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Uber, Ola और Rapido राइड से एक्सीडेंट हुआ तो इलाज का खर्चा कौन देगा?

Ola, Uber और Rapido जैसी राइड सर्विस देने वाली कंपनियां सफर के दौरान एक्सीडेंट की स्थिति में बीमा कवरेज देने के लिए बाध्य नहीं होतीं. लेकिन ये कंपनियां आपको राइड बुकिंग के समय राइड इंश्योरेंस लेने का ऑप्शन ऑफर करती हैं.

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ola driver caused a passenger to go for severe injury
ओला ड्राइवर की वजह से एक पैसेंजर का बुरी तरह एक्सीडेंट हो गया. (तस्वीर-Linkedin)
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उपासना
13 जून 2025 (पब्लिश्ड: 07:39 PM IST)
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ओला (Ola) के एक बाइक राडइर की गलती की वजह से एक महिला (सीधी विजयवर्गीय) को गंभीर चोटें आईं. वो इलाज कराने गईं, जहां उन्हें 3 लाख रुपये का मेडिकल बिल थमाया गया. इस वाकये के बाद सोशल मीडिया पर ओला की खूब आलोचना हो रही है. महिला के सहकर्मी ने लिंक्डइन पर पोस्ट में लिखा कि ओला बाइक राइडर की वजह से उनकी महिला सहकर्मी का एक्सिडेंट हो गया. उनकी कई सर्जरी करनी पड़ी और 3 लाख रुपये का बिल उनके मत्थे मढ़ दिया गया.

प्रत्युष सिंह नाम के यूजर ने आगे लिखा कि कंपनी ने मदद का वादा किया था. भरोसा दिया था कि रिंबर्समेंट किया जाएगा. लेकिन कोई मदद नहीं मिली ना कोई सहानुभूति दिखाई. उन्होंने लिखा, ‘ये सिर्फ पैसे की बात नहीं है. एक इंसानी नैतिकता भी होती है. किसी ने आपके प्लेटफॉर्म पर भरोसा किया है. अगर ये भरोसा टूटता है तो कम से कम आप उनके साथ तो खड़े हो ही सकते हैं.’ उन्होंने कंपनी के फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल को टैग करके जवाब भी मांगा है. कंपनी ने पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए मामले पर संज्ञान लेने का वादा किया है.

हालांकि, इस तरह की परेशानी से दो चार होने वाले प्रत्युष या उनकी सहकर्मी इकलौते नहीं हैं. ऐसे में एक सवाल उठता है कि इस तरह के मामलों में क्या कंपनियों को बीमा की भरपाई के लिए जिम्मेवार ठहराया जा सकता है? एक राइड के दौरान पैसेंजर की सेफ्टी, सिक्योरिटी के लिए कंपनियां कितनी जिम्मेदार होती हैं? इसी से जुड़े तमाम सवालों के जवाब जानने की कोशिश करेंगे. 

अभी क्या है सिस्टम?

राइड सर्विस देने वाली कंपनियां इंश्योरेंस देने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य नहीं हैं. हां, ये कंपनियां इतना जरूर करती हैं कि आपको बाहर भटके बिना अपने ही प्लेटफॉर्म पर राइड इंश्योरेंस लेने का ऑप्शन ऑफर कर देती हैं. जैसे IRCTC टिकट बुकिंग करते समय 0.45 रुपये में बीमा ऑफर करती है. अलग-अलग स्थितियों में 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है. बीमा लेने पर आपको अलग से इसका मेल आता है, जिसमें नॉमिनी भरना होता है. 

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IRCTCT पर टिकट बुकिंग के समय 0.45 पैसे देकर अपने सफर को इंश्योर करने का विकल्प मिलता है.

इसी तरह राइड हेलिंग ऐप/कंपनियां भी आपको राइड इंश्योरेंस लेने का विकल्प देती हैं. इसके लिए राइड कंपनियां बीमा कंपनियों के साथ साझेदारी करती हैं. इंश्योरेंस से जुड़ी नियम-शर्तों को बीमा कंपनियों ही तय करती हैं. जैसे- बीमा कितने रुपये में देना है, कितने का कवर देना है, किन शर्तों में क्लेम मिलेगा. वगैरह-वगैरह. आपको तीन मुख्य राइड हेलिंग ऐप्स पर राइड इंश्योरेंस की शर्तों के बारे में बताते हैं.

रैपिडो अपने सभी कस्टमर्स को बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के राइड इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर करती है. रैपिडो इंश्योरेंस कंपनी के साथ पार्टनरशिप में बीमा कवर दे रही है. उसके अंतर्गत रैपिडो राइड के दौरान एक्सीडेंट होने पर या डेथ होने पर 5 लाख रुपये, हॉस्पिटलाइजेशन से जुड़े खर्च पर 1 लाख रुपये और ओपीडी ट्रीटमेंट के लिए 3000 रुपये तक दिए जाते हैं.

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रैपिडो अपने सभी पैसेंजर्स को फ्री राइड इंश्योरेंस देती है.

इसी तरह, ओला पर डेली राइड बुक करते समय 3 रुपये प्रति राइड एक्स्ट्रा देकर बीमा लेने का विकल्प आता है. इस 3 रुपये के बदले राइड के दौरान एक्सीडेंट होने पर 7.5 लाख रुपये, हॉस्पिटल एक्सपेंस के मद में 2 लाख रुपये, फ्लाइट छूटने पर 5 हजार और मेडिकल इवैकुएशन के नाम पर  10,000 रुपये दिए जाते हैं.

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ओला पर यूजर्स को 3 रुपये में राइड इंश्योर कराने का ऑप्शन मिलता है.

उबर में भी 3 रुपये प्रति राइड एक्स्ट्रा देकर अपनी राइड को इंश्योर करने का विकल्प है. आपको बस सेटिंंग ऑन करनी होगी. इसके बाद ऐप से बुक होने वाली सारी राइड ऑटोमैटिकली बीमा में कवर होंगी.

उबर पर 3 रुपये देने के बाद पैसेंजर्स को एक्सिडेंट के केस में या डेथ के केस में 10 लाख रुपये तक मिलेंगे. पूरी तरह विकलांग होने पर 7.5 लाख रुपये, ओपीडी ट्रीटमेंट के लिए 10,00 रुपये, इमरजेंसी इवैकुएशन के लिए 15,000 रुपये की व्यवस्था है. अगर एडमिट होना पड़ा है तो 7 दिनों तक 1000 रुपये प्रति दिन के हिसाब से मिलेगा. 

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उबर पर भी यूजर्स को राइड इंश्योरेंस एक्टिव करने का ऑप्शन दिया जाता है, जिससे यूजर कभी भी बाहर निकल सकते हैं.

बीमा का फायदा रजिस्टर्ड पैसेंजर को या फिर रजिस्टर्ड पैसेंजर ने किसी और के लिए राइड की है तो उसे, इन्हीं दो लोगों को बीमा कवरेज का फायदा मिलेगा. अब आपको क्लेम प्रक्रिया भी बताते हैं. 

रैपिडो क्लेम प्रक्रिया

बीमा क्लेम करने के लिए आप राइड बुकिंग कंपनी को कॉन्टैक्ट कर सकते हैं. या फिर बीमा के लिए जिस कंपनी के साथ टाइअप किया गया है. उसे भी कॉन्टैक्ट कर सकते हैं. जैसे रैपिडो के केस में आपको-

-  Your Rides सेक्शन में जाना होगा. 
- जिस ट्रिप के लिए क्लेम करना है, उसे सेलेक्ट करना होगा.
- ‘I Want to claim insurance’ के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा.
- क्लेम टाइप सेलेक्ट करने के बाद आपका एप्लिकेशन बीमा पार्टनर एको के पास पहुंच जाएगा.

आप चाहें तो सीधे बीमा पार्टनर (एको) को भी कॉन्टैक्ट कर सकते हैं.

- Acko की वेबसाइट पर रैपिडो के साथ रजिस्टर्ड नंबर से लॉगिन करना होगा, OTP मिलेगा. उसके साथ लॉगिन कीजिए.
- Claim Section के अंदर Rapido Passenger Claims पर क्लिक करके My account पेज पर जाना होगा.
- इस पेज पर सारी राइड्स की डिटेल दिखेंगी.
- जिस राइड के लिए इंश्योरेंस क्लेम करना है उसे सेलेक्ट करना होगा.
- उस पर आगे Initiate Claim पर क्लिक करके Claim Type सेलेक्ट करना होगा. 
- कुछ और जानकारियां भरने के बाद आपका क्लेम रजिस्टर हो जाएगा.

इंश्योरेंस सेक्शन में आपको हेल्पलाइन नंबर से लेकर नियम और शर्तों का पूरा डॉक्यूमेंट भी मिल जाएगा. जिसकी मदद से आगे आप बीमा के लिए क्लेम कर सकते हैं.

ओला क्लेम प्रक्रिया

Ola से बुक राइड के लिए इंश्योरेंस लिया है और अगर एक्सीडेंट हो गया है. तो उसका क्लेम प्रोसेस भी बताते हैं. 
- सबसे पहले Ride History सेक्शन में जाना होगा.   
- संबंधित राइड सेलेक्ट करने पर Support टैब के अंदर क्लेम का ऑप्शन मिलेगा.
- Claim के लिए info@mediaassist.in और insurance_care@olamoney.com को सीसी में रखकर मेल करना होगा.
-इस मेल में कुछ डिटेल्स शेयर करनी होगी. जैसे- CRN नंबर, जो आपका Ride नंबर होगा. ध्यान रहे हॉस्पिटल में एडमिट होने से 15 दिन के अंदर हुई राइड के लिए ही क्लेम कर सकते हैं. ओला ऐप पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, राइड की तारीख, हॉस्पिटल में एडमिट होने की तारीख.
- साथ में कुछ डॉक्यूमेंट्स भी जमा करने होंगे. जैसे- पूरा भरा हुआ क्लेम फॉर्म, डिस्चार्ज समरी, बिल और पेमेंट वाउचर की फोटोकॉपी, मेडिकल जांच की कॉपी, सरकारी फोटो आईडी की कॉपी, कैंसिल्ड चेक या बैंक डिटेल्स का प्रूफ, बीमा कंपनी की तरफ से मांगी गए अतिरिक्त डॉक्यूमेंट.
- ये सारी चीजें अटैच करके मेल भेज दीजिए. मेल मिलते ही बीमा कंपनी आपके दावे की जांच करेगी. एप्लिकेशन अप्रूव होने के बाद आपको मेडी असिस्ट से मेल आ जाएगा. 
- अप्रूवल के बाद आपको हॉस्पिटलाइजेशन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की फिजिकल कॉपी मेडी असिस्ट के पते पर भी भेजनी होगी.
पता है- Medi Assist TPA Private limited, Tower D, 4th Floor, IBC Knowledge Park, 4/1 Bannerghatta Road, Bangalore- 560029

अगर ज्यादा चोट नहीं आई है. सिर्फ डॉक्टर से कंसल्टेशन लेना है तो टोल फ्री नंबर- 18004259449 पर भी कॉल करके ले सकते हैं.

उबर क्लेम प्रक्रिया
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Uber में राइड इंश्योरेंस ऑन करने पर प्रीमियम के नाम पर हर राइड में 3 रुपये एक्स्ट्रा लिया जाता है.

- उबर में इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए आपको ऐप खोलना होगा.
- Activity सेलेक्ट करना होगा.
- उसके अंदर trip पर क्लिक करना होगा.
- फिर Report safety issue पर जाना होगा.
- इसे क्लिक करते ही कई ऑप्शन खुलेंगे.
- उनमें से “I was involved in an accident” पर क्लिक करना होगा.
- क्लिक करते ही क्लेम इंश्योरेंस के लिए फॉर्म खुलेगा.

फॉर्म लिंक- https://claimservices.brobotinsurance.com/Uberclaimintimation

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उबर ने राइड इंश्योरेंस के लिए Reliance General Insurance के साथ टाइ अप किया है.

फॉर्म में आपसे एक्सीडेंट की तारीख, समय, जगह और उसकी डिटेल के अलावा तमाम अन्य डिटेल मांगी जाएंगी. ये भरने के बाद आपका इंश्योरेंस एप्लिकेशन जमा हो जाएगा.

एक्सिडेंट के ज्यादातर मामले बाइक टैक्सी ड्राइवर्स से जुड़े होते हैं. कई बार ये भी देखा गया है कि खुद पैसेंजर हेल्मेट पहनने से मना कर देते हैं. या फिर ड्राइवर को जल्दी गाड़ी चलाने या यूं कहें भगाने के लिए कहते हैं. इसलिए बतौर पैसेंजर हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपनी तरफ से ऐसी लापरवाही ना करें.

वीडियो: 'जाना कहां है?' पूछकर अब कैब कैंसिल नहीं कर पाएंगे ओला ड्राइवर्स

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