दी लल्लनटॉप के दुलरुआ राइटर दिव्य प्रकाश दुबे गए थे चंडीगढ़. वहां उन्हें मिल गएराजू. राजू की हथेलियां तो स्टेयरिंग पर रहती हैं पर निगाहें एक रास्ता तलाशती रहतीहैं. वो रास्ता जो उन्हें मुंबई ले जाए. डीपीडी ने बड़ी देर तक राजू से गुफ्तगू की,जिसे उन्होंने हमें पार्सल कर दिया. लीजिए, बिस्मिल्लाह कीजिए.-------------------------------------------------------------------------------- सुबह अगर जल्दी फ्लाइट लेनी हो तो मुझे रातभर नींद नहीं आती. चंडीगढ़ की फ्लाइटदिल्ली से कनेक्टिंग थी, इस चक्कर में दिन पांच बजे ही शुरू हो चुका था और दिन में3 बजे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचने से पहले तक मैं अच्छा-खासा थक चुका था. चंडीगढ़एयरपोर्ट पर थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला जाने के लिए उतरा. पटियाला से टैक्सी लेनेआई हुई थी. ड्राइवर का नाम था राजू. राजू के चेहरे की झुर्री और सफेद बालों की चमकसे वो 42-43 साल का लग रहा था. राजू से बातचीत शुरू हुई. पता नहीं कहां से गाने परबातचीत आई. राजू ने बताया कि वो रफ़ी साब का बहुत बड़ा फ़ैन है और उनके सारे गानेगा लेता है. उसने बताया कि उसने गाना सीखा है अपने गुरु से. गुरुजी भी रफ़ी के बहुतबड़े फ़ैन थे और उन्होंने अपनी मंडली में एक बंदे को केवल इसलिए रखा हुआ था,क्योंकि वो कभी मुंबई में रफ़ी साब से मिलकर आया हुआ था. मैंने राजू से कहा, 'यार,कुछ सुनाओ'. राजू ने पूछा, 'क्या सुनेंगे सर? गाना, ग़ज़ल या क़व्वाली? आप जो बोलो,वो सुना देंगे'. राजू ने ग़ज़ल जैसे ही ख़त्म की, मैंने पूछा, 'यार, कभी इंडियनआइडल में ट्राई नहीं किया?' राजू बोला, 'किया था सर. मुंबई वाले सेकेंड राउंड मेंनाम भी आ गया था.' इस पर मैंने पूछा, 'फिर क्या हुआ?' 'सरजी 2008 की बात है. 4तारीख़ को जाना था और 1 तारीख़ को बीवी की डेथ हो गई. उसके बाद सर मैं दो सालडिप्रेशन में चला गया. उन दो साल का कुछ याद नहीं.' इसके बाद राजू ने एक मिनट कापॉज़ लिया और बोला, 'She was an teacher sir. 2012 में दूसरी शादी करा दी जी मेरी.'मैंने पूछा, 'उसके बाद इण्डियन आइडल में ट्राई नहीं किया?' तब राजू ने बताया, 'सरमैं 80 बॉर्न हूं. इंडियन आइडल में एज लिमिट 18 से 28 साल की होती है. 2008 मेंमेरे 28 साल पूरे हो गए थे, लेकिन सर कोई टेंशन नहीं है. जगराते गाता हूं. नवदुर्गेमें नौ में से सात दिन बुक था. अकेले दम में रातभर गा सकता हूं.' मैंने पूछा कभीमुंबई आने का मन नहीं किया? इस पर राजू ने बताया, 'जी म्यूज़िक के कोई साब आए थे.अपना नंबर देकर गए हैं, लेकिन सर थोड़ा देखकर जाना पड़ेगा मुंबई. पहले वाली तो टीचरथी. दूसरी शादी वाली बीवी मेरी आमदनी पर डिपेंडेंट है जी. तो उसका कुछ देख लूं.टाइम कितना भी लग जाए सरजी, मुंबई कभी न कभी तो बुलाएगा ही.' राजू जैसे लोगों सेमिलो तो दिन और जिंदगी, दोनों की थकावट दूर हो जाती है. मुझे उम्मीद है राजू को कभीन कभी अपना 2008 का छूटा हुआ मौका दोबारा मिल जाएगा और मौका न भी मिले, तो राजूजैसे लोग आज नहीं तो कल, मौके बना ही लेंगे. मुझे कभी-कभी कोफ्त होती है कि अपनेआसपास की मिडल क्लास मेंटैलिटी से जहां हम अपने बच्चों को एक-दो इंजिनीरिंग मेडिकलएंट्रेंस क्लियर न होने पर जिंदगी भर के लिए हारा हुआ मान लेते हैं. एक सोसायटी केतौर पर हमारी बस एक ही जिम्मेदारी है कि हम अपने आसपास के साथ-साथ अपने अंदर केराजू को हारने न दें. जैसे आनंद कभी मरते नहीं, वैसे ही राजू कभी हारते नहीं.Keep calm & be like Raju. Discover your Raju. Cheers!!!--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: लड़की देखने गए और वहां वो पहले से ही एक लड़के को रिजेक्ट कर रही थी'कोई हिंदी का चेतन भगत बोलता है तो गाली लगती है' मुसाफिर कैफे: 'इस रेशम की थानको पढ़ोगे तो Quotes गिराने लगोगे' दिव्य प्रकाश दुबे की संडे वाली चिट्ठियां‘फांसी लगाने वाले बर्दाश्त करने में आलस कर जाते हैं’ ‘अधूरी लिस्ट पूरी करते-करतेहमारी ज़िन्दगी बीत जाएगी’ आंसुओं से बना ऑफिस वाला एक्सट्रा मैरीटल रिश्ता एक्समाशूका को लव लेटर, जो हर लड़का लिखना चाहता है, पर लिख नहीं पाता