डॉक्टर हरिओम पवार ओज के कवि हैं. मौजूदा दौर में देश के टॉप वीर रस कवि. शब्दों औरलय से धमनियों में रक्त की रफ्तार बढ़ा देते हैं. इसीलिए देश से विदेश तक दौड़े पररहते हैं. 'साहित्य आजतक' में शामिल होने से एक दिन पहले वापस भारत आए हैं. कईदिनों से दुबई में थे. कुल जमा भारतीय मंचीय कविता का सुप्रसिद्ध नाम हैं. वकालत कीपढ़ाई की और तमाम वकील बनाए. लॉ के प्रोफेसर रह चुके हैं. चौधरी चरण सिंहयूनिवर्सिटी में. इसलिए वही ये कह सकते हैं. भूख का निदान प्रशासन का पहला धर्म है,गरीबों की देखभाल सिंहासन का कर्म है इस धर्म की पालना में जिस किसी से चूक हो, उसके साथ मुजरिमों के जैसा ही सलूक हो भूख से कोई मरे ये हत्या के समान है, हत्यारोंके लिए मृत्युदंड का विधान है कानूनी किताबों में सुधार होना चाहिए, मौत का किसी कोजिम्मेदार होना चाहिए हरिओम पवार ने ब्याह नहीं किया. लेकिन उन्होंने अपने इसजन्मदिन पर चार सौ बेटियों को गोद लिया. उनकी पढ़ाई लिखाई का सारा खर्च ट्रस्टउठाएगा. जो ट्रस्ट हरिओम पवार चलाते हैं. ये पहली बार नहीं है. ऐसा हर साल होता है.फिलहाल 900 गरीब बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उठा रखी है. वो गाते हैं. मैं झोपड़ियोंका चारण हूं आंसू गाने आया हूं घायल भारत माता की तस्वीर दिखाने लाया हूं| लल्लनटॉपअड्डे पर आए. अपने तमाम अनुभव और कविताएं सुनाईं. कविताओं से पहले एक बड़े वर्ग कीसवालिया निगाहों को झुकाया. वर्ग, जिसे मॉडर्न लहजे में क्रिटिक कहते हैं. वो हरफेमस शख्स की खूबियों को कमी बताने पर जोर रखते हैं. हरिओम पवार सुनने वालों के बीचपॉपुलर हैं. उनकी कविताओं के ऑडियो व्हाट्सऐप पर फॉरवर्ड होते हैं. भूख, दिल्लीदरबार, चंद्रशेखर आजाद जैसी उनकी कविताओं के फैन करोड़ों में हैं. क्रिटिक लोग फेमसकवि को कवि ही नहीं मानते. हमारे अड्डे पर हरिओम पवार ने इसका जवाब दिया. कहा कि"मैं नहीं कहता कि मैं हिंदी का सिद्ध कवि हूं. लेकिन मैं हिंदी का प्रसिद्ध कविहूं. ये कहने में कोई गुरेज़ नहीं है." किसी ने पूछा कि आपने ओज के अलावा हास्यकविताएं लिखी हैं क्या? तो मजेदार बातें सुनाईं. बस अब सुनो, देखो और एंजॉय करो.https://youtu.be/N-uLm-zH-5c?list=PL1BQkm1ZUCaVApTuvIzoSGHEJaj-DMZm5--------------------------------------------------------------------------------लल्लनटॉप अड्डे से और: "रणबीर कपूर से लल्लनटॉप बंदा कोई नहीं है": पीयूष मिश्रा जबजहाज उतरे तो जय बोलिए, जब जहाज उड़ जाए तो जय बोलिए: रवीश मुनव्वर राना ने शरारतीअंदाज में बताया, हवाई जहाज में बेल्ट क्यों बांधते हैं? पत्रकार दोस्त को गोवा कासीएम कैंडिडेट बनने के लिए मना रहा हूं: आशुतोष मैं अपनी बात तो रखूंगी ही, चाहेकुछ भी हो: अंजना ओम कश्यप मैंने सब कुछ हिंदी से कमाया है: प्रसून जोशी