पद्म 'पॉलिटिकल' पुरस्कारों का ऐलान हो गया है. यूपीए के समय लोग कहते थे कि गांधीपरिवार के करीबियों को मिलता है. इस बार भी लगता है कि 'मोदी कनेक्शन' काम कर गयाहै. लल्लन ये नहीं कह रहा कि इन लोगों का अपने फील्ड में कोई योगदान नहीं है. लेकिनराजनीतिक वजहों से ज्यादातर ऐसे लोग चुने जाते हैं, जो योगदान वाले भी हों और अपनेखेमे के भी हों.अब ज्यादा मुंह न खुलवाइए. बस कुछ तथ्य आपकी पेश-ए-नज़र हैं:1. 'पद्मविभूषण' रजनीकांत2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी साउथ इंडिया पहुंचे. दबी जुबानमें चर्चा होने लगी कि मेगास्टार रजनीकांत बीजेपी में आ सकते हैं. हालांकि ऐसा नहींहुआ. लेकिन प्रधानमंत्री उनसे मिलने जरूर गए और खुद ये तस्वीर ट्विटर पर लगाई.https://twitter.com/narendramodi/status/455335882086547456--------------------------------------------------------------------------------2. 'पद्मविभूषण' धीरूभाई अंबानी:धीरूभाई तो अब रहे नहीं. लेकिन उनके बड़े बेटे मुकेश से नरेंद्र मोदी के बढ़ियारिश्ते हैं. प्रोफेशनल से लेकर पर्सनल आयोजनों में दोनों कई बार साथ दिखे हैं.हाव-भाव, बॉडी लैंग्वेज बहुत दोस्ताना है.--------------------------------------------------------------------------------3. 'पद्मभूषण' अनुपम खेरPhoto: PTI'इनटॉलरेंस' के मुद्दे पर जब लेखकों-कलाकारों ने अवॉर्ड लौटाकर मोदी सरकार कोबैकफुट पर धकेल दिया, तब बीजेपी सांसद किरण खेर के पति अनुपम इसके खिलाफ खड़े हुए.ट्विटर पर यह आर्ग्युमेंट बिल्ड करने की कोशिश की कि लौटाने वालों ने पहले हो चुकीतमाम त्रासद घटनाओं पर अवॉर्ड क्यों नहीं लौटाया? फिर उन्होंने कुछ फिल्म वालों कोसाथ लेकर दिल्ली में 'मार्च फॉर इंडिया' निकाला. इसमें आई भीड़ देखकर पत्रकार हैरानथे. खबर उड़ी कि संघ ने इसे स्पॉन्सर किया है. हालांकि अनुपम ने इसे, जाहिराना तौरपर खारिज किया.--------------------------------------------------------------------------------4. 'पद्मश्री' मधुर भंडारकर और 'पद्मश्री' मालिनी अवस्थीअनुपम संग मालिनी और मधुर, Photo: PTIअनुपम खेर के 'मार्च ऑफ इंडिया' को सरकार के पक्ष में माना गया. अनुपम खेर इसकेअगुवा थे और उनके साथ थे 'रियलिस्टिक' सिनेमा के लिए मशहूर मधुर भंडारकर और फोकसिंगर मालिनी अवस्थी. दोनों ने कहा कि अवॉर्ड लौटाने से देश की छवि को नुकसान पहुंचरहा है. मधुर के शब्द थे, 'हमारी छवि हिंदुस्तान और विदेश में खराब हो रही है. लोगमुझसे पूछते हैं कि आपके देश में ये इनटॉलरेंस जैसा क्या चल रहा है?'--------------------------------------------------------------------------------5. 'पद्मभूषण' उदित नारायणलोकसभा चुनाव से पहले एक गाना बना था, 'मोदी आने वाला है'. इसे अपनी 'मखमली' आवाजमें गाया था उदित नारायण ने. I Support Narendra Modi यूट्यूब चैनल पर यह गानाअपलोड किया गया था. गाने के बोल थे,एक नाम जो आशा का अंकुर उपजाने वाला है राजनीति के कीचड़ में जो कमल खिलाने वाला हैहै यकीन कि सन चौदह में मोदी आने वाला है. मोदी आने वाला है.https://www.youtube.com/watch?v=RsRfuSzJ44c--------------------------------------------------------------------------------6. 'पद्मभूषण' स्वामी दयानंद सरस्वतीPhoto: PTIप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरु थे. पिछले साल सितंबर में उनका ऋषिकेश मेंदेहांत हो गया. प्रधानमंत्री अकसर आशीर्वाद लेने इनके पास जाया करते थे.--------------------------------------------------------------------------------7. 'पद्मभूषण' साइना नेहवालसाइना नेहवाल यकीनन शानदार खिलाड़ी हैं और खेल के क्षेत्र में उन्होंने देश का मानभी बढ़ाया है. लेकिन बीजेपी उन पर दूसरी वजहों से भी लट्टू है. जब सानिया मिर्जा कोतेलंगाना का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था तो बीजेपी के निर्वाचित प्रतिनिधियों नेखुलकर मांग की थी कि सानिया की जगह साइना नेहवाल को ये सम्मान मिलना चाहिए था. वैसेसानिया मिर्जा को भी पद्मभूषण दिया गया है. बैलेंस भी कोई चीज होती है.https://twitter.com/rajasinghbjp/status/492363101912588288--------------------------------------------------------------------------------8. 'पद्मश्री' अजय देवगननरेंद्र मोदी का पहला गूगल हैंगआउट याद है? इसे 'सिंघम' अजय देवगन ने एंकर किया था.https://www.youtube.com/watch?v=_D42_cudIRY--------------------------------------------------------------------------------9. 'पद्मश्री' प्रियंका चोपड़ासफाई अभियान में प्रधानमंत्री ने पहली बार जिन हस्तियों को नॉमिनेट किया था, उनमेंप्रियंका चोपड़ा भी शामिल थीं. प्रियंका ने सफाई का एक वीडियो भी डाला था, जिस परउन्हें प्रधानमंत्री से शाबाशी भी मिली थी.https://twitter.com/priyankachopra/status/536765808500674560https://twitter.com/narendramodi/status/536790784968638464--------------------------------------------------------------------------------10. 'पद्मविभूषण' श्रीश्री रविशंकरश्री श्री रविशंकर आध्यात्मिक गुरु हैं, लेकिन पॉलिटिक्स में उनका असर कम नहीं है.उनकी बीजेपी से करीबी जगजाहिर है. उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री की खुलकर तारीफ कीहै. राजनीतिक गलियारों में तो ये भी चर्चा रही कि उनके कोटे से लोकसभा चुनावों मेंटिकट भी बांटे गए. एक बार उन्होंने कहा था, 'इस देश में कमल को शेर मिल चुका है.'https://www.youtube.com/watch?v=89LfK7Qo1Nk