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पीएम मोदी के तोहफों की नीलामी खत्म; डेढ़ करोड़ में किसने खरीदा नीरज चोपड़ा का भाला?

सरकार से पूछा खरीदार कौन, तो जवाब मिला...

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8 अक्तूबर 2021 (अपडेटेड: 8 अक्तूबर 2021, 12:26 PM IST)
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7 अक्टूबर को खतम हुए ई-ऑक्शन में नीरज चोपड़ा का भाला और भवानी देवी की तलवार करोड़ों में बिकी है.
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ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) का भाला एक बार फिर बहुत गया है. इस बार नीरज चोपड़ा के भाले ने किसी मैदान में नहीं बल्कि ई-ऑक्शन में बाजी मारी है. दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर मिले खास तोहफों और उपहारों का ई-ऑक्शन गुरुवार 7 अक्टूबर को खत्म हुआ. कल्चर मिनिस्ट्री के मुताबिक इस नीलामी में टोक्यो ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा का भाला सबसे महंगा बिका है. उनके भाले के लिए सबसे ऊंची 1.5 करोड़ रुपए की बोली लगी है. आइए जानते हैं इसके अलावा और क्या-क्या भारी दामों पर बिका और उन्हें किसने खरीदा. कौन सा गिफ्ट कितने में नीलाम हुआ? ई-ऑक्शन के तीसरे दौर में में कुल 1348 स्मृति चिह्न रखे गए थे. इस अंतिम दौर में सबकी नजरें टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों और टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के पदक विजेताओं से जुड़ी हुई चीजों पर थीं. इनके लिए 8600 से अधिक बोलियां लगाई गई थीं.
ई-ऑक्शन में पीएम मोदी को तोहफे में मिली धार्मिक कलाकृतियों ने लोगों को अपनी ओर खूब आकर्षित किया. अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर का एक लकड़ी का मॉडल 51 लाख रुपए में नीलाम हुआ. वहीं, सरदार पटेल की मूर्ति के लिए सबसे अधिक 140 बार बोली लगी. जबकि ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा के भाले के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई गई. 1.5 करोड़ रुपए की.
नीरज चोपड़ा के स्वर्ण विजेता भाले के अलावा,
# भवानी देवी के हस्ताक्षर वाली तलवार
के लिए 1 करोड़ 25 लाख रुपए की बोली लगी.
# सुमित अंतिल के भाले
के लिए 1 करोड़ 25 हजार रुपए की बोली लगी.
# टोक्यो 2020 पैरालंपिक दल द्वारा दिए गए ऑटोग्राफ वाले अंगवस्त्र
के लिए 1 करोड़ रुपए मिले.
# लवलीना बोरगोहेन के बॉक्सिंग ग्लवस
के लिए 91 लाख 6 हजार 8 सौ रुपए की बोली लगी.
# पीवी सिंधु का बैडमिंटन
और साइन किया हुआ बैग 80 लाख एक सौ रुपए में नीलाम हुआ.
Pme Auction
पीएम मोदी के ई-ऑक्शन में जहां पैरालंपियन के हस्ताक्षर वाला अंगवस्र 1 करोड़ रुपए में नीलाम हुआ तो राम मंदिर का लकड़ी का मॉडल 51 लाख रुपए में बिका.
ओलिंपियन के अलावा किनकी डिमांड रही? # लकड़ी से बनी गणेश की एक प्रतिमा के लिए 117 बोलियां लगीं. ये 1 लाख 35 हजार रुपए में बिकी.
# पुणे मेट्रो लाइन के एक स्मृति चिह्न के लिए 104 बोलियां लगीं. इसे खरीदार ने 1 लाख 25 हजार की बोली लगाकर खरीदा.
# विजय मशाल के स्मृति चिह्न के लिए 98 बोलियां लगीं. विजय मशाल की नीलामी 5 लाख 26 हजार रुपए में हुई.
गौरतलब है कि नीरज चोपड़ा ने 16 अगस्त को आयोजित भारतीय ओलंपिक दल के सम्मान समारोह के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को अपना भाला उपहार में दिया था. भाला समेत अन्य भारतीय एथलीटों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ओलंपिक सामान ई-ऑक्शन के लिए रखे गए थे. नीरज का भाला नॉर्डिक स्पोर्ट्स द्वारा निर्मित है और बाजार में इसकी कीमत तकरीबन 80 हजार रुपए है.
Pm E Auction
ओलिंपियन से जुड़े सामानों के अलावा दूसरी कई चीजें भी डिमांड में रहीं.
किसने खरीदा नीरज चोपड़ा का भाला? ये हमने आपको बता दिया कि नीरज चोपड़ा का भाला 1.5 करोड़ रुपए में बिका. लेकिन लोगों की रुचि इस बात में भी रही कि आखिर किसने इस भाले को खरीदा.
ई-ऑक्शन की जिम्मेदारी संस्कृति मंत्रालय और नेशनल आर्ट गैलरी के ऊपर थी. हमने इसके लिए पहले नेशनल आर्ट गैलरी से संपर्क किया. आर्ट गैलरी के प्रवक्ता ने बताया,
"हमारा काम सिर्फ इन चीजों को डिस्पले करने का है. हमें इस बात की जानकारी नहीं होती कि कौन सा सामान किसने खरीदा. ये जानकारी सिर्फ संस्कृति मंत्रालय के पास होती है."
इसके बाद द लल्लनटॉप ने संस्कृति मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी अभिषेक नारंग से फोन पर संपर्क किया. लेकिन वो बात करने के लिए उपलब्ध नहीं थे. हालांकि संस्कृति मंत्रालय से जुड़े सूत्र का कहना है कि सरकार इस तरह की जानकारी गुप्त रखती है. अक्सर इस तरह के महंगे सामान पीएसयू भी खरीदती हैं. ऐसे में सरकार नहीं जाहिर करना चाहती कि इन्हें किसने खरीदा है. कितना पैसा जमा हुआ? इस बार की नीलामी में कुल कितने का सामान बिका इसकी आधिकारिक जानकारी भी संस्कृति मंत्रालय ने जारी नहीं की है. हालांकि अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी खबर में बताया है कि इस बिक्री से कुल 16 करोड़ रुपए जमा हुए हैं. इस पूरी रकम को पिछली नीलामी की तरह ही 'नमामि गंगे' मिशन पर खर्च किया जाएगा. बता दें कि नमामि गंगे योजना की शुरुआत पीएम मोदी ने 2014 में की थी. ये गंगा नदी के संरक्षण से जुड़ा मिशन है.

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