जापान के प्रधानमंत्री पहले नहीं, नेहरू से लेकर ओबामा पर भी जानलेवा हमले हो चुके हैं
दुनिया भर में राष्ट्राध्यक्षों पर हमले की पांच बड़ी घटनाएं.

जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा (Japan PM Fumio Kishida Attacked) पर 15 अप्रैल 2023 को एक रैली के दौरान हमला हुआ. जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना वाकायामा शहर की है. जहां प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा रैली में स्पीच देने पहुंचे थे. यहां पर हज़ारों लोगों की भीड़ इकट्ठा थी. प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के आते ही रैली में स्मोक बम से धमाका हुआ. धमाके की आवाज सुनते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई. सुरक्षाबलों ने फुमियो किशिदा को वहां से तुरंत निकला.
घटना का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें लोग इधर-उधर भागते नज़र आ रहे हैं. वहीं, सुरक्षाबल हमलावर को पकड़े दिख रहे हैं. हमलावर की पहचान अभी बताई नहीं गई है.
इससे पहले, पिछले साल ही जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को एक रैली में गोली मार दी गई थी. इस हमले में आबे की मौत हो गई थी. हालांकि मौजूदा हमले में फुमियो किशिदा को किसी तरह की चोट नहीं आई. ये इस तरह का पहला हमला नहीं है. दुनिया के अलग-अलग कोने में राष्ट्राध्यक्षों पर इससे पहले भी जानलेवा हमले हुए हैं. ऐसे ही कुछ हमलों के बारे में हम आपको बता रहे हैं.
भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (12 मार्च 1955)भारत की आजादी के बाद 1947 में जवाहरलाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने. बात साल 1955 की है. 12 मार्च की तारीख थी. नेहरू नागपुर के दौरे पर थे. यहां कार से उतरते हुए अचानक एक रिक्शे वाले ने उन पर चाकू से हमला कर दिया. हालांकि इस हमले में नेहरू को कोई नुकसान नहीं हुआ. लेकिन अधिकारियों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई.
तहकीकात के बाद पता चला कि रिक्शा चलाने वाला नेहरू से नाराज था. उसका नाम बाबूराव लक्ष्मण कोचले था. बाबूराव की नाराजगी के पीछे कारण था कि पुलिस ने उसे अहमदाबाद दंगों के मामले में नामजद किया हुआ था. बाबूराव का कहना था कि ये झूठा केस है. उसने इस बाबत नेहरू को कई पत्र लिखे थे. लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला था. इसी बात से नाराज होकर वो एक 6 इंच की चाकू लेकर नेहरू से सवाल-जवाब करने पहुंच गया. इस मामले में उसे 6 साल की जेल हुई.
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (3 अक्टूबर, 1986)राजीव गांधी साल 1984 से 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे. बात 2 अक्टूबर 1986 की है. उस दिन महात्मा गांधी की 117वीं जयंती मनाई जा रही थी. परंपरा के मुताबिक़, प्रधानमंत्री राजीव गांधी महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पहुंचे. तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ. यहां उन पर गोलियां चलाई गईं. इस गोलीबारी में राजीव गांधी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. बाद में हमलावर की पहचान करमजीत सिंह के तौर पर हुई थी. करमजीत सिंह को अदालत ने 14 साल की सज़ा सुनाई थी.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना (21 अगस्त, 2004)बांग्लादेश की मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना पर भी जानलेवा हमला हो चुका है. शेख हसीना पर 21 अगस्त, 2004 को हमला हुआ था. उस समय शेख हसीना विपक्ष में थीं. वो राजधानी ढाका में एक रैली में 20 हजार से ज्यादा लोगों को संबोधित कर रही थीं. जैसे ही उनकी स्पीच खत्म हुई, रैली पर ग्रेनेड से हमला कर दिया गया. इस हमले में शेख हसीना तो बच गईं, लेकिन उनके सुनने की क्षमता पर असर पड़ा. इस घटना में 24 लोग मारे गए और करीब 500 लोग घायल हुए थे. बाद में इस घटना में शामिल 19 लोगों को सजा-ए-मौत हुई थी.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश (10 मई, 2005)जॉर्ज डब्ल्यू बुश 2001 से लेकर 2009 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे. ये घटना 10 मई 2005 की है, बुश जॉर्जिया में थे. जहां जॉर्जिया के तत्कालीन राष्ट्रपति मिखाइल साकाशविली के साथ उनकी एक रैली हो रही थी. जब बुश भाषण देने मंच पर आए, तभी उनके ऊपर हमला हुआ. अरुत्युनियन नाम के शख्स ने हथगोले को पोडियम की तरफ फेंका. ग्रेनेड पोडियम से 18.6 मीटर की दूरी पर गिरा, जहां अन्य अधिकारी बैठे हुए थे.
ग्रेनेड फटा नहीं और इस घटना में कोई क्षति नहीं पहुंची. रैली के बहुत समय बाद तक बुश और साकाशविली को इस घटना के बारे में पता नहीं चला था. बाद में हमलावर को पकड़ लिया गया.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर हमला (अप्रैल, 2013)बराक ओबामा साल 2009 से लेकर 2017 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे थे. बात अप्रैल 2013 की है. ओबामा व्हाइट हाउस में थे. तभी उनके नाम से एक चिट्ठी मिली. अधिकारियों के अनुसार, ये चिट्ठी व्हाइट हाउस के बाहर बने एक कार्यालय में मिली. इसमें ‘संदिग्ध पदार्थ’ पाया गया. जब जांच हुई तो पता लगा कि चिट्ठी में खतरनाक जहर 'रायसिन' था. हालांकि इसमें राष्ट्रपति ओबामा को कोई नुकसान नहीं हुआ. बाद में चिट्ठी भेजने वाले को पकड़ लिया गया.
ऐसे ही कई और देशों के राष्ट्राध्यक्षों पर भी हमले किए गए. हमने इस लिस्ट में केवल उन घटनाओं को शामिल किया, जब हमले में राष्ट्राध्यक्षों की जान बच गई.
(ये खबर हमारे साथ इंटर्न कर रहे रामनरेश लिखी है.)
वीडियो: दुनियादारी: जापान के पूर्व PM शिंजो आबे की हत्या से एक चर्च का क्या कनेक्शन था?

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