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क्या आर्यन खान इसीलिए जेल में हैं क्योंकि वो शाहरुख के बेटे हैं?

शाहरुख खान के बेटे आर्यन को जेल में रखने की जो वजह बताई जा रही हैं, उनका सच क्या?

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सुरेश
22 अक्तूबर 2021 (अपडेटेड: 22 अक्तूबर 2021, 06:18 PM IST)
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मुंबई के तट के नज़दीक एक क्रूज़ शिप पर रेड पड़ी और आर्यन खान समेत कई आरोपी पकड़े गए. तब सभी ने कहा कि ये होता है कानून. छोटा-बड़ा, अमीर-ग़रीब कुछ नहीं देखता. अगर आप शाहरुख खान के बेटे भी हों, तब भी गिरफ्तार हो सकते हैं. क्योंकि देश में कानून का राज है और कानून किसी में भेद नहीं करता. लेकिन आर्यन की कस्टडी जिस तरह से लंबी होती जा रही है, उसने ये सवाल पैदा कर दिया कि क्या आर्यन खान इसीलिए कस्टडी में हैं क्योंकि वो शाहरुख के बेटे हैं? सेलिब्रिटी होने की मिल रही सजा? आर्यन खान केस को लेकर कई तरह की बातें सोशल मीडिया पर चल रही हैं. शाहरुख खान का बेटा है, इसलिए ज़मानत नहीं दे रहे. शाहरुख खान मुस्लिम हैं, इसलिए टारेगट किया जा रहा है. शाहरुख खान केंद्र सरकार की तरफ नहीं झुके, इसलिए परेशान किया जा रहा है. दबाव में कंपनियों ने शाहरुख खान के विज्ञापन बंद कर दिए हैं. बॉलीवुड वाले सरकार के डर से शाहरुख के समर्थन में नहीं आ रहे हैं. या फिर उद्धव सरकार और मोदी सरकार की बॉलीवुड पर वर्चस्व वाली लड़ाई में कलाकार टारगेट किए जा रहे हैं. इस तरह के सवालों में कितनी मेरिट है, क्या तर्क हैं, इसे विस्तार से समझेंगे लेकिन पहले जान लेते हैं कि अब तक इस केस में क्या-क्या हुआ है? क्रूज शिप में पार्टी मामला शुरू हुआ था 2 अक्टूबर से. मुंबई के बांद्रा के पास क्रूज़ शिप में एक पार्टी थी. दिल्ली की एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ने पार्टी ऑर्गेनाइज़ की थी. क्रूज़ शिप में नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी की टीम भी पहचान छिपाकर पहुंची थी. टीम को लीड कर रहे थे एनसीबी की मुंबई यूनिट के ज़ोनल डायरेक्टर समीर वानखेडे. टीम ने रेकी करने के बाद क्रूज पर रेड मारी. कई लोगों को हिरासत में लिया गया. इनमें शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान भी थे. शाहरुख खान के बेटे का नाम आया तो मीडिया के कैमरे भी उधर मुड़ गए. 3 अक्टूबर को आर्यन खान को गिरफ्तार कर लिया गया. आर्यन के साथ दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया था. आर्यन के दोस्त अरबाज़ मर्चेंट और मनमुन धामेचा. एनसीबी ने ड्रग कंज्यूम करने, सेल और पर्चेज़ के मामले में आर्यन की गिरफ्तारी की. एनसीबी ने दावा किया कि क्रूज़ से 13 ग्राम कोकीन, 5 ग्राम एमडी, 21 ग्राम चरस और 22 ग्राम MDMA नाम की ड्रग्स के कैप्सूल की बरामदगी दिखाई. इसके बाद मामला कोर्ट में गया. शाहरुख खान ने अपने बेटे के लिए नामी वकील सतीश मानशिंदे और अमित देसाई को केस में लगाया. एनसीबी की तरफ से एडिशनल सॉलिस्टिर जनरल अनिल सिंह कोर्ट में पेश हुए. पहली सुनवाई में 4 अक्टूबर को हुई. एनसीबी ने आर्यन की 11 अक्टूबर तक यानी 7 दिन की कस्टडी मांगी. कोर्ट ने 4 दिन की कस्टडी दी. यानी 7 अक्टूबर तक. तब एनसीबी ने कोर्ट में कहा था कि आर्यन के दोस्त अरबाज़ मर्चेंट के पास चरस मिली है. आर्यन के पास ड्रग होने की बात कोर्ट में नहीं कही गई थी. आर्यन पर केस क्या? 4 दिन की हिरासत खत्म हुई तो 7 अक्टूबर को फिर आर्यन को कोर्ट में पेश किया गया. एनसीबी ने कस्टडी मांगी लेकिन कोर्ट ने आर्यन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. अगले दिन यानी 8 अक्टूबर को आर्यन के वकीलों ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में अंतरिम और रेग्यूलर बेल की अर्ज़ी लगाई. मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा कि ज़मानत यहां से नहीं मिल सकती. इसलिए मामला गया स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट में. एनडीपीएस यानी नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 के तहत आने वाले कोर्ट्स. 11 अक्टूबर को NDPS कोर्ट ने आर्यन की ज़मानत याचिका पर सुनवाई की और 13 अक्टूबर तक एनसीबी को जवाब दायर करने का वक्त दिया. 13 अक्टूबर को सुनवाई में आर्यन के वकील ने बेल के पक्ष में कहा कि उसके पास ड्रग्स नहीं मिला. ना तो उसके पास ड्रग्स खरीदने के लिए कैश था, ना बेचने के लिए ड्रग्स मिला, और ना ही उसने ड्रग का सेवन किया था. फिर उसके खिलाफ केस क्या बनता है. आर्यन के वकील ने कहा कि अगर एनसीबी के आरोप सही भी हैं तो ये मामला ड्रग की स्मॉल क्वांटिटी और कंजप्शन के तहत आता है. आर्यन के देश छोड़कर भागने की आशंका भी नहीं. इसलिए उसे ज़मानत दी जानी चाहिए. एनसीबी के वकील ने कहा कि आर्यन के दोस्त के पास ड्रग्स थी. और इसकी जानकारी आर्यन को थी. ये आर्यन के पास ड्रग्स होने जैसा ही है. आर्यन की वॉट्सऐप चैट का ज़िक्र भी किया गया. NCB की तरफ से कहा गया कि वॉट्सऐप चैट से मालूम चलता है कि आर्यन अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़ा था. एनसीबी ने ये भी कहा कि आर्यन नियमित रूप से ड्रग्स कंज्यूम करता था. और इस आधार पर आरोपी को छोड़ने से जांच प्रभावित हो सकती है. नहीं मिली जमानत 13 अक्टूबर के बाद 14 अक्टूबर को भी कोर्ट में बहस हुई. और फिर कोर्ट ने ज़मानत पर फैसले को 20 अक्टूबर के लिए टाल दिया. क्योंकि बीच के दिनों में दशहरा और वीकेंड की वजह से कोर्ट की छुट्टियां पड़ गई थी. 20 अक्टूबर को कोर्ट ने आर्यन खान की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी. ज़मानत नहीं देने को लेकर कोर्ट ने कई बात कही. कोर्ट ने माना कि वॉट्सऐप चैट से जाहिर होता है कि आरोपी गैरकानूनी ड्रग गतिविधियों में शामिल था. कोर्ट ने एसीबी की दलील भी मानी कि आर्यन ने पूछताछ में और लोगों के नाम नहीं बताए हैं जो ड्रग्स की सप्लाई से जुड़े हैं. इसलिए ज़मानत देने पर तथ्यों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है. आर्यन के पास ड्रग्स नहीं होने वाले तर्क पर कोर्ट ने एक पुराने केस की मिसाल दी. और कहा कि इसमें आरोपियों को अलग अलग नहीं देखा जा सकता. किसी एक आरोपी के पास ड्रग्स होने का मतलब है सब उसमें शामिल हैं. वॉट्सऐप चैट के आधार पर कोर्ट ने माना आरोपी नंबर 1 यानी आर्यन और ड्रग्स पेडलर्स के बीच सांठगांठ थी. तो इस आधार पर कोर्ट ने आर्यन की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी. एनडीपीएस कोर्ट से ज़मानत अर्जी खारिज होने के बाद आर्यन के वकीलों हाईकोर्ट में याचिका लगाई है. हाईकोर्ट में 26 अक्टूबर को इस पर सुनवाई होगी. तब तक के लिए आर्यन मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में हैं. और नाम आए सामने आर्यन खान के बाद कई और नामी कलाकारों का नाम इस केस में जुड़ता जा रहा है. पहला नाम है अनन्या पांडे का. आर्यन खान की वॉट्सऐप चैट के आधार पर ये मामला अनन्या पांडे तक पहुंचा है. जानकारी ये आ रही है कि गांजे पर आर्यन और अनन्या पांडे के बीच बात हुई थी. आर्यन ने वॉट्सऐप पर अनन्या से पूछा था कि गांजा मिल सकता है क्या. अनन्या का जवाब था - अभी तो नहीं है लेकिन कल तक जुगाड़ करती हूं. वॉट्सऐप चैट की ये जानकारी सूत्रों के आधार पर मीडिया में आई है. हमें नहीं पता कितनी सही है. एनसीबी ने गुरुवार को अनन्या पांडे को पूछताछ के लिए बुलाया था. आज फिर अनन्या से पूछताछ हुई. आर्यन और अनन्या की जिस चैट की बात हो रही है, वो साल 2018-19 की बताई जा रही है. चैट्स के आधार पर बॉलीवुड के दो और कलाकारों के पास एनसीबी पहुंच सकती है, ऐसी जानकारी आ रही है. हालांकि ये कलाकार कौन हैं, उनका नाम सूत्रों ने अभी नहीं बताया है. तो ये पूरा मामला है. अब आते हैं इस केस को लेकर उठ रहे सवालों पर. # पहला सवाल ये कि शाहरुख खान का बेटा होने की वजह से आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया है. शाहरुख खान का सेलेब्रेटी होने उनके बेटे को महंगा पड़ रहा है. इस आरोप के जवाब में एनसीबी के मुंबई ज़ोन के डायरेक्टर समीन वानखेडे ने कहा है कि उन्होंने पिछले 10 महीने में 300 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें 4-5 ही सेलेब्रेटी हैं. वो बॉलीवुड के पीछे नहीं पड़े हैं. एनसीबी का ये भी कहना है कि सेलेब्रेटी का मामला है इसलिए मीडिया इन मामलों को दिखाता है, बाकी मामलों की बात नहीं होती. हो सकता है कि एनसीबी के दावे में दम हो. लेकिन सवाल इसलिए भी हैं कि पिछले कुछ सालों में केंद्र की एजेंसी चाहे वो एनसीबी हो या ईडी, इनके केसेज में जिन सितारों के नाम आए हैं, उन नामों में  एक पैटर्न दिखता है. इसमें वो सितारे होते हैं जिन्होंने केंद्र की सरकार पर किसी मुद्दे को लेकर आलोचना की हो. या फिर उनता मुखर होकर केंद्र की सरकार का साथ ना दिया हो. # दूसरे सवाल पर आते हैं. ये कहा जा रहा है कि ईडी ने सिर्फ वाट्सऐप चैट और उसके दोस्त से मिली सिर्फ 6 ग्राम चरस के आधार पर आर्यन खान पर इतनी धाराएं लगा दी. और ज़मानत भी नहीं दी जा रही. ड्रग्स केस में ज़मानत मिलना आसान नहीं होता है. NDPS एक्ट की धारा 37 कहती है कि अगर सरकारी पब्लिक प्रोसिक्यूटर ज़मानत का विरोध करता है. तो, आरोपी को तब तक ज़मानत नहीं दी जा सकती जब कि जज को ये ना लगे कि वो निर्दोष है. तो क्या ड्रग्स के हर केस एनसीबी ऐसी ही कार्रवाई करती है, या इस केस में कुछ भेदभाव है. समझने के लिए इस केस को फॉलो कर रहे इंडिया टुडे के संवाददाता कमलेश सुधार से भी बात की. उन्होंने बताया,
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  # तीसरा सवाल. लोग कह रहे हैं कि शाहरुख खान मुस्लिम हैं इसलिए उनके बेटे को तंग किया जा रहा है. एनसीबी के नेता नवाब मलिक ने भी ये आरोप लगाए हैं, सोशल मीडिया पर खूब लिखा जा रहा है. इस बारे में मुंबई के पत्रकारों का कहना है पहले से ये बात तय थी कि एनसीबी का अगला टारगेट शाहरुख खान होंगे. आर्यन की गिरफ्तारी से कई दिन पहले ही इन बातों पर कानाफूसी चल रही थी. इन बातों में कितनी सच्चाई है. है या नहीं, हमें नहीं पता. शाहरुख खान को टारगेट करने की वजह कई लोग ये भी बता रहे हैं कि मोदी सरकार आने के बाद उन्होंने देश में इंटोलरेंस की बात कही थी. और किसान आंदोलन पर जब ग्रेटा थनबर्ग और रिहाना जैसी विदेशी सेलेब्रेटी मोदी सरकार को घेर रही थीं, तब शाहरुख उन अभिनेताओं में नहीं थे जो सरकार के बचाव में लिख रहे थे. हालांकि जहां तक धर्म की बात है तो एनसीबी ने इस केस में कई और लोगों को भी गिरफ्तार किया है. अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को भी NCB ने गिरफ्तार किया था.
#  चौथा सवाल. क्या महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार के झगड़े में बॉलीवुड वाले फंस रहे हैं, क्या ये बॉलीवुड पर दबदबा कायम करने की लड़ाई है? क्योंकि हमने ये भी देखा कि मोदी सरकार की तरफदारी करने वाले कंगना रनौत जैसे कलाकारों के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने एक्शन लिया है... तो क्या ये विशुद्ध राजनीतिक केस है. हमने कमलेश सुथार से ये सवाल पूछा.उन्होंने कहा, 2019 में जब से महाराष्ट्र में महाविकास अगाड़ी की सरकार बनी है तब से केंद्र और राज्य दोनों के बीच अनबन होती रही है. इस दौरान जो सबसे बड़ा आरोप केंद्र पर लगा है वो है केंद्रीय एजेंसियों के महाविकास अगाड़ी के नेताओं के खिलाफ दुरुपयोग का. ताजा मामला एनसीबी का है. पिछले साल दशहरे पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र और बॉलीवुड इंडस्ट्री को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. ऐसा पिक्चर बनाया जा रहा है कि मानो मुंबई के हर घर में गांजे की खेती होती हो. बॉलीवुड और पॉलिटिक्स को हम अलग करके नहीं देख सकते. और जब टारगेट किया जा रहा है तो कई सारे फिल्मी सितारे कहते हैं कि हम खुलकर बात नहीं कर सकते. लेकिन बॉलीवुड सितारे दबाव में काम करते हैं. फिल्मी सितारे ही सिर्फ ड्रग्स का सेवन करते हैं ऐसी बात नहीं है लेकिन पकड़े सिर्फ वही जाते हैं. जो बात जावेद अख्तर ने कही वो मैं दोहराना चाहूंगा कि हम सेलिब्रिटी होने की कीमत चुका रहे हैं. यही वजह है कि इस मामले को अलग टोन मिल रहा है.
इस पूरे मामले में बॉलीवुड की चुप्पी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. इस मामले की तुलना 90 के दशक में संजय दत्त की गिरफ्तारी से हो रही है. पुरानी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं जिनमें अक्षय कुमार, सैफ अली खान जैसे कई स्टार्स के हाथों में संजय दत्त के समर्थन की तख्तियां हैं. वैसा समर्थन नहीं है. आज हमने फिल्म इंडस्ट्री के दर्जनभर निदेशकों- कलाकारों से बात करने की कोशिश की. लेकिन कोई तैयार नहीं है. ये सही बात है कि ज्यादातर कलाकार इस मामले पर नहीं बोलना चाहते हैं. वजह चाहे जो भी हो. खैर, इस मामले में हम जज नहीं बनना चाहते. बनना भी नहीं चाहिए. मामला कोर्ट में है. अपराध का मामला है तो भावनाओं के बजाय कानून के हिसाब से फैसला होना चाहिए.

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