दुपहिया पर टेंपो जितनी सवारी लेकर चलने वाले ये खबर जरूर पढ़ लें
सरकार ऐसों के लिए नए नियम ला रही है.
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सरकार दुपहिया वाहनों में बच्चों की सेफ्टी के लिए नया रूल लाने की तैयारी कर रही है.
इस खबर की फीचर इमेज देखकर आप समझ गए होंगे कि दुपहिया वाहन चलाने वाले कितने 'दिलेर' होते हैं. ऐसे घोर लापरवाह लोग बाइक पर कार की राइड का मज़ा लेने के लिए बाकी लोगों के साथ बच्चों की जिंदगी भी खतरे में डालने से नहीं कतराते. लेकिन अब सरकार इन जैसों के लिए सख्त नियम बनाने का मूड बना चुकी है. खबर है कि दुपहिया वाहनों पर बच्चों को बिठाकर ड्राइव करने वालों के लिए सख्त नियम-कायदे जल्दी ही आ सकते हैं. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय बच्चों की सुरक्षा के लिए नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है. बताया गया है कि इन्हें पहले से अधिक सख्त बनाया जाएगा ताकि दुपहिसा वाहन चलाने वाले और उस पर सफर करने वाले बच्चे ज्यादा सुरक्षित रहें.
क्या है नया प्रस्ताव?
अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सरकार ने बच्चों को दुपहिया वाहन पर बिठाने को लेकर मोटर वीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) में सख्त नियम-कायदों का प्रस्ताव रखा है. अखबार की रिपोर्ट कहती है कि जल्द ही सरकार इनको लागू भी कर सकती है. इन नए प्रस्तावों में शुमार है,
# 4 साल तक के बच्चे को मोटरसाइकिल पर पीछे बैठाकर ले जाते समय दुपहिया वाहन जैसे बाइक, स्कूटर, स्कूटी आदि की स्पीड लिमिट 40 किमी प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए.
# दुपहिया वाहन चालक पीछे बैठने वाले 9 महीने से 4 साल तक के बच्चे को क्रैश हैलमेट पहनाएगा. मतलब दुपहिया चलाने वालों के साथ पिलियन और बच्चे सभी को हेलमेट पहनाना होगा.
# मंत्रालय के मुताबिक मोटरसाइकिल का चालक ये सुनिश्चित करेगा कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों को अपने साथ बाइक या स्कूटर पर बांधे रखने के लिए सेफ्टी हार्नेस का इस्तेमाल करेगा.
मिनिस्ट्री ने सेंट्रल मोटर वीकल रूल्स में बदलाव का जो ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, उसमें इस नियम को न मानने वाले पर 1 हजार रुपए जुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड करने का प्रावधान रखा गया है.
ये सेफ्टी हार्नेस क्या होता है?
असल में सेफ्टी हार्नेस वाहनों पर सफर करने के दौरान बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया एक तरीका है. आपने देखा होगा कि कारों में सीट के साथ फिक्स हो सकने वाली खास सीटें आती हैं. इनके कुशन और सेफ्टी बेल्ट इस तरह के होते हैं जिससे सफर के दौरान उन्हें कोई दिक्कत न हो. कुछ अनहोनी हो जाए तो उनकी सेफ्टी बनी रहे.
कारों की तरह ही दुपहिया वाहनों के लिए भी सेफ्टी हार्नेस होते हैं. उनका सेफ्टी हार्नेस बच्चे को पहनाए जाने वाले जैकेट की तरह का होता है. इसके साइज को एडजस्ट किया जा सकता है. ये सेफ्टी हार्नेस बच्चे को बांधे रखने का काम करता है. सुरक्षा जैकेट में फीते होते हैं जो उसे वाहन चालक के कंधों से जोड़े रखने का काम करते हैं. वहीं कार में बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड लॉक समेत अन्य फीचर्स दिए जाते हैं.
मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर लोगों से उनकी राय भी मांगी है. वे अपनी आपत्ति और सुझाव दोनों दे सकते हैं.

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