नेवी के नए निशान का शिवाजी से क्या कनेक्शन है?
भारतीय नेवी का निशान बदल गया है.

देश का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत आज, 2 सितंबर को भारतीय नौसेना (Indian Navy) में कमीशन हो गया. लेकिन इससे इतर भी आज नौसेना और पूरे देश के लिए बड़ा दिन है. आज, 2 सितंबर को इंडियन नेवी का इन्साइन यानी निशान (Indian Navy Ensign) भी बदल गया है. नेवी के नए इन्साइन से जॉर्ज क्रॉस को हटा दिया गया है. जॉर्ज क्रॉस को ब्रिटिश गुलामी के प्रतीक के तौर पर देखा जाता रहा है. हालांकि, ऐसा नहीं कि भारतीय नौसेना की पताका में पहली बार बदलाव हुआ हो. आजादी के बाद नेवी इन्साइन में पांचवां बदलाव किया गया है.
क्या होता है Ensign?सरल भाषा में इंडियन नेवी इन्साइन को समझे, तो वो ध्वज जो नौसेना के युद्धपोतों, ग्राउंड स्टेशन और नौसेना के हवाई अड्डों सहित सभी नौसेना के ठिकानों के ऊपर फहराया जाता है. ये बिल्कुल वैसा ही जैसे किसी देश की पहचान बताने के लिए झंडा उस देश को प्रदर्शित करता है, वैसे ही इन्साइन, इंडियन नेवी को प्रदर्शित करता है.
क्या है Indian Navy Ensign का इतिहास?शुरुआत आज़ादी के बाद से करें तो 1947 में भारतीय नौसेना के निशान में सफेद झंडे पर जॉर्ज क्रॉस के साथ बाएं कॉर्नर में यूनियन जैक ऑफ यूनाइटेड किंगडम था. इस निशान पर अंग्रेजों की हुकूमत की पूरी छाप थी.
लेकिन देश में गणतंत्र की घोषणा के साथ 26 जनवरी, 1950 को पहली बार इंडियन नेवी का इन्साइन भी बदल दिया गया. पहले बदलाव में यूनियन जैक को हटाकर उसकी जगह भारतीय ध्वज को दी गई. लेकिन इस निशान में भी जॉर्ज क्रॉस यथावत बना रहा.
सन 1950 में नौसेना के निशान में बदलाव के बाद 50 साल से ज्यादा तक इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया. इन्साइन में दूसरा बदलाव हुआ साल 2001 में. देश में तब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी. इस बार जॉर्ज क्रॉस को इन्साइन से हटा दिया गया. जॉर्ज क्रॉस की जगह दी गई इन्डियन नेवी क्रेस्ट को. इस बार सफेद झंडे पर बाएं कॉर्नर पर भारतीय ध्वज और दाहिनी तरफ बीच में नेवी क्रेस्ट.
हालांकि, 2004 में, पताका में फिर से रेड जॉर्ज क्रॉस में वापस लाया गया. इसके पीछे का तर्क ये दिया गया कि 2001 के इन्साइन में नौसेना के क्रेस्ट का नीला रंग, नीले आसमान और समुद्र के रंग में मिल जाता है, अंतर करना मुश्किल है. तो 2004 में नेवी क्रेस्ट को इन्साइन से हटा दिया गया. और एक बदलाव के साथ लगभग वैसा ही नेवी ध्वज बनाया गया जैसा 1950 में था. इसमें एक बदलाव ये किया गया कि जॉर्ज क्रॉस के बीचोबीच अशोक चिह्न को जगह दी गई.
आज से पहले नेवी इन्साइन में साल 2014 में बदलाव किया गया था. 2014 में हुए बदलाव में जॉर्ज क्रॉस के बीच में बने अशोक चिह्न के नीचे देवनागरी में 'सत्यमेव जयते' लिखा गया.
नए इन्साइन में जॉर्ज क्रॉस को एक बार फिर से हटा दिया गया है. इस बार दाहिनी तरफ एक नीले रंग का ऑक्टागन यानी अष्टकोण बना है. इस ऑक्टागन को बाहर की तरफ से गोल्डन शील्ड से कवर किया गया है. इस नीले ऑक्टागन के गोल्डन रंग से नेवी क्रेस्ट बना हुआ है. जिसमें ऊपर अशोक चिह्न है और देवनागरी में नीचे नेवी का मोटो लिखा है, 'शं नो वरुण:'.
नेवी द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में कहा गया है कि ये ऑक्टागन आठ दिशायों को प्रदर्शित करता है, जिसका संदेश है कि भारतीय नौसेना की सभी दिशाओं में पहुंच है और सभी दिशाओं में एक साथ काम करने की क्षमता है.
ऑक्टागन के बाहरी हिस्से में बनी दो गोल्डन शील्ड को छत्रपति शिवाजी महाराज की सील से लिया गया है. नेवी द्वारा जारी वीडियो में बताया जा रहा है कि छत्रपति शिवाजी प्रेरणास्रोत हैं. शिवाजी ने अपनी दूर दृष्टि और कौशल क्षमता से एक विश्वास योग्य नेवी फ्लीट तैयार की थी, जिसमें 60 लड़ाकू शिप थे और करीब 5,000 योद्धा.
इस बारे में हमने लेखर वैभव पुरंदरे से बात की. पुरंदरे ने शिवाजी, द ग्रेट इंडियन वॉरियर नाम से किताब लिखी है. उन्होंने कहा,
पुरंदरे ने कहा कि सही मायनों में देखा जाए तो छत्रपति शिवाजी ही भारत में नौसेना के जनक है.
वीडियो- नेवी के इस हेलिकॉप्टर को लेकर HAL और रिटायर्ड ऑफिसर्स के बीच झगड़ा क्यों है?

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