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ये न हुआ होता तो 'खुदा गवाह' में होते संजय दत्त

किसी और की गलती के कारण संजय दत्त को छोड़ना पड़ा फिल्म में अहम किरदार. आज बड्डे है बाबा का.

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29 जुलाई 2017 (अपडेटेड: 29 जुलाई 2017, 05:41 AM IST)
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‘करे कोई भरे कोई’ का कांसेप्ट आदिकाल से चला आ रहा है. किसी एक की गलती की सज़ा किसी दूसरे को भुगतनी पड़ जाए, ये कोई अनोखी बात नहीं है दुनिया के निजाम में. इसी बात का खामियाज़ा कभी संजय दत्त ने भी भुगता था. बात है 1991 की.
निर्माता मनोज देसाई अमिताभ बच्चन और श्रीदेवी को लेकर एक महत्वाकांक्षी फिल्म बना रहे थे. ‘खुदा गवाह’. एक महत्वपूर्ण रोल में संजय दत्त की कास्टिंग भी हो चुकी थी. श्रीदेवी के साथ उनके कुछ सीन शूट भी किए जा चुके थे. लेकिन तभी किसी और का किया उनके आगे आ गया और उन्हें इस फिल्म से हाथ धोना पड़ा.
मामला काफी पेचीदा है. इस फिल्म के डायरेक्टर थे मुकुल एस. आनंद. ‘खुदा गवाह’ की शूटिंग के दौरान ही मुकल एस. आनंद की एक और फिल्म ‘हम’ रिलीज़ होने वाली थी. उसका म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल दे रहे थे. ‘हम’ के रिलीज़ होने के कुछ ही दिन पहले संजय दत्त की फिल्म ‘थानेदार’ रिलीज़ हो गई. यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन परेशानियां तब बढ़ी जब थानेदार का एक गाना तूफानी हिट हो गया – ‘तम्मा तम्मा लोगे’. https://www.youtube.com/watch?v=SK5FdvcLaY0 दरअसल मुकुल एस. आनंद की फिल्म ‘हम’ में भी इसी धुन पर एक गाना रखा गया था. अरे वही आइकॉनिक सॉंग, ‘जुम्मा चुम्मा दे दे’! इसके संगीतकार थे लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल. मज़े की बात ये कि ‘थानेदार’ के लिए बप्पी लाहिरी ने और ‘हम’ के लिए लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इस गाने की धुन को एक अफ़्रीकी गाने से चुराया था. दोनों की ही हरकत चोरी की थी, लेकिन झगड़ा इस बात पर था कि पहले किसने की. खैर जिसने भी की हो क्लेश संजय दत्त की ज़िंदगी में हो गया. https://www.youtube.com/watch?v=9ME4eg7RYTQ मुकुल एस. आनंद को संजय दत्त से ये शिकायत – नाजायज़ शिकायत - हुई कि उन्होंने थानेदार में ‘तम्मा तम्मा लोगे’ को जाने कैसे दिया! उसे रुकवाया क्यों नहीं! संजय दत्त का इस पर जायज़ तर्क था कि फिल्म के संगीत में उसके एक्टर का कोई रोल नहीं होता.
लेकिन बात मुकुल आनंद को जंची नहीं. उनके मन में ये बात बैठ गई कि संजय दत्त ने जानबूझकर वो गाना चल जाने दिया. उस दिन के बाद से उन्हें संजय दत्त के काम में खामियां ही खामियां नज़र आने लगीं. ‘खुदा गवाह’ की शूटिंग के दौरान वो बार-बार उनके अभिनय में कमियां निकालने लगे. तंग आ कर संजय दत्त ने फिल्म ही छोड़ दी.
बाद में संजय दत्त का छोड़ा हुआ रोल साउथ के एक्टर नागार्जुन को मिला. खुदा गवाह उस साल की बड़ी हिट रही थी. दो संगीतकारों के झगड़े के बीच बेचारे संजय दत्त के हाथ से एक हिट फिल्म निकल गई.
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