तो इसलिए क्यूट मोहित ने लॉन्च किया था 251 रुपए का स्मार्टफोन!
आओ एक किस्सा सुनाएं. कि कैसे एक मुंगेरीलाल छाप सपनों से भरे लड़के ने सस्ते फोन का लालच देकर करोड़ों रुपए कमा लिए. बस थोड़ी सेटिग और एक क्रैश वेबसाइट के दम पर.
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फोटो - thelallantop
ये कहानी थोड़ी फिल्मी है. सब्र करके सुनो. तुमको मिलेगा एक हीरो. जो जल्दी से बड़ा आदमी बनना चाहता था. सपने थे. मजबूरियां थीं. नई नई शादी हुई थी. फैमिली का दबाव था. बस किसी बड़े हाथ की जरूरत थी. वो कंधे पर रखा गया बस इसका स्वप्न पल्लव फूट कर निकल पड़ा. फिर गुरू अइसा खेला दिखाया कि सब ताकते रह गए. वो रातों रात बन गया करोड़ों रुपए की कंपनी का मालिक. कहीं दूर आसमान में नटवरलाल की रूह कांप गई. बड़े बड़े चार सौ बीस लोगन का थूक सूख गया. अब भूमिका में ही क्यूरियोसिटी की मैया दैया नहीं करेंगे हम. सीधे स्टोरी पर लेकर चलते हैं.
अब चलें फ्लैशबैक में. धारणा और क्यूट मोहित एक दूसरे को प्यार करते थे. मोहित इंजीनियरिंग कर रहे थे. धारणा ने मॉम डैड को बताया कि मैं इस लड़के से शादी करना चाहती हूं. धारणा की मम्मी हैं वीना गर्ग. रेलवे मिनिस्ट्री में हैं. उन्होंने कहा
फिर घर आना जाना शुरू हुआ. मम्मी ने घर पर कोई प्रोग्राम रखा और क्यूट मोहित को न बुलाया, ऐसा कभी नहीं हुआ. उन्हीं प्रोग्राम्स में कभी मुलाकात हुई IIT के भूतपूर्व छात्र से. साथ में MP से विधायक ओम अंकल से.
मोहित ने ओम अंकल को नमस्ते किया. फिर बातचीत का सिलसिला चल निकला. अंकल ने कहाः
अंकल को अच्छी क्वालिटी के खुशबूदार पेठे और फ्रिज का चिल्ड पानी पिलाया मोहित ने. फिर छोटू को दौड़ा कर थम्सप मंगाई. नाश्ता वाश्ता गटक कर अंकल चले गए.
फिर ऐसी ही एक दो मुलाकातों के बाद क्यूट मोहित ने अपना मल्टी लेवल मार्केटिंग वाला चिट फंड छाप आइडिया उनसे डिस्कस किया. इस बार इक्किस दिन में पइसा डबल करने की बात नहीं थी. कुछ इस तरह प्लान बना.
फिर सितंबर महीने में रिंगिंग बेल्स नाम की कंपनी की नींव पड़ी. जिसकी CEO हैं धारणा गोयल. उसके बाद शादी वादी में दिन कैसे कट गए कुछ पतै न चला. सब थम गया तो फिर जिन्न बाहर निकला. मोहित पहुंचे अंकल के पास.
इसके बाद फिर धूमधाम से लॉन्चिंग हुई फोन की. साइट क्रैश कर गई. खूब जोक्स चले. कि मोहित ने 251 रुपए वाला फोन लॉन्च किया था, ताकि देश में चूतियों की गिनती हो सके. सब बवाल खतम. किस्सा मर खप गया. जिनका पैसा गया वो कह रहे हैं "इत्ता तो स्याला पुड़िया खाकर थूक देते हैं. खाली ढाई सौ रुपैया." कोई कोई ये भी कहता मिला "मेक इन इंडिया के नाम पर तो हम अपना सब कुछ लुटा दें." असली खार खाए जो हैं वो चुप हैं. कुछ वो भी हैं जिनको अब भी उम्मीद है लौट आने की. लेकिन प्लीज. फिर से सोच लो. ये बंदा यहीं है.
(स्टोरी पसंद आई हो तो बता देना. कंजूसी न करना. लेकिन ये सिर्फ फिक्शन है. असली किस्सा अपने अपने दिमाग से गढ़ो और पढ़ो)
251 रुपए का फोन मिलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है भिड़ू
जहर खा लो पर उस लड़के के फेर में न पड़ो जिसके फेसबुक पर क्यूट मोहित लिखा है
सपना था कि सबको फोन भी देंगे मुनाफा भी कमाएंगे, लेकिन हाय
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