आज डिसाइड होगा इंडिया से फाइनल में कौन हारेगा
पहला सेमी फाइनल होगा दिल्ली में. इंग्लैंड वर्सेज़ न्यू ज़ीलैंड. कैसे होगा, क्या होगा, लल्लन की नज़र से.
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फोटो - thelallantop
2014 से जिस टीम ने एशिया में क्रिकेट नहीं खेला था, आज वो टीम सेमी-फाइनल खेलने जा रही है. जब सारी टीमें 'घूमेगी या स्किड करेगी' के सवाल में फंसी हुई थीं, तब ये टीम पिच को ऐसे पढ़ रही थीं जैसे इसे भी सीबीएसई का बोर्ड देना हो. वैसे इसने पिच पढ़ी भी ऐसे की बोर्ड का इक्ज़ाम देती तो टॉप कर जाती. बात हो रही है न्यू ज़ीलैंड की. हर ग्रुप मैच में पहले बैटिंग करने वाली न्यू ज़ीलैंड की टीम ने तगड़े स्कोर बनाये हैं. केन विलियमसन ने कमाल की कप्तानी की है. इंडिया के अगेंस्ट तीन स्पिनर्स को खिलाने का दांव फल गया.
नागपुर में तीन स्पिनर्स ने इंडिया को नागपुर में धुला, मिशेल मैकक्लेनाहन ने ऑस्ट्रेलिया को धर्मशाला में और एडम मिल्ने मोहाली जैसी हल्की तेज़ पिच पे भी कामयाब रहे. कोलकाता में फिर इन तीनों ने साथ धूम मचाई.
इंग्लैंड की टीम एक मैच वेस्ट इंडीज़ से हार चुकी है. शुरुआत ख़राब रही थी. लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ़ 230 रन चेज़ कर लेने से उनका कॉन्फिडेंस फिर से वापस चरम पर पहुंच गया होगा. खासकर बल्लेबाजों का. अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ बैट्समेन फूस हुए तो बॉलर्स ने छोर सम्हाला. दिल्ली में लो स्कोरिंग मैच भी आराम से जीत लिया. जो रूट ने मिड ऑफ पे लिए शानदार कैच से मैच ही पलट दिया था.
इंग्लैंड के लिए अच्छी बात ये है कि फ़िरोज़ शाह कोटला के मैदान पर वो पहले ही दो मैच खेल चुके हैं. और उनका बैटिंग ऑर्डर बहुत ही धांसू है. ऐसे में न्यू ज़ीलैंड की बॉलिंग के सामने इनकी बैटिंग देखने में मज़ा आएगा. साथ ही इनके ओपनिंग बैट्समेन ज़्यादा रिस्क भी ले सकेंगे. बॉलिंग में थोड़ा झोल है. वो ये कैसे सम्हालेंगे, वो भी मार्टिन गप्टिल के सामने, ये देखना मज़ेदार होगा.
मैच में मज़ा तब आ जायेगा जब इंग्लैंड पहले बैटिंग कर ले. क्यूंकि न्यू ज़ीलैंड ने पिछले इतने सालों में यहां न खेलकर अब जब खेला है तो हर मैच में उन्होनें पहले बैटिंग ही की है. चेज़ कैसे करेंगे, ये देखना होगा.
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