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एक महीना असल में चौकीदारी करके देखिए, होश ठिकाने आ जाएंगे

इस वक्त फैशन में खुद को चौकीदार कह/लिख रहे लोगों में से शायद ही किसी को ऐसे हालात का सामना करना पड़े.

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19 मार्च 2019 (अपडेटेड: 19 मार्च 2019, 09:04 AM IST)
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चौकीदार. ये एक कीवर्ड बना फिर रहा है. हर कोई चौकीदार बनने को उतावला है. ट्विटर हैंडल में चौकीदार जोड़ दिया है. कांग्रेस की चाल उल्टी पड़ गई. मोदी जी का मास्टरस्ट्रोक कहा जा रहा है. पांच साल में मोदी जी ने दे मास्टरस्ट्रोक पर मास्टरस्ट्रोक ठेले हैं. इतनी कम समयावधि में इतने मास्टरस्ट्रोक मारना भी अपने आप में एक मास्टरस्ट्रोक है. बस मोदी जी को एक काम करना चाहिए. बड़े-बड़े लोग उनके दोस्त हैं. छोटे लोगों को वो मंच से संबोधित करते हैं, लेकिन बड़े लोगों से मुलाक़ात करते हैं. हाल ही में कई फ़िल्म ऐक्टर्स उनसे मिलने आये थे. एक फ़िल्म ऐक्टर हैं जिनका नाम है नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी. मोदी जी उन्हें फ़ोन करें और उनके जीवन की सबसे पहली नौकरी के बारे में पूछ लें. तस्वीर काफ़ी साफ़ हो जायेगी. क्या है कि अभी तक लोग सोल्जर बने फिर रहे थे. पाकिस्तान पर कब्जा कर लाहौर में बिना ब्रोकर 3BHK लेने की सोच रहे थे. फिर एक दिन अभिनंदन को पाकिस्तानी आर्मी ने धर लिया. अचानक ही देश के सोशल मीडिया कमांडोज़ को एक झटका लगा और दिनकर का पाठ करने वाले जॉन लेनन के अनुयायी मालूम देने लगे. चौकीदारों की एक शिफ्ट के बारे में ज़रा सा मालूम कर लें तो चौकीदारी निकल जायेगी. 10 से 12 घंटे की शिफ्ट. हफ़्ते के सातों दिन. कोई तीज-त्योहार नहीं और न ही एसी कूलर की हवा. पूरे दौरान खड़े रहना है और रुपिया मिलेगा 12 हज़ार. बहुत हुआ तो 15 हज़ार. गलतियों पर पैसे कटते हैं और पूरे दिन गाड़ियों का धुआं सोखना है, सो अलग. लेकिन मोदी जी को पीआर और सोशल मीडिया टीम ने सेकेण्ड भर में चौकीदार बना दिया. मेरे दफ़्तर की हालत ऐसी है कि नीचे खड़े गार्ड की किसी ने कम्प्लेंट कर दी. अब वहां एंट्री पर खड़े हर 'गार्ड भइय्या' को आने-जाने वाले हर शख्स को गुड मॉर्निंग कहना होता है. चौकीदार मल्टीपर्पज़ हो गए. सुरक्षा की सुरक्षा, ईगो बूस्ट का ईगो बूस्ट. बहुत पहले टीवी पर एक वीडियो देखा था. राजस्थान के झुंझुनू इलाके का. कुछ लोगों ने एटीएम गार्ड को पीट-पीट कर मार डाला और फिर पैसा लूट कर भाग गए. वीडियो अभी तक इसलिए याद है क्यूंकि एक नक़ाबपोश आदमी ने जिस हैवानियत के साथ गार्ड के सर पर पहली चोट की थी उसे देखकर मैं हिल गया था. मुझे नहीं लगता था कि इतना क्रूर कोई भी हो सकता है. लेकिन उस दिन वो क्रूरता मैं साक्षात देख रहा था. वो एटीएम गार्ड अस्पताल में इलाज के दौरान मर गया. इस वक्त फैशन में खुद को चौकीदार कह/लिख रहे लोगों में से शायद ही किसी को ऐसे हालात का सामना करना पड़े. मेरा दोस्त है. कॉमेडी करता है. नेताओं से थोड़ी कम. पुनीत पनिया. कह रहा था कि महाअमीर नेताओं को जब खुद को चौकीदार कहते हुए सुनता हूं तो ऐसा लगता है जैसे साउथ मुंबई के लड़के खुद को रैपर कह रहे हों. साउथ मुंबई महापॉश और महाअमीर इलाका है. रैप में गुस्से और फ्रस्ट्रेशन को निकाला जाता है. उसकी पैदाइश ही वहां से हुई. ऐसे में मम्माज़ बॉय बने फिर रहे साउथ मुंबई के लड़के किस चीज़ पर रैप करेंगे? अपने एक्सबॉक्स ख़राब होने पर? वही हाल मोदी जी का और उस झुंड का है जिसने खुद को खुद ही चौकीदार बना लिया है. भाजपा का दावा है कि #MainBhiChowkidar एक ग्लोबल ट्रेंड बन चुका है और प्रधानमंत्री बहुत ही जल्द चौकीदारों से बात करेंगे. ऐसा लग रहा है जैसे मोदी जी ने मेरे मन की बात सुन ली है. बस विनती इतनी भर है कि उनके साथ सेल्फीमात्र के लिए मुलाक़ात न की जाए. उनकी उतनी ही सुध ली जाए जितनी गायों की, उनकी पेशाब की, उनके गोबर की, उनके गोबर की ऐंटी-रेडियोएक्टिव क्षमता की सुध ली गई है.

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