3 दिसंबर 1926 की एक सर्द रात. ब्रिटेन के बर्कशायर का एक घर. एक औरत अपने हसबैंडसे बेतहाशा लड़ रही थी. दोनों के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था. उसके हसबैंड का नामआर्ची था. झगड़े के बाद आर्ची घर छोड़ कर चला गया. इसकी वजह थी एक दूसरी लड़की. नैंसीनील. आर्ची और नैंसी एक दूसरे को पसंद करते थे. इस तीखे झगड़े के बाद ये औरत एक कुर्सी से घंटों चिपकी बैठी रही. अचानक उसके ज़ेहनमें कुछ आया. रात के साढ़े नौ बज रहे थे. अपनी कुर्सी से उठी और ऊपर की मंजिल पर गई.उसकी सात साल की बेटी वहां सो रही थी. उसके माथे को चूमा और सीढ़ियों से उतरकर एकबैग में कपड़े पैक किए और घर से बाहर आ गई. अपनी कार निकाली और चल पड़ी. न जाने कहां?द क्वीन ऑफ़ क्राइमइस 35 साल की औरत का नाम था अगाथा क्रिस्टी. जासूसी उपन्यासों की सबसे बड़ी राइटर.And Then There Were None जैसा बेस्ट-सेलिंग नॉवेल लिखने वाली अगाथा. हरक्यूल जैसावर्ल्ड फेमस डिटेक्टिव रचने वाली अगाथा. अगाथा, जिनके लिखे पर ही किताबें लिखी जासकती हैं. वो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वालीराइटर हैं. उन्हें 'द क्वीन ऑफ़ क्राइम' भी कहा जाता है. लेकिन आज कहानी उनके घर सेगायब होने की, जो उस दौर की सबसे बड़ी 'ब्रेकिंग न्यूज़' बन गई थी.1926 के दौरान अगाथा. फोटो- Hulton Archivesसबसे बड़ा खोजी अभियानउस समय अगाथा का नॉवेल The Murder of Roger Ackroyd खूब बिक रहा था और घर-घर मेंउनकी पहचान थी. उन पर चर्चा होती थी. घर छोड़ने के कई दिनों तक अगाथा की कोई खबर नमिली तो इसकी भी चर्चाएं शुरू हो गईं. मर्डर मिस्ट्री और जासूसी भरे नॉवेल लिखनेवाली अगाथा की जासूसी शुरू हो गई. बहुत से नागरिकों के साथ हजारों पुलिस वालों कोउन्हें खोजने के मिशन पर लगाया गया. अखबार उनके गायब होने की ख़बरों से भरे हुए थे.एयरोप्लेन उन्हें खोजने के लिए चक्कर लगाते थे. एक शख्स के लिए इस तरह का खोजीअभियान अपने आप में एक बड़ी घटना थी. इतिहासकार गायल्स मिल्टन इसे one of thelargest manhunt ever mounted कहते हैं.देश की सरकार परेशान हो गई थी. होम सेक्रेटरी विलियम जॉयसन हिक्स ने पुलिस पर दबावडाला कि ये काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए. शेरलॉक होम्स जैसा अमर जासूसी कैरेक्टररचने वाले सर आर्थर कॉनन डॉयल और डोरोथी एल. सेयर्स जैसे जासूसी लेखकों की भी मददली गई. लगता था कि ये लोग दिमाग लगाकर जासूसी नॉवेल लिखते हैं तो हो सकता है इनकादिमाग इसमें भी चल जाए. लेकिन सब बेकार था. अगाथा की कोई खबर न थी.जब मिली उनकी कार इसके बाद उनकी कार नीदरलैंड के गिल्डफोर्ड में एक ढलान पर मिली. कार डैमेज्ड थी. इसकार में उनका कोट, उनके पुराने ड्राइवर का लाइसेंस और एक बैग में कुछ कपड़े मिले.लेकिन अगाथा गायब थीं. अगाथा की कारगढ़ी गईं मौत की खबरेंप्रेस वालों ने कई तरह की थ्योरीज लिखनी शुरू कर दीं. Hounds search for novelistऔर Lady vanishes जैसी हेडलाइन होती थीं. कहानियां गढ़नी शुरू हो गईं. लिखा गया किजहां से कार पाई गई है वहां एक झरना है. जिसे साइलेंट पूल कहा जाता है. दावा कियागया कि यहां दो बच्चों की मौत हो गई थी. यहीं पर अगाथा ने ख़ुदकुशी कर ली है. झरनेमें डूबकर अपनी जान दे दी है. ये भी कहा गया कि उनमें 'सुसाइडल टेंडेंसी' थीहालांकि अगाथा खुद सुसाइड जैसी चीजों की विरोधी रही थीं.फोटो- Hulton Archivesएक होटल में मिलीं अगाथाअफवाहें तो यहां तक थीं कि उनके पति आर्ची क्रिस्टी ने उनका मर्डर कर दिया है.शेरलॉक वाले आर्थर कॉनन डायल का तंत्र-मंत्र में विश्वास था. उन्होंने अगाथा के एकग्लव से कुछ तंतर-मंतर करने की कोशिश की ताकि उनका पता चल सके, लेकिन ये सब हमेशासे फ़ालतू चीजें ही थीं.एक हफ्ते में उनके गुमशुदा होने की खबर दुनिया भर को हो गई. New York Times में येखबर सुर्ख़ियों में रही. ग्यारह दिनों की उठापटक के बाद 14 दिसंबर को पता चला कि वोलंदन हैरोगेट नाम के एक होटल में थीं. उन्होंने कार रास्ते में छोड़ दी थी और ट्रेनसे यहां तक आई थीं. होटल में बैंजो बजाने वाले एक शख्स बॉब टैपिन ने पुलिस को इसकीख़बर दी थी.हैरोगेट होटल. फोटो- Hulton Archivesपति की गर्लफ्रेंड के सरनेम से होटल में रह रही थींइसके बाद एक चीज और चौंकाने वाली थी. वो इस होटल में थेरेसा नील के नाम से रुकी थी.नील उनके पति आर्ची की गर्लफ्रेंड का सरनेम था. जब पुलिस हैरोगेट होटल पहुंची तोअगाथा ने ये कहकर उन्हें घंटों इंतज़ार करवाया कि उन्हें कपड़े बदलने हैं.अगाथा के पति ने दावा किया था कि कार क्रैश के बाद उनकी याददाश्त जा चुकी थी, लेकिनअगाथा की बायोग्राफी लिखने वाले एंड्रू नार्मन ने दावा किया कि वो दिमागी रूप सेबीमार चल रही थीं. अपनी शादीशुदा ज़िंदगी से परेशान थी. उनके गायब होने के पीछे क्यावजह थी, इस मिस्ट्री पर भी कई थ्योरी गढ़ी गईं.अगाथा पर्सनालिटी डिसऑर्डर से जूझ रही थीं इसीलिए उन्होंने अपने पति की गर्लफ्रेंडका सरनेम रख लिया था. उसकी जगह वो खुद को रखकर देखती थीं. बहुत से लोगों ने ये भीकहा कि किताबों की बिक्री बढ़ाने के लिए किया गया एक स्टंट था.परदे पर आई गायब होने की मिस्ट्रीइस पूरे वाकये पर 1979 में एक फिल्म बनाई गई. फिल्म का नाम था 'अगाथा.' इसकेडिस्क्लेमर में कहा गया कि ये अगाथा की लाइफ के इन ग्यारह दिनों की मिस्ट्री कोसुलझाने का एक काल्पनिक प्रयास है. BBC ने इस पर एक टीवी सीरीज बनाई Doctor Who केनाम से. इसमें कार क्रैश के बाद उनकी याददाश्त खोने वाली थ्योरी पर ज्यादा जोर दियागया.'अगाथा' फिल्म का पोस्टर11 दिनों की इस गुमशुदगी पर डॉक्टर कैरोल ओवेन ने The Lost Days of Agatha Christieनाम से किताब लिखी. इसमें उन्होंने खुद को डॉक्टर का ही किरदार बनाते हुए उस समय कीअगाथा के मानसिक हालत की पड़ताल की है. इसमें कैरोल ये थ्योरी देते हैं कि अगाथा कीयाददाश्त नहीं खोई थी, क्योंकि उन्हें अपने पति की लवर का सरनेम याद था.इन सबसे उबर आईं अगाथाबाद में अगाथा इन सब से बाहर आईं और उन्होंने फिर से लिखना शुरू किया. 1928 मेंउन्होंने आर्ची को तलाक दे दिया और आर्कियोलॉजिस्ट सर मैक्स मैलोवैन से शादी कर ली.उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी लिखी जिसमें इन रहस्य से भरे ग्यारह दिनों का कहींजिक्र नहीं किया. ये रहस्य उनकी मौत के साथ ही चला गया. 1976 में जनवरी की बारहवींतारीख को 85 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई.उनके ग्यारह दिनों के गायब होने की कहानी इतनी रहस्य से भरी है कि कहा जाता है किअगर उनका रचा डिटेक्टिव हरक्यूल भी आ जाता, तो ये मिस्ट्री डिकोड ना कर पाता.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी निशांत ने की है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें-9 बार उसकी जान लेने की कोशिश हुई, मरा पर कातिल का हिंट नसों में छुपा के गयाएक प्रधानमंत्री को गोली मारी गई, 134 लोगों ने अपराध कबूला और हत्यारा कोई नहीं!रंगा-बिल्ला: भारत का सबसे वीभत्स मर्डर केस, जिसने PM की नींद हराम कर दीउस रात की पूरी कहानी, जब शास्त्री की मौत हुई