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C-32 विमान में ऐसा क्या है जो यूक्रेन दौरे के लिए जो बाइडन ने एयरफोर्स वन को छोड़ दिया?

जो बाइडन की खुफिया यूक्रेन यात्रा के लिए इस विमान को इस्तेमाल करने के फैसले के पीछे इसके कमाल के फीचर्स हैं.

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22 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 22 फ़रवरी 2023, 01:38 PM IST)
joe biden ukraine visit c-32 air craft
(बाएं-दाएं) अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और सी-32 विमान. (फोटो - रॉयटर्स और अमेरिकी सरकार की एक वेबसाइड Air Force से साभार है.)
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने 20 फरवरी को यूक्रेन का दौरा किया. वो ऐसे मौके पर यूक्रेन पहुंचे, जब रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को एक साल पूरे होने वाले हैं. और, आधुनिक इतिहास में ये पहली बार है जब एक अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिकी सेना के संरक्षण के बाहर एक युद्धक्षेत्र का दौरा किया है. बाइडन के इस दौरे की घोषणा पहले नहीं हुई थी. जानकारी तब मिली, जब जो बाइडन यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंच गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये दौरा बहुत ही खुफिया तरीके से प्लान किया गया था.

बाइडन कैसे पहुंचे यूक्रेन?

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने न्यूज़ एजेंसियों को बताया कि वाइट हाउस और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां महीनों से इस दौरे की प्लानिंग कर रहे थे. यात्रा को हरी झंडी मिली और अमेरिकी अधिकारियों ने मॉस्को को अपनी योजना के बारे में सूचित कर दिया. मॉस्को को बताने का मकसद ये था कि जब बाइडन जमीन पर हों, तब उन्हें ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित रखा जा सके.

इस गुप्त यात्रा के लिए बाइडन को अपनी आधिकारिक फ्लाइट एयर फ़ोर्स-वन से ही जाना था. लेकिन बाइडन वायु सेना के बोइंग-757 में जाकर बैठ गए. इसे C-32 भी कहा जाता है. उड़ान से पहले C-32 को अंधेरे में पार्क किया गया था. शीशे चढ़ाकर. पंद्रह मिनट बाद बाइडन के प्लेन ने उड़ान भरी. साथ में केवल मुट्ठी भर लोग थे. कुछ सुरक्षाकर्मी, एक छोटी सी मेडिकल टीम, करीबी सलाहकार और दो पत्रकार, जिन्हें गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी. उनके फोन तक रख लिए गए थे. और, यात्रा खत्म होने पर ही वापस किए गए.

C-32 वॉशिंगटन से निकला और जर्मनी के रैम्सटीन एयर-बेस में लैंड हुआ. ईंधन भरवाने के लिए. किसी को भी उतरने की इजाजत नहीं दी गई थी. जर्मनी से गए पोलैंड. फ्लाइट उतरी Rzeszow–Jasionka (अपने हिसाब से पढ़ लें) एयरपोर्ट में. वहां से बाइडन एक ट्रेन में सवार हुए, जहां से 10 घंटे की यात्रा के बाद कीव पहुंच गए.

आखिरी बार बाइडन तब कीव आए थे, जब बराक ओबामा वाइट हाउस में थे और बाइडन ने उप-राष्ट्रपति के तौर पर कीव का आधिकारिक का दौरा किया था.

कीव में अमेरिकी राजदूत ने बाइडन का स्वागत किया. इसके बाद वो यूक्रेन के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास मरिंस्की पैलेस की ओर जाने के लिए गाड़ी में बैठे. इस बीच, कीव में बिना किसी सफाई के कई सड़कों और ब्लॉकों को बंद कर दिया गया था. लोगों ने सड़कों पर तेज गति से चल रहीं गाड़ियों के लंबे काफ़िले देखे और वीडियो शेयर करने लगे. किसी को अंदाज़ा नहीं था कि काफिले में 'दुनिया का सबसे ताकतवर' व्यक्ति है.

ऐसा क्या है C-32 में?

अब उस विमान के बारे में जान लीजिए, जिसे बाइडन ने अपने आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन के ऊपर 'चुना'.

एयर फोर्स 1 की ग़ैर-मौजूदगी में एयर फ़ोर्स 2 का इस्तेमाल होता है (फोटो - विकी)

C-32 बोइंग 757-200 विमान का ही एक विशेष रूप से कॉन्फ़िगर किया गया वर्ज़न है. C-32 बॉडी बोइंग 757-200 के जैसा ही है, बाहर से. लेकिन अंदर से पूरा मामला अलग है. केबिन को चार वर्गों में बांटा गया है. आगे के हिस्से में एक संचार केंद्र, शौचालय और 10 बिज़नेस-क्लास सीटें हैं. दूसरे हिस्से में कपड़े बदलने के लिए एक कमरा, निजी शौचालय, मनोरंजन रूम, दो फ़र्स्ट क्लास सीटें और एक बेड-कम-कुर्सी है. तीसरे हिस्से में आठ बिज़नेस क्लास सीटों के साथ मीटिंग रूम और स्टाफ़ सुविधाएं हैं. केबिन के पिछले हिस्से में 32 बिज़नेस-क्लास सीटों, गैली, दो शौचालयों और अलमारी के साथ सामान्य बैठने की व्यवस्था है.

बोइंग सी-32 के दो वेरिएंट्स हैं: सी-32ए और सी-32बी. C-32A सीनियर राजनीतिक अफ़सरों के कार्यकारी परिवहन के काम में आता है. और C-32B, विशेष अभियानों और वैश्विक आपातकालीन प्रयासों के लिए गुप्त हवाई एयरलिफ़्ट के काम आता है.

C-32A का इस्तेमाल सबसे ज़्यादा अमेरिका के उपराष्ट्रपति, फ़र्स्ट लेडी और राज्य सचिव करते हैं. जब उपराष्ट्रपति इसमें यात्रा करते हैं, तो इसे एयर फ़ोर्स-2 कहा जाता है. राष्ट्रपति के मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी अलग-अलग मिशन्स के लिए C-32A का इस्तेमाल करते हैं.

विमान को कभी-कभी एयर फ़ोर्स वन की जगह भी इस्तेमाल किया जाता है. जब राष्ट्रपति को देश के अंदर ही यात्रा करनी होती है. ये शायद पहली बार है जब एयरफोर्स वन के होते कोई अमेरिकी राष्ट्रपति C-32 में सवार होकर अमेरिका से बाहर पहुंचा है.

C-32 एक ईंधन बचाने वाला विमान है और सामान्यतः जितना ईंधन एक विमान में भरा जाता है, उसमें दुगनी दूरी तय कर सकता है. ईंधन क्षमता 41,700 किलोग्राम है, जो विमान को बिना ईंधन भरे 10,000 किमी की यात्रा करने की अनुमति देता है. विमान का डिजाइन कुछ इस तरह का है कि अंदर और बाहर निगरानी करना आसान है जोकि विमान में बैठे लोगों की सुरक्षा के लिहाज से एक जरूरी फीचर बताया जाता है.

वीडियो: बाइडन यूक्रेन यात्रा के अगले ही दिन पुतिन बोले- अमेरिका पीछे से लड़ रहा, हमें हराना नामुमकिन!

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