झारखंड का ये लड़का धोनी की ही तरह बॉलर का नाम नहीं, सिर्फ बॉल देखता है
छक्के मारने में उस्ताद है ये लड़का.
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ईशान किशन
ईशान किशन फिलहाल एक फर्स्ट क्लास खेलने वाले क्रिकेटर हैं. झारखंड के लिए खेलते हैं. ईशान किशन का जन्म बिहार के पटना में हुआ. उनके पिता प्रणव पाण्डेय बिल्डर का काम करते हैं. ईशान के बड़े भाई राज ने उन्हें क्रिकेट में करियर बनाने में बहुत सपोर्ट किया. बिहार और झारखंड के बीच BCCI में रजिस्ट्रेशन इशू होने की वजह से ईशान पड़ोसी राज्य झारखंड की तरफ से खेलने लगा. 22 दिसंबर 2015 को उन्हें 2016 अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम के कप्तान के रूप में चुना गया था. ईशान एक लेफ्ट हैंडर और विकेटकीपर हैं. ईशान के कोच संतोष कुमार ने बताया कि “ईशान के फेवरिट क्रिकेटर एम एस धोनी और एडम गिलक्रिस्ट हैं".
ईशान किशन
झारखंड ने भारतीय क्रिकेट को महेंद्र सिंह धोनी जैसा बेहतरीन खिलाड़ी दिया है. अब इसी राज्य से एक और खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट में जगह बना रहा है. वैसे तो उसके नाम के चर्चे अंडर-19 वर्ल्ड कप के पहले से हैं, लेकिन उसने एक बार फिर अपने परफॉरमेंस से क्रिकेट लवर्स को अपना फैन बना लिया है. यूथ स्टार ईशान भी एमएस धोनी की ही तरह विकेटकीपर बैट्समैन हैं. ईशान किशन ने हाल ही में रणजी में धांसू खेल दिखाया है. ईशान ने वो कर दिखाया है, जो धोनी जैसे सुपर स्टार भी नहीं कर सके थे. उन्होंने केरल के थुंबा में खेले जा रहे झारखंड और दिल्ली के रणजी ट्रॉफी ग्रुप बी मैच में शानदार दोहरा शतक लगाया. यह झारखंड की ओर से खेली गई अब तक की सबसे लंबी इनिंग्स है. ईशान किशन उभरता हुआ वो क्रिकेटर है जो फैंस में एम एस धोनी की तरह ही उम्मीद जगा रहा है.
रणजी में सबसे ज्यादा छक्कों के रिकॉर्ड

ईशान किशन
सबसे पहली बात ईशान किशन के हाल ही के रणजी प्रदर्शन की करते हैं. किशन ने इस मैच में छठे पोजीशन में बैटिंग करते हुए 336 बॉल खेल कर 273 रन बनाए. खास बात यह कि उन्होंने एम एस धोनी की तरह ही आसमानी छक्के लगाए. किशन ने पहली इनिंग में कुल 14 छक्के और 21 चौके लगाए. इस तरह किशन ने रणजी मैच की एक इनिंग्स में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली. इससे पहले ये रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश के क्रिकेटर शक्ति सिंह ने 1990 में 128 रनों की इनिंग्स में 14 छक्के लगाए थे.
पहले भी खेल चुके हैं ऐसी धुआंधार इनिंग्स
ईशान किशन ने ऐसी धुआंधार इनिंग्स पहली बार नहीं खेली है. वह अक्टूबर, 2015 में सौराष्ट्र के खिलाफ खेले गए रणजी मैच में राजकोट की पिच पर भी बेहतरीन पारी खेली थी. राजकोट की पिच पर पहली ही गेंद से धूल उड़ रही थी और गेंद काफी घूम रही थी. ईशान ने ओपनिंग करते हुए स्पिनरों के खिलाफ जबर्दस्त तकनीक का प्रदर्शन किया था और 69 गेंदों में 87 रन की पारी खेली थी, जिसमें उन्होंने 8 छक्के और 4 चौके लगाए थे. जबकि इसी पिच पर सौराष्ट्र के आगे त्रिपुरा की टीम नतमस्तक हो गई थी. इस मैच में किशन ने टीम इंडिया के ऐसी पिचों पर बेहद खतरनाक माने जाने वाले स्पिनर रवींद्र जडेजा का भी बखूबी सामना किया और उनकी गेंदों की भी पिटाई की थी.
अंडर-19 वर्ल्ड कप में रहे भारत के कप्तान

कोच राहुल द्रविड़ के साथ ईशान
ईशान ने रणजी ट्रॉफी में झारखंड की टीम का कप्तानी करते हुए अपने पहले ही मैच में 60 रनों की बेहतरीन इनिंग्स खेली. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. अंडर-19 टीम के कोच और टीम इंडिया की दीवार रहे राहुल द्रविड़ अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले टीम के खिलाड़ियों को अच्छी तरह से परख लेना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने रोटेशन पॉलिसी अपनाई. और न केवल खिलाड़ियों को रोटेट किया बल्कि कप्तान भी बदले. द्रविड़ ने बांग्लादेश और अफगानिस्तान के साथ खेली गई ट्रायंगल सीरीज में जहां विराट सिंह और रिकी भुई को कप्तान के रूप में मौका दिया, वहीं हाल ही में भारत, श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच खेली गई सीरीज में ऋषभ पंत और ईशान किशन को कप्तान के रूप में परखा. वे ईशान किशन की कप्तानी और खेल से काफी इंस्पायर हुए. उनकी ही रिपोर्ट पर वेंकटेश प्रसाद की चेयरमैनशिप वाली जूनियर चयन समिति ने ईशान को अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए कप्तान चुन लिया. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी. हालांकि फाइनल में नहीं जीत सकी.
किसी भी पोजीशन पर खेलने में माहिर

ईशान बेसिकली मिडिल में खेलते हैं. लेकिन वह झारखंड के लिए ओपनिंग भी कर चुके हैं. हालांकि उन्हें किसी भी पोजीशन पर खेलने में कोई भी दिक्कत नहीं होती. अंडर-19 के कोच राहुल द्रविड़ उन्हें ओपनिंग के साथ-साथ मिडिल में भी आजमा चुके हैं.
ईशान को झारखंड की सीनियर टीम में लाने वाले टीम इंडिया के रिटायर बॉलर सुब्रतो बैनर्जी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि “मैंने ईशान को पहली बार झारखंड टीम की नेट प्रैक्टिस के दौरान कई सीनियर बॉलरों की धुलाई करते देखा है. ईशान जिस तरह से खेल रहे थे, उससे मैं भौंचक्का रह गया था. वो भी बिल्कुल धोनी की ही तरह बॉलर के लेवल को नहीं देखता है. बल्कि बॉल को देखता है. और उस पर वो जबरदस्त वाला शॉट लगाता है.”
ईशान की पढ़ाई और क्रिकेट
ईशान किशन की पढाई पटना के दिल्ली पब्लिक स्कूल में हुई है. पर क्रिकेट का ऐसा नशा चढ़ा कि स्टडी पीछे रह गई. उनका जोश इसी बात से समझा जा सकता है कि क्रिकेट की वजह से उनको स्कूल से निकाल दिया गया था. पर ईशान तो ठहरे ईशान, उन्होंने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा. उनके बड़े भाई राज किशन ने क्रिकेट को लेकर ईशान का पूरा साथ दिया. उन्हीं की बदौलत ईशान आज यहां तक पहुंचे हैं. ईशान आज से तीन साल पहले क्रिकेट में अपॉर्च्युनिटीज की तलाश में रांची चले गए. जहां उन्होंने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) की तरफ से खेलना शुरू किया. और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए 17 दिसंबर 2014 को फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने लगे.वर्ल्ड कप के बाद मिले कई करार

ईशान किशन
ईशान किशन को अपने आदर्श महेंद्र सिंह धोनी के साथ विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने का मौका मिल चुका है. वह आईपीएल में सुरेश रैना की टीम गुजरात लॉयन्स में हैं. ईशान ने फॉर्स्ट क्लास क्रिकेट के 14 मैचों में 926 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 5 हाफ-सेंचुरी शामिल है.
ईशान ने फरवरी, 2016 में टायर बनाने वाली कंपनी सिएट के साथ तीन साल का करार किया था. इस करार के मुताबिक अब ईशान क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में सिएट लिखे बल्ले से खेलेंगे. खबरों के मुताबिक ईशान और सिएट के बीच एक करोड़ रुपये में करार हुआ था.

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