अपनी अफलताओं और कश्मकशों को सपनों के दम पर धता बताने वाले ये युवा आज आंदोलनों परबैठे हैं. काहे से सरकारी exams का ये सिस्टम भांग घुले कुएं जैसा है.'कुछ तोबेशर्मी और आत्ममुक्दता रही होंगी,यूं ही 7 साल में 70 से अधिक पेपर लीक नहींहोते'. रिपोर्टों की भरमार है. 20 जून 2024 में इंडिया टुडे में एक रिपोर्ट छपी.इसके मुताबिक पिछले 7 सालों में 15 राज्यों में 70 पेपर लीक हुए हैं. इन परीक्षाओंमें कितने आवेदन आये? 1 करोड़ 70 लाख. पेपर लीक का ये दीमक लगातार सिस्टम के खोखलेहोने का प्रमाण दे रहा है. तो समझते हैं कि क्या है देश भर में पेपर लीक की वजह?नकल माफियाओं की modus operandi क्या है? क्यों सरकारें पेपर लीक रोकने मेंनाकामयाब साबित हो रही हैं? और इस पेपर लीक की समस्या को जड़ से उखाड़ फेंकने कारास्ता क्या है?