अमिताभ बच्चन की पुरानी फिल्में देखी ही होंगी. उनमें एक आदमी होता था. हर फिल्ममें पुलिस इंस्पेक्टर बनता था. दुबला-पतला. काफी दिनों तक मैं उसे इंस्पेक्टर हीसमझता था. बाद में पता चला, उस एक्टर का नाम इफ्तखार है.इफ्तखार, जो विजय को डॉन बनाता है और उसे फंसाकर मर जाता है. अक्सर अपनी जीप सेइफ्तखार कारों का पीछा करता था और पीछे से अपनी छह राउंड वाली रिवॉल्वर से अगले काटायर पंक्चर करने की कोशिश करता था. ढिचक्याऊं वाली तीखी आवाज के साथ. लेकिन यहांबात ना तो इफ्तखार की है, ना जीप की, ना उसके आगे भागती कार की. बात है उसके हाथमें छह राउंड वाली रिवॉल्वर की. देसी भाषा में जिसे यूपी में तमंचा कहा जाता है. तोये राउंड वाला तमंचा कहां से आया. किसने इसे बनाया?रिवॉल्वर का इतिहास खोजते पीछे जाएं तो एक आदमी पकड़ में आता है. सैमुएल कोल्ट.अमेरिका में रिवॉल्वर का सबसे बड़ा सौदागर. हालांकि कोल्ट ने कभी रिवॉल्वर काआविष्कार करने का दावा नहीं किया, लेकिन उसने रिवॉल्वर में छोटा सा घूमने वालासिलेंडर जोड़ा था जिसमें गोली भरी जाती थी और बार-बार गोली लोड करने की जरूरत नहींपड़ती थी. इस तरह की रिवॉल्वर को कोल्ट रिवॉल्वर कहा जाता है.सैमुएल कोल्ट1836 में पहली बार उसने इस तरह की रिवॉल्वर का पेटेंट करवाया. कोल्ट ने कहा था किरिवाल्वर में ये सिलेंडर लगाने का आइडिया उसे समुद्र में आया. इससे पहले 16वीं सदीमें जर्मनी की रिवॉल्वर थी, जिसमें एक ही बैरल होती थी और एक ही फायर किया जा सकताथा. बार-बार उसे लोड करना होता था. कोल्ट की रिवॉल्वर आई तो चारों तरफ इसकी धूम होगई. खूब बिकने लगीं और इनसे कोल्ट ने ढेर सारा पैसा कमाया. आज ही के दिन उसनेअमेरिकी सिविल वॉर के दौरान USA को अपनी रिवॉल्वर बेची थी और इसकी वजह से उस परदलाल और घुसपैठिया होने का आरोप लगा. मेकिंग ऑफ़ कोल्ट सैमुएल कोल्ट 11 साल की उम्रमें पढ़ाई के साथ एक किसान के यहां पार्ट टाइम काम करता था. गरीब था. उसे वैज्ञानिकखोजों के बारे में पढ़ने का शौक था. 15 साल की उम्र में उसने अपने पिता के टेक्सटाइलके काम में हाथ बंटाना शुरू किया. इसी दौरान कोल्ट ने बहुत से छोटे-मोटे प्रयोगकरने भी शुरू कर दिए थे.कोल्ट 1951 नेवी ऱिवॉल्वर1830 में वो एक समुद्री यात्रा पर जा रहा था. वो जहाज के व्हील सिस्टम से प्रभावितहो गया जिसमें रस्सियों के सहारे एक पहिए से जहाज को कंट्रोल किया जाता था. उसनेसोचा इस मेकनिज़म का इस्तेमाल बंदूक बनाने के लिए किया जा सकता है. इसी यात्रा केदौरान उसने लकड़ी के एक रिवॉल्वर का मॉडल बनाया. उसने सोचा कि लौटकर एक असली गन बनाईजाएगी.शुरू में उसने एक गन बनाई, जो हाथ में ही फट जाती थी. प्रयोग सफल नहीं रहे. इसकेबाद उसे प्रयोग के लिए पैसे नहीं मिलते थे. नॉर्थ अमेरिका गया और डॉक्टर काउल्ट केनाम से रहने लगा. यहां वो अपना खर्चा-पानी चलाने और प्रयोग के लिए पैसे जुटाने केलिए लॉफिंग गैस का डेमो दिखाता था.कुछ पैसे हाथ में आए तो उसने एक लुहार जॉन पैटरसन से दोस्ती की. उसने पैटरसन के साथमिलकर नए प्रयोग करने शुरू कर दिए. वो घूमने वाले सिलेंडर के साथ ऐसी गन बनानाचाहता था, जिसे चलाने के लिए बार-बार लोड ना करना पड़े और इससे कई राउंड फायर होतेहों. दोनों ने ऐसी रिवॉल्वर बना ली. बाद में कोल्ट को इसे पेटेंट करवाने के लिएबहुत पापड़ बेलने पड़े. उसने अमेरिका में इसके पेटेंट के लिए अप्लाई किया लेकिन उससेकहा गया कि उसे ब्रिटेन से एक फॉरेन पेटेंट करवाना होगा.1835 में वो इंग्लैंड गया. शुरू में ब्रिटिश के अफसर आनाकानी कर रहे थे. लेकिन इसगन में कोई खामी नहीं थी और अपने आप में मौलिक खोज थी. अमेरिका लौटकर उसने फिर सेपेटेंट के लिए अप्लाई किया और उसे अपनी रिवॉल्विंग गन के लिए पेटेंट मिल गया. इसेकोल्ट और उसके दोस्त पैटरसन के नाम पर कोल्ट-पैटरसन नाम दिया गया.कोल्ट-पैटरसनशुरू हुआ हथियारों का कारोबार 1836 में इन रिवॉल्वर को बनाने और बेचने के लिए उसनेबिजनेस खड़ा किया और एक कंपनी खोली. लेकिन शुरू में उसे कोई खरीदार नहीं मिला. उसनेइनकी मार्केटिंग करनी शुरू की. लेकिन फिर भी उसकी कंपनी नहीं चली और उस पर कर्जबढ़ता गया. 1843 में उसकी कंपनी बंद हो गई. फिर लौटा कोल्ट इसी दौरान 1846 मेंमेक्सिको-अमेरिका के बीच सिविल वॉर शुरू हो गया. जाहिर है युद्ध हथियार बेचने वालोंके लिए सबसे सुनहरे मौके होते हैं. और कोल्ट ने भी मौके का फायदा उठाया. टेक्सास केकैप्टन सैमुअल वॉकर ने कोल्ट को 1000 रिवॉल्वर का ऑर्डर दिया.कैप्टन सैमुअल वॉकरकोल्ट इस बात के लिए बदनाम है कि उसने नॉर्थ अमेरिका और साउथ अमेरिका के बीच सिविलवॉर का फायदा उठाया और दोनों को अपनी गन बेची. 4 जनवरी 1847 को उसने पहली बार USAको अपनी रिवॉल्वर बेची. बाद में जब USA को पता चला कि वो साउथ अमेरिका को भी हथियारबेच रहा है तो न्यू यॉर्क टाइम्स और न्यू यॉर्क डेली ट्रिब्यून ने उसे घुसपैठिया औरदलाल तक लिखा.इस दौरान उसे ऑर्डर मिलते रहे. उसने एली व्हिटनी ब्लेक नाम के आदमी के साथपार्टनरशिप की ताकि अच्छी क्वॉलिटी की रिवॉल्वर के साथ-साथ पिस्टल और राइफल्स भीबेची जा सकें. कोल्ट के पहले 1000 रिवॉल्वर के ऑर्डर को 'कोल्ट-वॉकर' कहा जाता था.इसके बाद कोल्ट को फिर से 1000 रिवॉल्वर का ऑर्डर मिला. पैसों की भरमार हुई तो उसनेअपनी एक फैक्ट्री खोली. शुरू हुआ 'कोल्ट एरा' का अंत कोल्ट की कंपनी का नाम थाColt's Patent Fire-Arms Manufacturing Company. अब इसे Colt's ManufacturingCompany कहा जाता है. इसने बाद में लाखों पिस्टल, रिवॉल्वर और राइफल बनाए और अब भीये कंपनी काम कर रही है. माना जाता है कि अपने शुरुआती 25 सालों में कोल्ट की कंपनीने 4 लाख रिवॉल्वर बनाए. राजाओं, अधिकारियों को गिफ्ट करने के लिए वो अलग से स्पेशलरिवॉल्वर बनवाता था, जिन पर कारीगरी की जाती थी.अपनी मार्केटिंग करवाने के लिए उसने अखबारों के संपादकों को पैसे खिलाए और उसका कामना रुके, इसके लिए अधिकारियों को जमकर घूस दी. हथियारों की मार्केटिंग के लिएतरह-तरह के स्टंट अपनाता था. उसने लंदन में जब हथियारों की दुकान खोली तो वहांबोर्ड लगाया ''Colonel Colt's Pistol Factory.'' ब्रिटिश अखबारों में ये खबरहेडलाइन में आ गई थी.1856 को उसने एलिज़ाबेथ जारविस से शादी की और इस शादी में इन्हीं रिवॉल्वर और राइफलसे फायरिंग की गई. एलिज़ाबेथ से शादी से पहले उसने एक और शादी की थी. कैरोलिन हेंशासे. इस शादी से उसे एक बेटा भी था.कोल्ट बाद में अपने काम की वजह से डिप्रेशन में चला गया. इतनी मौतों की जिम्मेदाररिवॉल्वर बाद में उसे खुद नहीं सुहाती थी. अपराधबोध से भर गया. कई बीमारियां होगईं. बाद में 1862 में 47 साल की उम्र में उसकी मौत हो गई. जब उसकी मौत हुई तब वोअमेरिका के कुछ सबसे अमीर लोगों में एक था.कोल्ट ने लोगों के हाथ में मौत का खिलौना थमा दिया. उसे इस बात का घमंड भी हुआ करताथा. कहता था, ''मैंने सुना है कि भगवान ने लोगों को बनाया लेकिन सैमुएल कोल्ट नेलोगों को बराबर बनाया.''--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी निशांत ने की है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़िए:दुनिया की सबसे बदनाम बंदूक और उसे बनाने वाले की कहानी