The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • injured man tells the story of 2 year old girl who died in patna indore train accident

ट्रेन हादसा: वो बच्ची मेरे सामने खेल रही थी, फिर उसके दो टुकड़े हो गए

पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के शिकार हुए लोगों की दर्दनाक कहानियां.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
विशाल
20 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 20 नवंबर 2016, 11:32 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

कानपुर के पास पुखरायां में हुए रेल हादसे ने सबको हिलाकर रख दिया है. रविवार के दिन रिलैक्स मूड में उठे लोगों को पहली खबर ही ट्रेन एक्सीडेंट की मिली. रात में तकरीबन सवा तीन बजे जब सब सो रहे थे, तभी ये हादसा हुआ और जब तक लोग कुछ समझ पाते, कइयों की जान जा चुकी थी.

https://www.youtube.com/watch?v=5v--FmTOCZo

हादसे की जगह पर बैठे घायलों से बात करने पर कई दर्दनाक कहानियां सामने आ रही हैं. किसी के घरवाले नहीं मिल रहे हैं, किसी के दोस्त वगैरह नहीं मिल रहे हैं, तो किसी को इलाज नहीं मिल रहा है. कई लोग बदहवासी की हालत में इधर-उधर चक्कर काट रहे हैं, तो कुछ थककर बैठ चुके हैं. वहां मौजूद एक शख्स ने दो साल की एक बच्ची के बारे में बताया, जो हताश कर देने वाला है.


1. ट्रेन हादसे की सबसे मासूम शिकार
Image embed

लोगों के सामान की हालत बता रही है, वहां क्या हुआ होगा

इंदौर-पटना एक्सप्रेस के इस हादसे में बचे एक शख्स से जब बात की गई, तो उसने दो साल की बच्ची की मौत की बात बताई, जो उसके साथ ही सफर कर रही थी. उसने बताया,


'वो बच्ची एक परिवार के साथ थी और मैं उसके सामने ही बैठा हुआ था. वो मुश्किल से डेढ़-दो साल की रही होगी. वो परिवार उज्जैन से ट्रेन में चढ़ा था. बच्ची रात में देर तक मस्ती करती रही. वो ट्रेन में हंस-खेल रही थी और उसे देखकर बाकी सब भी खुश हो रहे थे. रात में जब ट्रेन पटरी से उतर गई, तो मुझे भी कुछ समझ नहीं आया. बाद में मैंने देखा कि उस बच्ची के दो टुकड़े हो चुके थे. मैं अपने सामने कम से कम 25 लोगों की लाश देख चुका हूं.'

2. 'बेटे का पर्स मिल गया है, बेटा नहीं मिल रहा है'
Image embed

इस तरह हटाए जा रहे हैं ट्रेन के डिब्बे

इस भयानक हादसे में कई लोगों की जान चली गई, लेकिन सबसे ज्यादा परेशान वो लोग हैं, जिनके सगे-संबंधी लापता हैं. उनके मरने की आशंका तो है, लेकिन घरवाले उम्मीद बांधे हुए हैं. ये उम्मीद न तो उन्हें रोने दे रही है और न चैन से बैठने दे रही है. ऐसा ही मामला है अमित गुप्ता नाम के एक लड़के का.

अमित इस ट्रेन में इंदौर से बैठे थे और उन्हें कानपुर जाना था. अगर ये अनहोनी कुछ देर टल जाती, तो शायद अमित अपने घर पहुंच जाते, लेकिन. हादसे के बाद से अमित के पापा उन्हें खोज रहे हैं, लेकिन अमित का कोई अता-पता नहीं है. अमित के पापा ने बताया,


'मैं सुबह से अपने बेटे को ढूंढ रहा हूं. वो मिल ही नहीं रहा है. मुझे उसका पर्स तक मिल गया है, लेकिन उसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता है. मैंने उसे बहुत ढूंढा. पता नहीं मेरा बेटा कहां चला गया है.' इतना बोलते हुए अमित के पिता का गला रुंध जाता है और वो कुछ और नहीं बोल पाते.




ये भी पढ़ें:

ट्रेन हादसा: 10 दिन बाद शादी है, हाथ टूट चुका है, पापा नहीं मिल रहे हैं

खौफनाक रेल हादसा : न जाने कितने मरे और एक बच्ची के तो दो टुकड़े हो गए

महज 10 मिनट में दो ट्रेनों का हो गया था ये हाल

ट्रेन हादसा: गहरी नींद में थे सब, एक झटका लगा और इधर-उधर गिर पड़े और…

Advertisement

Advertisement

()