सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पहली बार बोलते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेकहा था कि भारत ने वो काम किया है, जो पहले सिर्फ इजराइल करता था. बात तो सही है.अचानक से अपने दुश्मनों को निपटा देना तो वहीं की फितरत है. हमने भी अपने बड़े होनेके क्रम में इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के कारनामों के बारे में बहुत सुना है.एकदम जेम्स बॉन्ड की फिल्मों के कारनामे. सुन के देह के रोयें खड़े हो जायें. परभारत और इजराइल के काम में एक अंतर जरूर है. इजराइल वाले कभी बताते नहीं हैं अपनेकाम के बारे में. दूसरे लोग ही कहते रहते हैं कि हमको मार दिये ये लोग. पर ये लोगहर बार मना कर देते हैं. तो लोगों के मन में ये डर बना रहता है कि दुनिया में कहींभी ये खोज के मार देंगे अपने दुश्मनों को. इतना कि रेगिस्तान में भी एक मर्डर होजाये और मर्डरर का पता ना चले, तो लोग मोसाद पर इल्जाम लगा देते हैं. पर ऐसा कियाक्या है मोसाद ने ये नाम कमाने के लिये? 1974 में म्यूनिख ओलंपिक में इजराइल कीपूरी टीम को ही उड़ा दिया गया था. इसी घटना के बाद इजरायली प्रेसिडेंट गोल्डा मेयरने एक इंटेलिजेंस एजेंसी बनाई, जिसे मोसाद कहा गया. जब मैं लेबनान में लड़ रहा था,मैंने एक परिवार की लड़ाई देखी. मार-काट होने के बाद परिवार के मुखिया का सिर फट केफ्लोर पर गिरा हुआ था. उसके चारों ओर उसके बीवी-बच्चों की लाशें थीं. हत्यारे वहींखड़े थे. अचानक उनमें से एक ने फटे सिर से दिमाग निकालकर खाना शुरू कर दिया. तो आपलोगों को इसी हिसाब से काम करना है. नहीं तो कोई आपका दिमाग ऐसे ही निकालकर खाजायेगा. - ये बातें कह रहे थे मीर डैगन, मोसाद के पूर्व चीफ, अपने एजेंटों से मारनेकी जरूरत इसलिये पड़ती है क्योंकि उन अपराधियों को केस चलाने के लिये इजराइल मेंनहीं लाया जा सकता. और मारना जरूरी है, नहीं तो वो दिमाग निकालकर खा जायेंगे. परकहीं से भी खोज के मारने के लिये मोसाद जैसा जिगरा भी चाहिए. जब भी मुझे किसीअपराधी की आंखों में देखने का मौका मिला, मैंने उसे मारने की कोशिश की है. क्योंकिमैं उसकी आंखों में डर देखना चाहता था. उसकी सांस में इसे महसूस करना चाहता था.कभी-कभी मैंने अपने हाथों से ही मार दिया. चाकू से या कभी बंदूक से. मुझे इस पर कभीअफसोस नहीं हुआ. - रफी इतन, मोसाद के एक चीफ हम लोग उस जल्लाद की तरह हैं या फिर उसडॉक्टर की तरह, जो मौत का इंजेक्शन देता है. हमारे कामों के बारे में इजराइली सरकारको पता होता है. जब मोसाद मारती है, तो ये कानून के मुताबिक ही होता है. समझ लीजियेकि प्रधानमंत्री का आदेश है ये. - मीर अमिट, मोसाद के डायरेक्टर रहे थे तेल अबीबमें मोसाद का एक मेमोरियल भी है. एक कंक्रीट की मेज है, दिमाग के शेप में. उस पे हरउस एजेंट का नाम है, जो किसी ऑपरेशन में मारा गया है. मीर कहते हैं- उनको बचाने केलिये हमने वो सब किया, जो कर सकते थे. उसको दुनिया की किसी भी एजेंसी से बेहतरट्रेनिंग भी दी थी. पर किसी-किसी मिशन में दांव उल्टा पड़ जाता है. कोई बात नहींहै. हमेशा कोई ना कोई आ जाता है, जो दांव खेलना चाहता है. मोसाद के दुश्मन आस-पासनहीं रहते. वो होते हैं, इजराइल से बाहर हजारों किलोमीटर दूर, जहां बम-ब्लास्ट कीप्लानिंग चल रही होती है. या ब्लास्ट करने के बाद अगला मूव बनाया जा रहा होता है.मोसाद के एजेंट वो हथियार ले के निकलते हैं, जो कहानियों में होते हैं. दिमाग सुन्नकर देने वाला जहर. जहर की एक छोटी सी लैब. जिससे फटाफट घातक हथियार बनाया जा सके.दिन में मारना है तो अलग तरीका. रात में अलग. सामने मार के निकल जायें, किसी को पताना चले. भीड़ में मार के निकल जायें. ये एजेंट पकड़ में नहीं आते. तरह-तरह के चाकू.गला घोंटने के लिये तार. लेमनचूस साइज के बम. कई तरह की बंदूकें. शॉर्ट बैरल सेलेकर स्नाइपर. मतलब नजदीक से लेकर एक किलोमीटर दूर तक भागता शिकार दोनों जद मेंहैं. एक तरीका दुबारा इस्तेमाल नहीं होता. टेक्नीशियन लगातार नये तरीके ढूंढते रहतेहैं. एजेंट लगातार फोरेंसिक वालों से ट्रेनिंग लेते हैं कि मर्डर को एक्सिडेंट मेंकैसे तब्दील कर दिया जाये. क्योंकि हर जगह गोली चलाना संभव नहीं होता. फिर सबसे ऊपरहैं एजेंट. अगर केन्या या मोम्बासा जायें तो वहां की लोकल भाषा पता है. अरबी सेलेकर हिंदी तक. अरब जायें तो अरब बन जायें. इंडिया आयें तो इंडियन. कपड़ों से लेकरहाव-भाव अपनाने में कोई दिक्कत नहीं. आपस में बात करें तो स्वाहिली जो किसी को समझमें ना आये. समझने की कोशिश करो तो य़ही लगे कि दो दोस्त मजाक कर रहे हैं. अपनेशिकार की नस-नस पहचानने में माहिर. फोन पर की गई बात से अंदाजा लगा लेना शिकार का.जो औरतें शामिल होती हैं मोसाद में उनका दिल भी बेहद मजबूत होता है. सेक्स कोहथियार की तरह इस्तेमाल करना बखूबी आता है. वैसा सेक्स जो दिमाग भन्ना दे और उगलवादे सारी बातें. हिट टीम में चार लोग होते हैं. एक टारगेट सेट करता है. टारगेट के हरकदम की जानकारी रखता है. एक ट्रांसपोर्टर होता है. जो टीम को किलिंग एरिया से दूरले जाता है. बाकी दो मारने का काम करते हैं. ये टीम महीनों प्रैक्टिस करती है. एकसेफ हाउस में. जैसे सद्दाम को पैसा देने वाले गेरार्ड बुल के केस में किया गया था.उसे इराक के अफसरों ने एक सेफ जगह पर रखा था. मोसाद के एजेंट कूरियर ब्वाय़ बन केपहुंचे. कूरियर ओरिजिनल था. दरवाजा खुला. बुल ने कूरियर लिया. दरवाजा बंद करते-करतेबुल गिर पड़ा. उसे गोली मार दी गई थी. किसी को पता नहीं चला. क्योंकि दरवाजा आरामसे बंद हुआ था. हमास का एक बम बनाने वाला था. वेस्ट बैंक में. मोसाद के लिये उसकानाम था इंजीनियर. एक दिन उसके पास गाजा से उसका दूर का कजिन आया. बातें होने लगीं.कजिन पूरी दुनिया में इस्लाम का राज फैलाना चाहता था. चाय पीते हुये बहकी-बहकीबातें होने लगीं. आखिरकार गंभीर मसला था. फिर रात को कजिन ने फोन मांगा कि घर पेफोन करना है. बता दूं कि रुक रहा हूं. फिर दोनों सो गये. अगले दिन कजिन अपने घर चलागया. फिर इस फोन पर एक कॉल आई. इंजीनियर का सिर उड़ गया. कजिन कजिन नहीं था. मोसादका एजेंट था. फोन में बम प्लांट कर चला गया था. किसी और ने उसे ना आते देखा, नाजाते. सद्दाम को मारने के लिये भी प्लान किया गया था. उसकी कई बीवियां थीं. तो एकसे मिलने जाते समय उसको मारना था. मोसाद के एजेंटों ने पता किया था कि वो औरत एकइराकी ऑफिसर की विधवा थी. वो ऑफिसर काफी रहस्यमय तरीके से मर गया था. उस औरत को शहरके बाहर एक विला में ले जाया जा रहा था. उस विला की सुरक्षा जबर्दस्त थी. वहीं परसद्दाम को मारना था. हेलिकॉप्टर से उतर विला में जाते हुये. सेकेंड्स में. सद्दामको मारने के पहले के प्लान फेल हो गये थे. इस बार नहीं होना था. इसके लिये नेगेवडेजर्ट में तैयारी चल रही थी. विला तैयार किया गया था. सद्दाम और उस औरत की जगह कुछएजेंट एक्टिंग कर रहे थे. ऑपरेशन चल रहा था. सब कुछ सही जा रहा था. बस एक गलती होगई. सारे हथियार नकली थे. बस एक मिसाइल असली आ गई थी. जब वो दगी तो विला के अंदर केएजेंट उड़ गये. ऑपरेशन कैंसिल कर दिया गया. मोसाद ने दुनिया भर में कई खतरनाकऑपरेशन किये हैं. इनके बारे में हम आपको बतायेंगे फिर कभी. input: rense.com--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: विश्व की सबसे फौलादी टीचर जिसने म्यूनिख़ के क़ातिलों को चुन-चुन करमाराक्या सच में इजराइल पूरी दुनिया से इस्लाम को मिटाना चाहता है?