पाकिस्तानी DGMO की बोलती हो गई थी बंद, पूर्व सेनाध्यक्ष ने दिलचस्प किस्सा सुनाया
Indian Army के पूर्व चीफ General (Rtd) NC Vij ने Kargil War के दौरान का किस्सा साझा किया. उन दिनों को-ऑर्डिनेशन बनाए रखने के लिए हर मंगलवार दोनों देशों के DGMO की बात होती थी.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपने सेना के एक पद का नाम खूब सुना. ये पद है DGMO माने डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस. भारत के लोगों ने इससे पहले कारगिल की जंग के दौरान भी इस पद का नाम सुना था. तब DGMO ही सेना की ओर से किए गए ऑपरेशंस की जानकारी देते थे. इस पद से जुड़ा एक किस्सा भी है जब भारत के DGMO ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से फोन पर कुछ ऐसा कहा जिससे उनकी बोलती बंद हो गई. ये किस्सा तब का है कारगिल की पहाड़ियों में पाकिस्तानी घुसपैठ शुरू हो गई थी.
उस समय भारत के DGMO थे लेफ्टिनेंट जनरल निर्मल चंद्र विज जो आगे चलकर भारत के आर्मी चीफ भी बने. जनरल (रिटा.) एनसी विज लल्लनटॉप के शो किताबवाला में मेहमान बनकर आए. उन्होंने एक फोन कॉल का जिक्र कर बताया कि पाकिस्तान के DGMO से उनकी फोन पर बात हुई थी. तो समझते हैं कि क्या किस्सा है इस फोन कॉल का?
ये किस्सा तब का है जब जनरल विज भारत के DGMO करते थे. ये वही समय था जब एक तरफ भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस यात्रा पर लाहौर गए थे. दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना कारगिल की पहाड़ियों में घुसपैठ कर रही थी. जनरल विज बताते हैं कि उस समय पाकिस्तान में मेजर जनरल तौक़ीर ज़िया तत्कालीन DGMO थे. बकौल जनरल विज, को-ऑर्डिनेशन बनाए रखने के लिए हर मंगलवार दोनों देशों के DGMO की बात होती थी. इस बातचीत में दोनों अधिकारी एक-दूसरे को जरूरत के अनुसार ब्रीफ करते थे. इसी बीच कई दिनों तक दोनों अधिकारियों के बीच बात नहीं हो पाई.
जब कभी कोई इमरजेंसी होती तो बातचीत नहीं भी होती थी. लेकिन ऐसी सिचुएशन में आमतौर पर दोनों एक-दूसरे को बता दिया करते थे. एक हफ्ते जब पाकिस्तान के DGMO का फोन नहीं आया तो जनरल विज को ये अटपटा लगा. ये सोचकर उन्होंने मेजर जनरल तौक़ीर ज़िया को फोन लगाया. उन्होंने पूछा कि आखिर पिछले मंगलवार को बात क्यों नहीं हो पाई? आप कहां थे? इसपर मेजर जनरल तौक़ीर ज़िया ने कहा
इस पर जनरल विज ने जो जवाब दिया, उससे इंडियन आर्मी और उसके ऑफिसर्स में मौजूद सेंस ऑफ ह्यूमर का अंदाजा लगता है. जनरल विज कहते हैं
बच्चों से जनरल विज का मतलब उन पाकिस्तानी सैनिकों से था जो उस समय कारगिल में घुसपैठ कर रहे थे, या कर चुके थे. इस जवाब को सुनने के बाद मेजर जनरल तौक़ीर ज़िया फोन पर एक शब्द भी नहीं बोल सके. जनरल विज का जवाब ऐसा होगा, इसकी उम्मीद मेजर जनरल तौक़ीर ज़िया को नहीं थी.
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