हजार और पांच सौ के नोट बैन होने के बाद से सबकी हालत खराब है. जिनके पास ब्लैक मनीहै, उनकी भी और जिनके पास नहीं है, उनकी भी. जिनके पास नहीं है, वो या तो बैंकों केबाहर लाइन में लगे हैं या सब्र बांधकर घर में बैठे हैं. पेट में पंखे तो उनके घूमनेलगे, जिनके पास कैश में ब्लैक मनी थी. वो इसे वाइट में बदलने के दंद-फंद भिड़ानेलगे.एक रास्ता दिखा रेलवे और एयरलाइन टिकट का. लोगों ने सोचा कि पुराने नोटों से टिकटकराके चार दिन बाद कैंसल करा लेंगे और नए नोट मिल जाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि सरकारने टिकट बुक कराने के लिए 11 नवंबर तक पुराने नोट यूज करने की छूट दे दी थी. लेकिन,अब इंडियन रेलवे और एयरलाइंस ने नए नियमों का ऐसा फटका मारा कि टिकट कराने वालों कीतबीयत झुरा गई है. आइए बताते हैं रेलवे और एयरलाइंस के नियमों में क्या बदलाव हुएहैं.10 हजार से ऊपर के टिकट कैंसल होने पर कैश रीफंड नहींअगर आपने 9 से 11 नवंबर के बीच रेलवे के काउंटर से 10 हजार के ऊपर के टिकट कराएहैं, तो इन्हें कैंसल कराने पर आपको कैश रीफंड नहीं मिलेगा. ये पैसा रेलवे आपको यातो चेक से देगा या आपके अकाउंट में ट्रांसफर कराएगा. ऐसे में जब आप टिकट कैंसलकराने जाएंगे, तो आपको TDR (टिकट डिपॉजिट रसीद) दी जाएगी और आपसे पैन कार्ड औरअकाउंट की जानकारी ले ली जाएगी. शक की स्थिति में आपका अकाउंट स्टेटमेंट चेक भीकिया जा सकता है.अगर आपको 10 हजार से कम का टिकट कैंसल कराना है, तो वो बिना किसी परेशानी के कैंसलहो जाएगा. लेकिन, अगर उस समय रेलवे काउंटर पर कैश नहीं हुआ, तो आपको भी कैश डिपॉजिटरसीद देकर रवाना कर दिया जाएगा. बाद में जब करारे नोट आ जाएंगे, तो 4-5 दिन बाद आपकाउंटर से रीफंड ले सकते हैं.लंबी दूरी वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट कटीदेखो हर ट्रेन में वेटिंग टिकट की एक लिमिट होती है. जितनी लिमिट होती है, उतने हीवेटिंग टिकट बेचे जाते हैं. फिर कैप बंद कर दिया जाता है. लेकिन, कैश वाली समस्यादेखते हुए रेलवे ने लंबी दूरी वाली कई ट्रेनों में वेटिंग लिमिट कम कर दी है. इसबारे में अभी विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है कि किस ट्रेन में कितनी लिमिट कम कीगई है, लेकिन इससे ये जरूर पता चल गया कि रेलवे सरकारी तरीके से नहीं, बल्कि अडवांसतरीके से काम कर रहा है.काउंटर टिकट और ऑनलाइन टिकट की उठा-पटकनोट बदलने के मकसद से रेलवे काउंटर पर इतने सारे लोग पहुंच गए कि ऑनलाइन टिकटबुकिंग 10% तक गिर गई. काउंटर पर टिकट बुकिंग वाले सिस्टम से रेलवे रोजाना 40-45करोड़ रुपए कमाता है. लेकिन, 9 नवंबर को सुबह 8 बजे से 10 नवंबर को दोपहर 2 बजे तकलगभग 98 करोड़ रुपए के टिकट बुक कराए गए. पिछले दो दिनों में फर्स्ट एसी की टिकटबुकिंग में एक हजार पर्सेंट और सेकेंड एसी की टिकट बुकिंग में 200% का इजाफा हुआ.मुंबई में 8 नवंबर को फर्स्ट एसी के 1,393 टिकट बुक कराए गए थे, जबकि 9 नवंबर कोयही नंबर 6,925 पर पहुंच गए. मुंबई के अलावा दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़ेशहरों में भी रेलवे काउंटर्स पर रोजाना के मुकाबले 30 से 40% टिकट ज्यादा बुक कराएगए. लोगों की यही शांड़पंती देखकर रेलवे ने नियम बदले हैं.हवाई जहाज का टिकट कराने वालों का रॉकेट उड़ गयाअसली टोपा तो उनका हुआ है, जिन्होंने हवाई जहाज के टिकट कराए थे. इसके टिकट तो वैसेभी महंगे होते हैं. लोगों को लगा था कि एकसुत्ते 40-50 हजार रुपए एक्सचेंज होजाएंगे, लेकिन नए नियम के मुताबिक 9 से 11 नवंबर के बीच बुक कराए गए टिकट कैंसलकराने पर पैसा रीफंड नहीं होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डायरेक्टरेट जनरल ऑफसिविल एविएशन ने सभी एयरलाइंस से कह दिया है कि इन दो दिनों में जिन ग्राहकों ने भी500 और 1000 की नोटों से टिकट बुक कराए हैं, उन्हें रीफंड न दिया जाए.हालांकि, इस बारे में सरकार या DGCA की तरफ से अभी तक कोई ऑफीशियल अनाउंसमेंट नहींहुआ है, लेकिन कुछ एयरलाइंस ऐसी भी हैं, जिन्होंने अपनी तरफ से पहले ही ये बोल दियाथा. उन्होंने कहा था कि 9 से 11 नवंबर के बीच पुराने करंसी नोटों से जो भी टिकट बुकहोंगे, उन्हें डिमांड पर कैंसल तो कर दिया जाएगा, लेकिन पैसा वापस नहीं किया जाएगा.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:भाजपा नेता के हाथ में 2000 के नोट की इतनी गड्डियां कहां से आईं?अगर नोट बैन के बारे में अमित शाह को भी नहीं पता था, तो इनको कैसे खबर पहुंची?नए नोट सामने आने के बाद पूरी दुनिया में ये आदमी सबसे खुश हैपढ़िए, नोट बैन पर रघुराम राजन का क्या सोचना है