The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • indian railway changed rules to prevent conversion of black money into white

नोट बैन होने की वजह से रेलवे ने बदले रिजर्वेशन नियम, पढ़ लीजिए

इंडियन रेलवे और एयरलाइंस ने नियम बदल दिए हैं. अब टिकट कैंसल तो होंगे, लेकिन पैसे...

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
विशाल
11 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 11 नवंबर 2016, 01:29 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

हजार और पांच सौ के नोट बैन होने के बाद से सबकी हालत खराब है. जिनके पास ब्लैक मनी है, उनकी भी और जिनके पास नहीं है, उनकी भी. जिनके पास नहीं है, वो या तो बैंकों के बाहर लाइन में लगे हैं या सब्र बांधकर घर में बैठे हैं. पेट में पंखे तो उनके घूमने लगे, जिनके पास कैश में ब्लैक मनी थी. वो इसे वाइट में बदलने के दंद-फंद भिड़ाने लगे.

एक रास्ता दिखा रेलवे और एयरलाइन टिकट का. लोगों ने सोचा कि पुराने नोटों से टिकट कराके चार दिन बाद कैंसल करा लेंगे और नए नोट मिल जाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने टिकट बुक कराने के लिए 11 नवंबर तक पुराने नोट यूज करने की छूट दे दी थी. लेकिन, अब इंडियन रेलवे और एयरलाइंस ने नए नियमों का ऐसा फटका मारा कि टिकट कराने वालों की तबीयत झुरा गई है. आइए बताते हैं रेलवे और एयरलाइंस के नियमों में क्या बदलाव हुए हैं.

10 हजार से ऊपर के टिकट कैंसल होने पर कैश रीफंड नहीं

Image embed

अगर आपने 9 से 11 नवंबर के बीच रेलवे के काउंटर से 10 हजार के ऊपर के टिकट कराए हैं, तो इन्हें कैंसल कराने पर आपको कैश रीफंड नहीं मिलेगा. ये पैसा रेलवे आपको या तो चेक से देगा या आपके अकाउंट में ट्रांसफर कराएगा. ऐसे में जब आप टिकट कैंसल कराने जाएंगे, तो आपको TDR (टिकट डिपॉजिट रसीद) दी जाएगी और आपसे पैन कार्ड और अकाउंट की जानकारी ले ली जाएगी. शक की स्थिति में आपका अकाउंट स्टेटमेंट चेक भी किया जा सकता है.

अगर आपको 10 हजार से कम का टिकट कैंसल कराना है, तो वो बिना किसी परेशानी के कैंसल हो जाएगा. लेकिन, अगर उस समय रेलवे काउंटर पर कैश नहीं हुआ, तो आपको भी कैश डिपॉजिट रसीद देकर रवाना कर दिया जाएगा. बाद में जब करारे नोट आ जाएंगे, तो 4-5 दिन बाद आप काउंटर से रीफंड ले सकते हैं.

लंबी दूरी वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट कटी

देखो हर ट्रेन में वेटिंग टिकट की एक लिमिट होती है. जितनी लिमिट होती है, उतने ही वेटिंग टिकट बेचे जाते हैं. फिर कैप बंद कर दिया जाता है. लेकिन, कैश वाली समस्या देखते हुए रेलवे ने लंबी दूरी वाली कई ट्रेनों में वेटिंग लिमिट कम कर दी है. इस बारे में अभी विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है कि किस ट्रेन में कितनी लिमिट कम की गई है, लेकिन इससे ये जरूर पता चल गया कि रेलवे सरकारी तरीके से नहीं, बल्कि अडवांस तरीके से काम कर रहा है.

काउंटर टिकट और ऑनलाइन टिकट की उठा-पटक

Image embed

नोट बदलने के मकसद से रेलवे काउंटर पर इतने सारे लोग पहुंच गए कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग 10% तक गिर गई. काउंटर पर टिकट बुकिंग वाले सिस्टम से रेलवे रोजाना 40-45 करोड़ रुपए कमाता है. लेकिन, 9 नवंबर को सुबह 8 बजे से 10 नवंबर को दोपहर 2 बजे तक लगभग 98 करोड़ रुपए के टिकट बुक कराए गए. पिछले दो दिनों में फर्स्ट एसी की टिकट बुकिंग में एक हजार पर्सेंट और सेकेंड एसी की टिकट बुकिंग में 200% का इजाफा हुआ.

मुंबई में 8 नवंबर को फर्स्ट एसी के 1,393 टिकट बुक कराए गए थे, जबकि 9 नवंबर को यही नंबर 6,925 पर पहुंच गए. मुंबई के अलावा दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी रेलवे काउंटर्स पर रोजाना के मुकाबले 30 से 40% टिकट ज्यादा बुक कराए गए. लोगों की यही शांड़पंती देखकर रेलवे ने नियम बदले हैं.

हवाई जहाज का टिकट कराने वालों का रॉकेट उड़ गया

Image embed

असली टोपा तो उनका हुआ है, जिन्होंने हवाई जहाज के टिकट कराए थे. इसके टिकट तो वैसे भी महंगे होते हैं. लोगों को लगा था कि एकसुत्ते 40-50 हजार रुपए एक्सचेंज हो जाएंगे, लेकिन नए नियम के मुताबिक 9 से 11 नवंबर के बीच बुक कराए गए टिकट कैंसल कराने पर पैसा रीफंड नहीं होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने सभी एयरलाइंस से कह दिया है कि इन दो दिनों में जिन ग्राहकों ने भी 500 और 1000 की नोटों से टिकट बुक कराए हैं, उन्हें रीफंड न दिया जाए.

हालांकि, इस बारे में सरकार या DGCA की तरफ से अभी तक कोई ऑफीशियल अनाउंसमेंट नहीं हुआ है, लेकिन कुछ एयरलाइंस ऐसी भी हैं, जिन्होंने अपनी तरफ से पहले ही ये बोल दिया था. उन्होंने कहा था कि 9 से 11 नवंबर के बीच पुराने करंसी नोटों से जो भी टिकट बुक होंगे, उन्हें डिमांड पर कैंसल तो कर दिया जाएगा, लेकिन पैसा वापस नहीं किया जाएगा.


ये  भी पढ़ें:

भाजपा नेता के हाथ में 2000 के नोट की इतनी गड्डियां कहां से आईं?

अगर नोट बैन के बारे में अमित शाह को भी नहीं पता था, तो इनको कैसे खबर पहुंची?

नए नोट सामने आने के बाद पूरी दुनिया में ये आदमी सबसे खुश है

पढ़िए, नोट बैन पर रघुराम राजन का क्या सोचना है

Advertisement

Advertisement

()