कॉलेज टाइम में हमारी एक मैडम हुआ करती थीं. कभी-कभी मजाक में कहतीं, पुरुष बच्चेहोते हैं. इसका इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि औरतों के स्तनों को घूरते रहते हैं. जबचाहे आकर पकड़ लेते हैं. वो उस उम्र से बाहर नहीं निकल पाते जिसमें वो मां का दूधपीते हैं.कभी-कभी दुकानों पर जाओ, या सड़क चलते ही निगाह उठाकर गुजरने वाले पुरुषों को देखलो, एक-आध तो ऐसे निकल ही आएंगे जो एक ही प्लान लेकर घर से निकलते हैं. कि जाएंगे,और लड़कियों के ब्रेस्ट्स को फुर्सत से निहारेंगे. कुछ तो ऐसे होते हैं कि उन्हेंलड़की की शक्ल दिखती ही नहीं. क्लीवेज को ही देखकर ही बात करते हैं.अब चूंकि कुछ पुरुषों को ब्रेस्ट काफी पसंद हैं, क्यों न उन्हें ही कुछ समय के लिएब्रेस्ट दे दिए जाएं.तो लॉन्जरी बनाने वाली कंपनी प्राइमा डोना ने एक टेस्ट किया. इनके सीईओ बताते हैंकि लोग आकर इनसे कहते हैं तुम्हारी नौकरी तो बहुत अच्छी है. दिनभर औरतों की ब्राडिज़ाइन करो. मॉडल्स के ब्रेस्ट देखते रहो. तो सीईओ ने सभी पुरुष एम्पलॉई को कहा किआज हम सब ब्रेस्ट लेकर घूमेंगे. और 'ई' कप साइज़ के वजन सीने पर दे दिए.वीडियो बड़ा मजेदार है. इसमें दिखाई पड़ता है कैसे पुरुषों को पीठ में दर्द होने लगताहै. तो कुछ तो वजन उतारकर डेस्क पर रख देते हैं. देखो मजा आएगा.https://www.youtube.com/watch?v=6nBVD3UFIXQ