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आपके बच्चे न्यूड तस्वीरें भेजते हैं, आप उन्हें रोक नहीं सकते

और रोकना हल भी नहीं है. उन्हें सेफ रखना चाहते हों तो ये बातें बताएं.

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साइबर टप्पेबाज असली खेल पहली बार टोकन अमाउंट भेजने के बाद शुरू करते हैं.
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प्रतीक्षा पीपी
4 नवंबर 2016 (Updated: 4 नवंबर 2016, 02:11 PM IST)
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बात बीते अगस्त की. वृंदावन के एक पुजारी के पास व्हाट्सऐप के जरिए लगभग 50 तस्वीरें आईं. ये सभी तस्वीरें अधनंगी थीं. और इनमें दिखने वाली शक्लें वृंदावन की ही लड़कियों की थी. बल्कि एक लड़की के पापा को तो पुजारी जानते भी थे. हर तस्वीर पर एक फ़ोन नंबर और लड़कियों का रेट लिखा हुआ था. पुजारी ने ये बात उस लड़की के पापा को बताई. पापा देखते ही समझ गए कि तस्वीर फोटोशॉप से बिगाड़ी गई है. फिर भी लड़की को ये देखकर जो सदमा लगा, उससे न जाने वो बाहर आ पाई या नहीं. जब ये खबर मीडिया में आई, लड़की डिप्रेशन में थी.
कुछ और पीछे चलते हैं. बात जून की. 21 साल की विनुप्रिया अपने कमरे में मरी हुई पाई गई. कमरे में मिले सुसाइड नोट में लिखा था, ‘जो भी हुआ, मैं उसका सामना नहीं कर सकती. मां-बाप भी यही समझते हैं कि ये मेरी गलती थी. कि अपनी ही बदनामी में मेरा हाथ था.’ सालेम में रहने वाली विनुप्रिया की तस्वीरें फेसबुक से उठाकर किसी ने ‘मॉर्फ़’ कर दी थीं. यानी उनके साथ खिलवाड़ कर, उन्हें बदल दिया था. विनुप्रिया की शक्ल को बिकिनी पहने एक औरत के धड़ से जोड़ दिया था. इन बिगड़ी हुई तस्वीरों को फेसबुक पर अपलोड किया गया था.
ये तो वो केस थे जब बिना लड़कियों को पता चला कि उनकी तस्वीरें चुराई गईं. लेकिन तब क्या, जब कोई लड़की अपनी मर्जी से अपनी न्यूड तस्वीर शेयर करे?

बीते दिनों यूके में एक रिसर्च हुई. जिसमें मालूम पड़ा कि टीनएज बच्चों में न्यूड सेल्फी शेयर करना आम बात हो गई है.

वो जानते हैं कि इसमें रिस्क है, लेकिन इस रिस्क को वो नॉर्मल मानते हैं. और समझते हैं कि नंगी तस्वीरें शेयर करना उनके रिश्ते का हिस्सा है. इससे उन्हें अपने बदलते शरीर और उबाल मारते खून को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. डरने वाली बात ये है कि रिसर्च में शामिल सभी सब्जेक्ट्स की उम्र 18 साल से कम थी. और अपनी न्यूड फोटो शेयर करने वालों की संख्या 70 फीसदी से भी ज्यादा थी.
हम चाहते हैं कि सेक्स करने, उसके बारे में बात करने और अपने पार्टनर चुनने की आजादी सबको होनी चाहिए. लेकिन जब इस आजादी को दबोचा जाता है, बच्चे इसे अपनी तरह समझने की कोशिश करते हैं. और उम्र के साथ शरीर में आते बदलावों के बारे में जब उन्हें कोई नहीं बताता है. वो इसे अपने तरीके से समझते हैं. और मुसीबत में फंस जाते हैं.
साइबर क्राइम की दुनिया ऐसी है, जिससे निपटने के लिए आज भी हम पूरी तरह से तैयार नहीं हैं. ये कोई रियल लाइफ चोरी नहीं कि चोर CCTV कैमरे में कैद हो जाए और हम उसे पकड़ लें. हम जान नहीं पाते कि स्क्रीन के पीछे किसकी आंखें, किसकी उंगलियां हैं. टेक्नोलॉजी से क्रिमिनल का पता तो लग जाता है. लेकिन तब तक उनका गुनाह 'वायरल' हो चुका होता है. ये दौर सोशल मीडिया का दौर है.
आपके बच्चों के हाथ में भी मोबाइल है. और होना भी चाहिए. वो कोचिंग पढ़ने जाते हैं, दोस्तों के साथ बाहर जाते हैं. मोबाइल उन्हें आपके करीब रखता है. लेकिन क्या आपने अपने बच्चों को ये बातें बताई हैं?
1. आपकी तस्वीर जब भी इंटरनेट पर पहुंच जाती है, उसका किसी तीसरी पार्टी के हाथ लगने का हमेशा खतरा रहता है. जरूरी नहीं, मुमकिन है कि आपकी तस्वीर आपके फ़ोन या लैपटॉप के अलावा क्लाउड पर सेव हो. जो किसी के भी हाथ लग सकती है. कई बार आपके मेल और चैट से भेजी गई तस्वीरें आपकी ड्राइव में सेव हो जाती हैं. किसी भी और डिवाइस में ईमेल खोलने पर वो तस्वीरें किसी को भी आसानी से मिल सकती हैं. और किसी भी डिवाइस में आपका ईमेल खुला छूट जाना कोई भी बड़ी बात नहीं है.
2. वेब चैट पर आपकी तस्वीर मांगने वाला असल में वही व्यक्ति है जिसके नाम से तस्वीर मांगी जा रही है, इसका आपके पास कोई प्रूफ नहीं होता. आप नहीं जानते कि कब अगले इंसान के हाथ से उसका फ़ोन छूट किसी और के हाथ चला गया है. जिस व्यक्ति से तस्वीरें शेयर करने की आपने सहमति दिखाई है, वो व्यक्ति असल व्यक्ति है या नहीं, ये आप नहीं जानते.
3. आप जिस पर भरोसा कर रहे हैं, वो भरोसेमंद है या नहीं, ये आप कई महीनों तक तय नहीं कर सकते.
4. ऐसा भी हो सकता है कि आप, खासकर औरतें, अपने बॉयफ्रेंड या पति से अपनी तस्वीरें साझा करें कि उन पर आप पूरी तरह भरोसा करती हैं. लेकिन ऐसे केस कम नहीं हैं जब लोग अपनी पिछली पत्नी या एक्स गर्लफ्रेंड से बदला लेने के लिए उनकी तस्वीरों के बल पर उन्हें ब्लैकमेल करते हैं. चूंकि आपने तस्वीर अपनी मर्जी से भेजी होती है, न्याय के ठेकेदार जल्दी आपके पक्ष में नहीं आते.
हम बैठकर सोचें तो लगता है कि क्यों किसी को न्यूड फोटो भेजना एक गुनाह है. क्यों सेक्स की बात तस्वीरों से करना एक गुनाह है. ये असल में कोई गुनाह नहीं, हमारी विफलता है. इंसानों और एक समाज के तौर पर. हमने एक ऐसा समाज बना रखा है जहां नग्नता अश्लीलता का दूसरा मतलब है. जहां समाज की इज्जत औरत में बसती है. और औरत की इज्जत उसके जिस्म में. ऐसे में बदला चाहे पुरुष को पुरुष से ही लेना हो, वो वार औरत पर करता है. क्योंकि उससे पुरुष की भी इज्जत जाती है.
गुनहगार वो होते हैं जो आपकी मर्जी के बगैर आपकी तस्वीर शेयर करते हैं. या उसके साथ खिलवाड़ करते हैं. वो नहीं जो अपनी मर्जी से अपनी न्यूड तस्वीर भेजते हैं. पर जब तक एक समाज के तौर पर हम खुद को नहीं सुधारते, जरूरी है कि हम इंटरनेट पर सावधानी बरतें. उससे ज्यादा जरूरी है कि बच्चों को सेक्स एजुकेशन दें. साथ-साथ उन्हें साइबर क्राइम के बारे में बताएं. ताकि वो टीनएज के उत्साह में कोई गलती न करें.


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