500 और हजार के नोट बैन होने के बाद से लोगों का जीना हराम हो गया है. नौकरी करनेवाला दिन में नौकरी कर रहा है और रात में एटीएम के बाहर लाइन लगा रहा है. ऊर्जामंत्री पीयूष गोयल कह रहे हैं कि एटीएम के बाहर लाइन कम होने लगी है. बात सही है.जब एटीएम में पैसा ही नहीं होगा, तो आदमी लाइन में लगकर करेगा भी क्या.खैर, लोगों की परेशानी बताते रहे, तो पूरा आर्टिकल खत्म हो जाएगा और मुद्दे की बातनहीं हो पाएगी. तो बात ये है कि लोगों का करुण क्रंदन सुनकर सरकार ने माइक्रो एटीएमकी व्यवस्था की है. हमारे यहां समस्या ये है कि लोग एक तकनीक तब तक नहीं सीखते, जबतक उसके बिना भूखे मरने या नंगे जीने की नौबत न आ जाए. उत्ती देर में दूसरी तकनीकरावण सरीखा ठठ्ठा मारते हुए आ जाती है. माइक्रो एटीएम के साथ भी ऐसा ही है. इसकायूज तो काफी पहले से हो रहा है, लेकिन जब सरकार ने इसका नाम लिया, तो लोग बौराए हुएहैं. सोच रहे हैं कि अभी एटीएम ढंग से चल नहीं रहा है और एक नया एटीएम और आ गया.लेकिन, एक बात जान लो. ये छोटू एटीएम है बड़े काम की चीज. आसान तो है ही और इससेअभी की नोट वाली समस्या भी काफी हद तक दूर हो जाएगी.है क्या ये माइक्रो एटीएममाइक्रो एटीएम ऐसी डिवाइस है, जिसके जरिए आप कहीं से भी अपने अकाउंट से पैसे निकालसकते हैं और डाल सकते हैं. आपका अकाउंट चाहे झुमरी तलैया की ब्रांच में हो या पुणेके उस मशहूर गांव में. बैंक चाहें SBI हो या HDFC. हर जगह का पैसा हर जगह सेनिकलेगा और कहीं से भी खाते में डाला जा सकेगा. दिखने में ये डिवाइस कुछ-कुछ वैसीही होती है, जैसी दुकानों पर कार्ड से पेमेंट वाली मशीन होती है. अरे वही, जिससेकार्ड स्वाइप करके आप कहीं भी पेमेंट कर देते हैं. सरकार ये मशीन 'बैंकमित्र' कोथमाकर गांवों में दौड़ा देती है. लोग बैंकमित्र के पास जाते हैं और अपना काम निपटालेते हैं.कैसे काम करती है मशीनदेखो जो बैंकमित्र होता है, वो एक साथ कई बैंकों के लिए काम करता है. तो वो ये मशीनलेकर बताए गए इलाके में जाता है. वहां लोग उसके पास आते हैं अपने-अपने डेबिट कार्डलेकर. बैंकमित्र को कैश देकर भेजा जाता है हर जगह. जब लोग अपना कार्ड माइक्रो एटीएममें स्वाइप करते हैं, तो बैंकमित्र को उनके अकाउंट की जानकारी मिल जाती है. अगरकिसी को पैसे निकालते होते हैं, तो वो मशीन में डीटेल और पासवर्ड वगैरह डाल देताहै. उसके खाते से पैसा कट जाता है और बैंकमित्र उसे अपने पास से कैश दे देता है.खाते में पैसे डालने का भी यही तरीका है. अकाउंट की जानकारी बैंकमित्र को देनी होतीहै. वो माइक्रो एटीएम में डीटेल फीड कर देता है और कैश ले लेता है. आधार कार्ड औरकिसी दूसरी आईडी से भी खुद की पहचान कराकर पैसे निकाले जा सकते हैं.इन मशीनों का ज्यादा यूज करने के पीछे सरकार का मकसद है लोगों तक पैसा पहुंचाना. जोलोग लाइन में नहीं लग पा रहे हैं, वो बैंकमित्र से अपने खाते का पैसा हासिल कर सकतेहैं. माइक्रो एटीएम से पैसे निकालने के कई तरीके हैं. एक तो आप अपना डेबिट कार्डस्वाइप करके पैसा निकाल सकते हैं. इसमें आपको मशीन पर अपना अंगूठा भी लगाना पड़ताहै, जिससे किसी तरह की धोखाधड़ी न हो. अपने अकाउंट नंबर से भी आप पैसे निकाल सकतेहैं. ये सारा सिस्टम आपको बैंकमित्र समझा देगा. और माइक्रो एटीएम बैंकमित्र के पासही हो, ये जरूरी नहीं है. सरकार इसे गांव के प्रधान या इलाके की किसी दुकानदार केपास भी रखवा सकती है, जो आपके सारे काम निपटा देगा. एटीएम के मुकाबले माइक्रो एटीएमपर बैंकों को बहुत कम खर्चा करना पड़ता है.ये क्यों जरूरी हैदेखो दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में बैठकर आप चाहे जित्ता चिल्ला लो कि पेटीएम करोऔर कार्ड स्वाइप करो. लेकिन, गांवों में तो ऐसा कोई सिस्टम है नहीं. वहां एटीएम20-25 किलोमीटर दूर होते हैं और लोगों को ढंग से चलाना भी नहीं आता. पेटीएम काक्यूआर कोड अगर किसी दुकान पर लगा मिल गया, तो लौंडे पेमेंट करने के बजाय उसमें पजलखेलने लगेंगे. वो होता है न चौखंटे में से रास्ता निकालने वाला. वही. बैंकों कीब्रांच बहुत कम होती हैं. थोड़े से लोग भी बैंक के बाहर जमा हो जाएं, तो लगता हैदो-चार गांव बस गए हैं. तो इन सब दिक्कतों को झेलने के लिए सरकार एक पढ़े-लिखे राजाबाबू को माइक्रो एटीएम देकर भेज देती है गांवों में. हालांकि, ये सिर्फ गांवों केलिए ही नहीं है. अभी जिस समस्या को लेकर इनकी तादाद बढ़ाई जा रही है, उस हिसाब सेशहरों में भी इसका खूब यूज किया जाएगा.सरकार क्या करने जा रही हैसरकार दो लाख नए माइक्रो एटीएम मार्केट में लाने जा रही है. इनमें से 1.1 लाखग्रामीण इलाकों में भेजे जाएंगे और 90 हजार शहरी और कस्बाई इलाकों में भेजे जाएंगे.अभी हर हफ्ते करीब 70 हजार ट्रांजैक्शन होते हैं माइक्रो एटीएम से, लेकिन सरकार कोलग रहा है कि जब इनकी संख्या बढ़ेगी, तो बैंकों के एटीएम नेटवर्क से दबाव कम होजाएगा.माइक्रो एटीएम से और क्या-क्या हो सकता हैमाइक्रो एटीएम से अकाउंट से पैसा निकालने और डालने का काम तो हो ही जाता है. कुछबैंक ऐसे भी हैं, जो माइक्रो एटीएम के जरिए खाता खुलवाने की भी सुविधा देती हैं.बैंकों में बाकी जो भी काम होते हैं, जैसे पैसे ट्रांसफर करना, अकाउंट स्टेटमेंटलेना वगैरह, वो सब भी माइक्रो एटीएम से हो जाते हैं. इसके बारे में थोड़ा और जाननाहो, तो ये सरकारी ऐड देख लो. माइक्रो एटीएम के बारे में समझाने के लिए बनवाया थाइसे सरकार ने.https://www.youtube.com/watch?v=skax4Bp0F5M--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:ATM की लाइन में लगने से पहले यहां जान लो, पैसे मिलेंगे या नहींनोट बैन होने की वजह से रेलवे ने बदले रिजर्वेशन नियम, पढ़ लीजिएनरेंद्र मोदी ने 15 लाख कहे थे, इसके खाते में 21 लाख आ गएपढ़िए, नोट बैन पर रघुराम राजन का क्या सोचना हैनोट बैन होने के बाद आपको अपने पैसे 20% ज्यादा मिलेंगे