नए अपडेट के बाद क्या व्हॉट्सैप इंडिया में बैन हो जायेगा?
मोबाइल ऐप्प से मैसेज भेजते हो. मोबाइल में लॉक है लेकिन अगर सर्वर से किसी ने पढ़ लिया तो? इसी के लिए encryption आया है. मगर ये है क्या? समझो.
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फोटो - thelallantop
हालत क्या है कि इंडियन आई-टी नियम में 256-bit के एनक्रिप्शन (encryption) की जगह ही नहीं है. दुनिया 256-bit पे आ चुकी है. माने इंडियन आईटी कानून ही पुराना है.
इस अपडेट के बाद भारतीय आई-टी नियमों का व्हॉट्सैप उल्लंघन कर रहा है. ऐसे में दो बातें होंगी - 1 सरकार व्हॉट्सैप से इस फीचर को हटाने को कहेगी. ये काम व्हॉट्सैप को सिर्फ इंडिया के लिए करना होगा. जो लगता नहीं है कि होगा. 2 सरकार व्हॉट्सैप को गैर-कानूनी घोषित करेगी. ऐसे में व्हॉट्सैप इंडिया में बैन हो जायेगा. इससे पिंड छुड़ाने का एक ही तरीका है - भारतीय आई-टी लॉ में बदलाव. ये एनक्रिप्शन की बात आई कहां से? हुआ ये है कि व्हॉट्सैप को एनक्रिप्ट कर दिया गया है. माने ये कि अब कोई भी व्हॉट्सैप के मैसेज को पढ़ नहीं पायेगा. इसका क्या मतलब हुआ? हमसे किसी ने पूछा कि ऐसा हो गया तो फिर जो आएगा वो मैसेज कैसे पढ़ेंगे? तो हमने बताया कि मैसेज तुम्हारे मोबाइल स्क्रीन पे तो दिख जायेगा लेकिन अगर व्हॉट्सैप के सर्वर से कोई उसे पढ़ने की कोशिश करे तो नहीं पढ़ पायेगा. यानी अपने फ़ोन में लगाओ लॉक. वहां मैसेज सेफ़. और सर्वर में एनक्रिप्शन वाला लॉक लग गया है. अब फ़ोन से सिर्फ तुम मैसेज पढ़ोगे और सर्वर से कोई भी नहीं. हुआ न व्हॉट्सैप पूरी तरह से सेफ़?
ये एनक्रिप्शन क्या बला है? बताते हैं. दिमाग से सारी बकैती निकालो और ध्यान से सुनो. पढ़ो. आप कोई भी वेबसाईट खोलिए. कैसे खोलते हैं? एड्रेस बार में उस साईट का एड्रेस डालते हैं. जैसे फेसबुक खोलने के लिए www.facebook.com जब आप फेसबुक खोलते हैं तो उसी एड्रेस बार में किनारे एक ताला बन के आता है. इसका मतलब ये होता है कि ये वेबसाइट एनक्रिप्टेड (encrypted) है. इससे आप निश्चिन्त हो सकते हैं कि आपके क्रेडिट कार्ड नम्बर, आपका फ़ोन नम्बर, घर का पता, प्राइवेट चैट्स, फोटुएं और न जाने क्या क्या, किसी चोर के हाथों से ज़्यादा से ज़्यादा दूर हैं. इन्टरनेट की दुनिया में इन चोरों को हैकर (hacker) कहते हैं. ज़्यादा इंग्लिश मीडियम में जाना हो तो ई-इंट्रूडर (e-intruder) कह लो. लेकिन ये एनक्रिप्शन आखिर असल में क्या चीज है? मान लीजिये आपको अपने किसी दोस्त को कोई मैसेज भेजना है. जैसे - "आज बियर पार्टी है." लेकिन आपको लगता है कि उसके पापा ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी. तो आप उस मैसेज को थोड़ा सा बदल कर भेजेंगे - "आज भजन संध्या है." सिंपल! इस पूरे प्रॉसेस में "आज बियर पार्टी है." हुआ प्लेन टेक्स्ट (plain text) और "आज भजन संध्या है." को हम एनक्रिप्टेड टेक्स्ट(encrypted text) कहेंगे. इसी प्लेन टेक्स्ट (सिंपल मैसेज - "आज बियर पार्टी है.") को एक एनक्रिप्टेड टेक्स्ट (बदले हुए मैसेज - "आज भजन संध्या है.") में बदलने को एनक्रिप्शन कहते हैं. बदले हुए मैसेज से कभी भी असली मैसेज की भनक नहीं लग सकती. कंप्यूटर की दुनिया में ये बदले हुए मैसेज काफी कॉम्प्लेक्स होते हैं. इन बदले हुए मैसेजों को साइफ़र-टेक्स्ट (cyphertext) कहते हैं. असली मैसेज को बदलने के कई तरीके भी होते हैं. इन्हीं तरीकों को bit के बेस पर अलग किया जाता है. bit कंप्यूटर के डाटा को नापने की इकाई है. जैसे वजन की ग्राम, लिक्विड की लीटर, वैसे ही कंप्यूटर डाटा की bit. एनक्रिप्शन के लिए एक बात ज़रूरी है. आपके दोस्त को बदले हुए मैसेज से असली मैसेज कैसे समझना है, ये मालूम होना चाहिए. इसके लिए ये ज़रूरी है कि आपमें और उसमें ये साठ-गांठ हो कि "भाई, जब भजन संध्या वाला मैसेज आये तो समझ लेना बियर पार्टी है." अगर उन्हें यही नहीं मालूम होगा तो आप तो बोतल लेके बैठे होंगे और वो आएगा आधा दर्जन केले लेकर. इस साठ-गांठ को की (key) कहते हैं. की माने चाभी. वही चाभी जिससे एनक्रिप्शन नाम के ताले खुलते हैं. ताला खुलने के बाद जो असल टेक्स्ट हमें मिलता है उसे डीक्रिप्टेड टेक्स्ट (decrypted text) कहते हैं.
ये जो बहुत ही सिंपल सी चीज आपको लग रही है, असल में इतनी सिंपल है नहीं. ये तो मेरा प्यार है जो कॉम्प्लेक्स चीज़ों को यहां बताने से रोक रहा है. अगर वो बता दिया तो भारी गड़बड़ हो जाएगी. और ये भी बता दिया जाए कि दुनिया का कोई भी एनक्रिप्शन कोड परफेक्ट नहीं है. प्रोग्रामर हर दिन इस पूरे प्रॉसेस को बेहतर बनाने के लिए जुगाड़ फिट करते रहते हैं. और हैकर हर दिन इस एनक्रिप्शन को तोड़ने की जुगत में रहते हैं. ये लड़ाई चलती ही रहेगी. जब तक ताला है, हथौड़े काम में आते रहेंगे. मजबूत ताले बनते रहेंगे, भारी हथौड़े बनते रहेंगे. बाकी ये है कि व्हॉट्सैप एनक्रिप्ट हो गया है. आपका डाटा ऑनलाइन सुरक्षित है. बाकी आपके फ़ोन का पासवर्ड किसी को मालूम लग जाये तो नहीं कह सकते.
वो फ़ील्ड जिसकी दुनिया सबसे ज़्यादा तेज़ी से बदलती है, उस फ़ील्ड का नियम हमारे देश में पुराना चल रहा है. बाबा-आदम के ज़माने का. कोई है ही नहीं जो नियमों की बुक खोले, राइट क्लिक करे और रीफ्रेश पे क्लिक कर दे. अरे F5 ही दबा दो कोई!
इस अपडेट के बाद भारतीय आई-टी नियमों का व्हॉट्सैप उल्लंघन कर रहा है. ऐसे में दो बातें होंगी - 1 सरकार व्हॉट्सैप से इस फीचर को हटाने को कहेगी. ये काम व्हॉट्सैप को सिर्फ इंडिया के लिए करना होगा. जो लगता नहीं है कि होगा. 2 सरकार व्हॉट्सैप को गैर-कानूनी घोषित करेगी. ऐसे में व्हॉट्सैप इंडिया में बैन हो जायेगा. इससे पिंड छुड़ाने का एक ही तरीका है - भारतीय आई-टी लॉ में बदलाव. ये एनक्रिप्शन की बात आई कहां से? हुआ ये है कि व्हॉट्सैप को एनक्रिप्ट कर दिया गया है. माने ये कि अब कोई भी व्हॉट्सैप के मैसेज को पढ़ नहीं पायेगा. इसका क्या मतलब हुआ? हमसे किसी ने पूछा कि ऐसा हो गया तो फिर जो आएगा वो मैसेज कैसे पढ़ेंगे? तो हमने बताया कि मैसेज तुम्हारे मोबाइल स्क्रीन पे तो दिख जायेगा लेकिन अगर व्हॉट्सैप के सर्वर से कोई उसे पढ़ने की कोशिश करे तो नहीं पढ़ पायेगा. यानी अपने फ़ोन में लगाओ लॉक. वहां मैसेज सेफ़. और सर्वर में एनक्रिप्शन वाला लॉक लग गया है. अब फ़ोन से सिर्फ तुम मैसेज पढ़ोगे और सर्वर से कोई भी नहीं. हुआ न व्हॉट्सैप पूरी तरह से सेफ़?
ये एनक्रिप्शन क्या बला है? बताते हैं. दिमाग से सारी बकैती निकालो और ध्यान से सुनो. पढ़ो. आप कोई भी वेबसाईट खोलिए. कैसे खोलते हैं? एड्रेस बार में उस साईट का एड्रेस डालते हैं. जैसे फेसबुक खोलने के लिए www.facebook.com जब आप फेसबुक खोलते हैं तो उसी एड्रेस बार में किनारे एक ताला बन के आता है. इसका मतलब ये होता है कि ये वेबसाइट एनक्रिप्टेड (encrypted) है. इससे आप निश्चिन्त हो सकते हैं कि आपके क्रेडिट कार्ड नम्बर, आपका फ़ोन नम्बर, घर का पता, प्राइवेट चैट्स, फोटुएं और न जाने क्या क्या, किसी चोर के हाथों से ज़्यादा से ज़्यादा दूर हैं. इन्टरनेट की दुनिया में इन चोरों को हैकर (hacker) कहते हैं. ज़्यादा इंग्लिश मीडियम में जाना हो तो ई-इंट्रूडर (e-intruder) कह लो. लेकिन ये एनक्रिप्शन आखिर असल में क्या चीज है? मान लीजिये आपको अपने किसी दोस्त को कोई मैसेज भेजना है. जैसे - "आज बियर पार्टी है." लेकिन आपको लगता है कि उसके पापा ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी. तो आप उस मैसेज को थोड़ा सा बदल कर भेजेंगे - "आज भजन संध्या है." सिंपल! इस पूरे प्रॉसेस में "आज बियर पार्टी है." हुआ प्लेन टेक्स्ट (plain text) और "आज भजन संध्या है." को हम एनक्रिप्टेड टेक्स्ट(encrypted text) कहेंगे. इसी प्लेन टेक्स्ट (सिंपल मैसेज - "आज बियर पार्टी है.") को एक एनक्रिप्टेड टेक्स्ट (बदले हुए मैसेज - "आज भजन संध्या है.") में बदलने को एनक्रिप्शन कहते हैं. बदले हुए मैसेज से कभी भी असली मैसेज की भनक नहीं लग सकती. कंप्यूटर की दुनिया में ये बदले हुए मैसेज काफी कॉम्प्लेक्स होते हैं. इन बदले हुए मैसेजों को साइफ़र-टेक्स्ट (cyphertext) कहते हैं. असली मैसेज को बदलने के कई तरीके भी होते हैं. इन्हीं तरीकों को bit के बेस पर अलग किया जाता है. bit कंप्यूटर के डाटा को नापने की इकाई है. जैसे वजन की ग्राम, लिक्विड की लीटर, वैसे ही कंप्यूटर डाटा की bit. एनक्रिप्शन के लिए एक बात ज़रूरी है. आपके दोस्त को बदले हुए मैसेज से असली मैसेज कैसे समझना है, ये मालूम होना चाहिए. इसके लिए ये ज़रूरी है कि आपमें और उसमें ये साठ-गांठ हो कि "भाई, जब भजन संध्या वाला मैसेज आये तो समझ लेना बियर पार्टी है." अगर उन्हें यही नहीं मालूम होगा तो आप तो बोतल लेके बैठे होंगे और वो आएगा आधा दर्जन केले लेकर. इस साठ-गांठ को की (key) कहते हैं. की माने चाभी. वही चाभी जिससे एनक्रिप्शन नाम के ताले खुलते हैं. ताला खुलने के बाद जो असल टेक्स्ट हमें मिलता है उसे डीक्रिप्टेड टेक्स्ट (decrypted text) कहते हैं.
ये जो बहुत ही सिंपल सी चीज आपको लग रही है, असल में इतनी सिंपल है नहीं. ये तो मेरा प्यार है जो कॉम्प्लेक्स चीज़ों को यहां बताने से रोक रहा है. अगर वो बता दिया तो भारी गड़बड़ हो जाएगी. और ये भी बता दिया जाए कि दुनिया का कोई भी एनक्रिप्शन कोड परफेक्ट नहीं है. प्रोग्रामर हर दिन इस पूरे प्रॉसेस को बेहतर बनाने के लिए जुगाड़ फिट करते रहते हैं. और हैकर हर दिन इस एनक्रिप्शन को तोड़ने की जुगत में रहते हैं. ये लड़ाई चलती ही रहेगी. जब तक ताला है, हथौड़े काम में आते रहेंगे. मजबूत ताले बनते रहेंगे, भारी हथौड़े बनते रहेंगे. बाकी ये है कि व्हॉट्सैप एनक्रिप्ट हो गया है. आपका डाटा ऑनलाइन सुरक्षित है. बाकी आपके फ़ोन का पासवर्ड किसी को मालूम लग जाये तो नहीं कह सकते.

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