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3 महीने तक धनंजय मुंडे को बचाने पर अड़े रहे अजित पवार, आखिर में चार्जशीट ने पलट दी कहानी!

Dhananjay Munde Resignation: बीजेपी के अंदर भी मुंडे के विरोध में आवाज़ उठ रही थी. बीजेपी विधायक सुरेश धास ने तो मुंडे के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया था. लेकिन जब हत्या के वीडियो और फोटो सामने आए तो अजित पवार के पास कोई चारा नहीं बचा.

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Dhananjay Munde
NCP नेता धनंजय मुंडे.
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सौरभ
5 मार्च 2025 (पब्लिश्ड: 04:12 PM IST)
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तीन महीने के हंगामे, विरोध प्रदर्शन, आरोप-प्रत्यारोपों के बाद आखिरकार महाराष्ट्र सरकार में मंत्री धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) ने 4 मार्च को इस्तीफा दे दिया. एनसीपी नेता धनंजय मुंडे पर इस्तीफा देने का दबाव लगातार बढ़ रहा था, लेकिन जब बीड के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से पहले उन पर हुए अत्याचार के वीडियो और तस्वीरें सामने आईं तो मुख्यमंत्री देवेंद्र  फडणवीस के पास कोई रास्ता नहीं बचा. पुलिस ने जो चार्जशीट दायर की उसमें ये सारे सबूत पेश किए गए है.

चार्जशीट में क्या सामने आया?

CID की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. इनमें धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है. चार्जशीट में 15 वीडियो और 8 तस्वीरें शामिल की गई हैं, जो हत्या के दौरान आरोपियों द्वारा 9 दिसंबर को रिकॉर्ड की गई थीं. चार्जशीट में इन वीडियो और तस्वीरों का संक्षिप्त विवरण भी दिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि ये वीडियो उन लोगों को डराने के लिए बनाए गए थे जो संतोष देशमुख की तरह, स्थानीय उद्योगों से जबरन वसूली (extortion) का विरोध कर रहे थे. चार्जशीट में लिखा गया है कि हत्या से दो दिन पहले मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड ने गिरफ्तार आरोपी सुदर्शन घुले को आदेश दिया था कि वह "देशमुख का ध्यान रखे". यानी इशारों में उसे नुकसान पहुंचाने के लिए कहा.

ये वीडियो 9 दिसंबर को दोपहर 3:46 बजे से शाम 5:53 बजे के बीच रिकॉर्ड किए गए थे. इनकी अवधि 5 सेकंड से लेकर 2 मिनट 4 सेकंड तक है. इन वीडियो के बारे में एक पंच गवाह का बयान में दर्ज किया गया है, जिसने पुलिस की मौजूदगी में आरोपी महेश केदार के फोन की जांच होते हुए देखी.

गवाह ने बयान दिया- "वीडियो 1 चलाया जा रहा है, जिसमें पांच लोग एक व्यक्ति को गालियां दे रहे हैं और उसे मार रहे हैं. वह सफेद-ग्रे चेक शर्ट पहने है और उस पर रिंच, पाइप जैसे हथियारों से हमला किया जा रहा है… साथ ही उसे लात भी मारी जा रही है."

एक और वीडियो देखने के बाद गवाह ने कहा- 

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यह वही गाड़ी थी जिसमें संतोष देशमुख को कथित तौर पर अगवा किया गया था. गवाह ने आगे बताया-

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गवाह ने यह भी कहा कि इस वीडियो में घायल व्यक्ति केवल अंडरवियर में है. इसके अलावा, एक व्यक्ति उसके बाल पीछे खींचकर जबरन कुछ बोलने को मजबूर कर रहा है, जबकि दूसरा व्यक्ति इस घटना को रिकॉर्ड कर रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गवाह ने महेश केदार के फोन में मिली एक तस्वीर के बारे में कहा- "इस फोटो में एक घायल और बुरी तरह पीटा गया व्यक्ति सफेद-ग्रे चेक शर्ट पहने बैठा हुआ दिख रहा है. उसकी पीठ पर कई काले और लाल रंग के गहरे घाव दिखाई दे रहे हैं."

CID की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इन वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान की. चार्जशीट के अनुसार, 6 दिसंबर को वाल्मिक कराड के लोगों ने बीड जिले के मसाजोग गांव में अवाडा एनर्जी द्वारा चलाए जा रहे विंडमिल प्रोजेक्ट को रुकवाने की कोशिश की. यह सब इसलिए किया गया क्योंकि उनकी 2 करोड़ रुपये की जबरन वसूली की मांग पूरी नहीं हुई थी. हालांकि, स्थानीय सरपंच संतोष देशमुख ने हस्तक्षेप किया और उन्हें वहां से लौटने पर मजबूर कर दिया.

CM फडणवीस का सब्र टूटा!

9 दिसंबर को ये घटना घटी. पीड़ित परिवार, स्थानीय लोग और यहां तक कि बीजेपी विधायक ने भी धनंजय मुंडे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. लेकिन NCP चीफ अजित पवार अपनी पार्टी के नेता के पीछे खड़े दिखाई दिए. 10 जनवरी को उनका  बयान आया कि मुंडे के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए इस्तीफा नहीं होगा. डिप्टी सीएम ने कहा,

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लेकिन जब नैतिक आधार पर मुंडे के इस्तीफे की बात आई तो पवार ने कहा,

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अजित पवार साक्ष्यों की बात कर रहे थे. फडणवीस और बीजेपी गठबंधन धर्म में फंसे हुए थे. बीजेपी के अंदर भी मुंडे के विरोध में आवाज़ उठ रही थी. बीजेपी विधायक सुरेश धास ने तो मुंडे के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया था. लेकिन जब हत्या के वीडियो और फोटो सामने आए तो अजित पवार के पास कोई चारा नहीं बचा. सूत्रों के मुताबिक, वीडियो और फोटो सामने आने के बाद फडणवीस ने साफ कर दिया कि धनंजय मुंडे को इस्तीफा देना ही होगा.

कौन हैं धनंजय मुंडे?

धनंजय मुंडे दिवंगत केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के भतीजे हैं. धनंजय, मुंडे परिवार का हिस्सा तो थे लेकिन राजनीतिक विचारधारा अलग थी. सियासत के लिए उन्होंने बीजेपी की जगह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को चुना. NCP टूटने से पहले पार्टी में धनंजय मुंडे की अपनी साख थी. इसे इस बात से समझा जा सकता है कि 2014 में शरद पवार ने उन्हें विधान परिषद में नेता विपक्ष का पद दिया था.

2019 में जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनी तो धनंजय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया. 2020 में उन्हें बीड जिले का संरक्षक मंत्री भी नियुक्त किया गया. वो बीड के ही निवासी हैं. और जिस हत्याकांड में उनका नाम उछाला जा रहा है वो भी बीड का ही मामला है.

2023 में जब अजित पवार शरद पवार से अलग हुए, तो धनंजय मुंडे ने अजित पवार की राह पकड़ी. नतीजा, उन्हें एक बार फिर कैबिनेट मंत्री का पद मिला. 2024 में उन्होंने फिर अपने गृहनगर बीड की परली विधानसभा से जीत दर्ज की. फडणवीस की नई सरकार में भी मुंडे को मंत्री बनाया गया. 

राजनीतिक जीवन में लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ने वाले धनंजय मुंडे के जीवन में विवादों की कमी नहीं है. 13 जनवरी, 2021 को एक गायिका ने मुंडे पर 'रेप' का आरोप लगाया था. तब धनंजय उद्धव ठाकरे सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री थे. महिला ने कहा था कि मुंडे 2006 से उनका यौन शोषण कर रहे थे.

अगले दिन 14 जनवरी को मुंडे का बयान आया. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि रेप का आरोप ‘बेबुनियाद’ है, हालांकि आरोप लगाने वाली महिला की बहन से उनका एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है और उनके दो बच्चे भी हैं. मुंडे ने एक बयान में कहा कि वो 2003 से अपनी शादी से बाहर रिश्ते में हैं. उन्होंने कहा,

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रिपोर्ट्स के मुताबिक रेप का आरोप लगाने वाली महिला ने बाद में शिकायत वापस ले ली थी.

हाल ही में दिवंगत केंद्रीय मंत्री प्रमोद महाजन की भाभी सारंगी महाजन ने धनंजय पर बीड जिले में साढ़े तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत की डेढ़ एकड़ जमीन ‘हड़पने’ का आरोप लगाया. TV9 की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ये भी दावा किया कि इस जमीन की कीमत 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा थी, लेकिन दबाव डालकर इसे महज 21 लाख रुपये में खरीदा गया.

वीडियो: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री धनंजय मुंडे ने दिया इस्तीफा, हत्याकांड से जुड़ा था नाम

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