ रही है कि कई नेता बोरियों में नोट भरकर भिखारियों से 500 से बदले 100 देने की भीख मांग रहे हैं.
सुन रहा हूं अब 2000 रुपये के नोट आने वाले हैं. हम आम लोगों की जेब मेन इस समय तक 1000 ही बचते हैं उन्हे क्या लेना देना इससे. हम नौकरीपेशा लोगों को तो यूं भी अगली सैलरी तक चंद सौ रुपयों से ही काम चलाना है.


 

यार तुम लोग चेतन भगत से इतना चिढ़ते क्यों हो?

मोदी वो हथियार उठा रखे हैं जिसके लिए कृष्ण ने अर्जुन को रोक दिया था

'प्यारे बुद्धिजीवियों, बुरहान वानी कश्मीर वाणी नहीं है'

जिसे तन्मय जोक कहते हैं, उसे हम लोग हिंदी में छिछोरापन कहते हैं

लोग मार्केटिंग वालों से पूछते हैं, सेल्समैन बनने के लिए लाखों खर्च क्यों किए?

 

Advertisement

Advertisement

()