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उद्धव ठाकरे से प्रशांत किशोर की क्या बात हुई?

क्या शिवसेना के लिए भी काम करने वाले हैं प्रशांत किशोर?

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7 मार्च 2019 (अपडेटेड: 7 मार्च 2019, 04:45 PM IST)
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प्रशांत किशोर जदयू के नेता हैं, फिर भी वो शिवसेना को चुनाव में मदद करने को तैयार हैं.
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प्रशांत किशोर जदयू के उपाध्यक्ष हैं. पार्टी में नंबर दो की हैसियत है. लेकिन नेता बनने से पहले प्रशांत किशोर नेता बनाने वाले रहे हैं. नेताओं को चुनाव जितवाने वाले रहे हैं. पॉलिटिकल पंडित उन्हें पॉलिटिकल स्ट्रैटिजिस्ट कहते रहे हैं. ऐसे में कमोबेश हर पार्टी में उनके दोस्त हैं. शिवसेना भी उससे अछूती नहीं है. खुद उद्धव ठाकरे ने उनसे मुलाकात की है. इस मुलाकात में क्या बात हुई, क्या प्रशांत किशोर उद्धव ठाकरे के लिए काम करने वाले हैं और क्या पीके राज ठाकरे के लिए भी काम करेंगे? इन सब मुद्दों पर प्रशांत किशोर ने दी लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी से खुलकर बात की है.
पॉलिटिकल स्ट्रैटजिस्ट प्रशांत किशोर अब खुद एक नेता हैं. उन्होंने लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में स्ट्रैटजिस्ट से नेता बनने की कहानी सुनाई है.
पॉलिटिकल स्ट्रैटजिस्ट से नेता बने प्रशांत किशोर ने बताया है कि शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे से उनकी क्या बात हुई है.

प्रशांत किशोर कहते हैं कि मीडिया में जब खबर आई कि प्रशांत किशोर और उद्धव ठाकरे की मुलाकात हुई है, उससे पहले भी कई बार मेरी उद्धव ठाकरे से बात हो चुकी थी. इसके बाद मैंने ट्वीट किया, फिर उद्धव ठाकरे ने ट्वीट किया और खबर मीडिया में आ गई. प्रशांत कहते हैं कि उन्होंने उद्धव ठाकरे से साफ कर दिया है कि उत्तर भारतीयों को लेकर उनकी पार्टी का जो स्टैंड है, उससे उन्हें इलेक्शन में कोई फायदा नहीं होगा. प्रशांत के मुताबिक अगर लोगों को लगता है कि इलेक्शन को लेकर मेरी कोई समझ है, तो मैंने डाटा को और चीजों को देखकर ये समझा है कि उत्तर भारतीयों पर हमला करके शिवसेना को चुनाव में कोई फायदा नहीं मिलेगा.

पंजाब जाकर प्रशांत किशोर से कौन सी गलती हो गई?

प्रशांत बताते हैं कि उनकी कोशिश है कि शिवसेना उत्तर भारतीयों के खिलाफ कोई हिंसक प्रदर्शन न करे. अगर उद्धव ठाकरे को प्रशांत की मदद चाहिए तो शिवसेना को पब्लिकली अनाउंस करना पड़ेगा कि अब से उत्तर भारतीयों की महाराष्ट्र में जिम्मदारी शिवसेना की होगी और शिवसेना उत्तर भारतीयों के खिलाफ आगे से ऐसा कोई काम नहीं करेगी. बकौल प्रशांत ये मेरा अपना एजेंडा है कि 20-25 साल में लोगों ने जो नहीं करवाया है, वो मैं करवाउंगा. मैं उन्हें सलाह दे रहा हूं तो मेरी फीस यही होगी. प्रशांत के मुताबिक, उन्होंने उद्धव ठाकरे को समझाया कि ऐसा करने से आपको चुनाव में कोई फायदा है नहीं. बिना वजह बिहार और यूपी के लोगों को आपके कहने पर आपके समर्थक या आपके समर्थक होने का दावा करने वाले लोग परेशान कर रहे हैं, तो ये ठीक बात नहीं है. राज ठाकरे के बारे में प्रशांत ने कहा कि राज ठाकरे कुछ नहीं हैं, जो है शिवसेना ही है. राज ठाकरे फ्रिंज एलिमेंट्स हैं, उन्हें क्या कह सकते हैं.


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