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टिंडर ने ब्रेक-अप वाली लड़की को डिप्रेशन से बचाया

हां, मैं एक खूबसूरत इंडियन लड़की हूं.

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एक लड़की ने टिंडर का अनुभव बताया है.
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24 नवंबर 2016 (Updated: 24 नवंबर 2016, 07:17 AM IST)
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टिंडर आम तौर पर एक ऐसा प्लेटफॉर्म माना जाता है, जहां लोग आसानी से अपने लिए पार्टनर की तलाश करते हैं. जहां रिलेशनशिप के लिए ज्यादा ताम-झाम नहीं होता. टिंडर पर आप अपना प्रोफाइल बनाते हैं. और अगर आपकी पसंद का पार्टनर मिल गया तो आप वहां उससे बात करते हैं, अपना नंबर एक्सचेंज करते हैं. अगर सब कुछ सही चल रहा है तो ठीक है, वरना आप दूसरे पर्सन की तलाश करते हैं. और ऐसे में ही कुछ लोगों को उनका सच्चा प्यार भी मिल जाता है.
एक लड़की ने Quora पर अपनी स्टोरी सुनाई है. जो टिंडर को बिलकुल ही अलग तरीके से परिभाषित करती है. इस लड़की का लंबे समय से चल रहे रिलेशनशिप के बाद ब्रेक-अप हो गया था. जिसके बाद वो काफी डिस्ट्रेस्ड रहने लगी थी. और अपने डिस्ट्रेस को दूर करने के लिए उसने टिंडर पर अपना अकाउंट बनाया. जहां उसे एक लड़का मिला, जिसके साथ लड़की रिलेशनशिप में आ गई. और टिंडर के इस अनुभव ने उसकी जिंदगी बदल दी. पढ़िए उसकी कहानी, उसी की जुबानी.


 
हां, मैं एक खूबसूरत इंडियन लड़की हूं. और मैं एक अजनबी लड़के के साथ दो बार सो चुकी हूं, जिससे मेरी मुलाकात टिंडर पर हुई थी. “लकी मैन” उस लड़के को यही कहेंगे न आप? पर यहां मैं खुद को लकी मानती हूं. बताती हूं क्यों:
हाल ही में मेरा ब्रेक-अप हुआ था. जिसमें हम पिछले 3 सालों से रिलेशनशिप में थे. ब्रेक-अप के बाद मैं काफी डिस्ट्रेस्ड रहती थी. फिर मैंने महसूस किया कि मुझे डिस्ट्रेस से बाहर निकलना चाहिए. और नए लोगों से मिलना चाहिए. इसके लिए मैंने टिंडर का यूज किया. वहां मुझे 100 परसेंट मैच रेट के पार्टनर्स मिलने लगे. जो मेरे लिए कॉन्फिडेंस बूस्टर की तरह था. मैं ज्यादातर चैट कन्वर्सेशन का रिप्लाई नहीं करती थी. क्योंकि आने वाले दिनों में मेरे एग्जाम होने थे. एग्जाम खत्म होने के बाद टिंडर पर एक लड़के का मैसेज आया. जिसके साथ मेरा प्रोफाइल एक हफ्ते पहले ही मैच कर चुका था. मैं उस समय फ्री थी तो मैंने सोचा चलो इसके साथ चैट करते हैं.
क्या गजब का संयोग था, पता चला कि वो लड़का मेरी ही बिल्डिंग में रहता है. वह भी वही नेटिव लैंग्वेज बोलता है जो मैं बोलती हूं. उसी कॉलेज से पढ़ाई की है, जिससे मैंने की है. और एक कंपनी में सीईओ था. उस कंपनी की शुरुआत उसने मेरे एक पुराने बेस्ट फ्रेंड के साथ मिलकर की थी. एक-दूसरे के बारे में इतनी सारी बातें जानने के बाद हमने जल्द ही चैटिंग करना बंद कर दिया. और लगभग एक हफ्ते के बाद हमने मिलने का प्लान बनाया. उसके साथ पहली मुलाकात मेरे लिए पूरी तरह से सरप्राइजिंग थी. टिंडर पर पढ़ाकू टाइप दिखने वाला ये लड़का रियल में बहुत ही हैंडसम था. लंबा, वेल बिल्ड बॉडी. वो एकदम मस्त लग रहा था. उसे देखकर मैं बिलकुल एक टीनएज गर्ल की तरह हो गई. जो सिर्फ फिजिकल एपीयरेंस देख कर ही किसी को अपना क्रश बना लेती है. वैसे भी मेरे मन में लंबे लड़कों को लेकर एक स्पेशल फीलिंग रही है. मैंने उससे अचानक ही पूछ डाला, तुम्हारी एक्स कौन थी ?
दो कपल एक कपल
मुझे उसकी सबसे खास बात ये लगी थी कि वो इस तरह के रिलेशनशिप को लेकर एक खुली सोच का बंदा था. वो चार साल तक सीरियस रिलेशनशिप में रह चुका था. उसके बाद से वो 12 महीनों में 13 महिलाओं के साथ सो चुका था. टिंडर पर उसके लगभग 50-60 प्रोफाइल्स मैच किए थे. मेरे ख्याल से टिंडर पर किसी लड़के के लिए इतने सारे मैच मिलना एक्सेप्शनल है. वह स्मोक करता है. आप उसको वुमैनाइजर कह सकते हैं. डेट पर जाने के लिए उसे सबसे वर्स्ट एक्जाम्पल मान जा सकता हैं. पर मेरे लिए वो बहुत स्पेशल है. मेरे अंदर ऐसे किसी बंदे के लिए इतनी चाहत कभी नहीं रही थी. कभी भी नहीं.
मैं कभी हुक-अप टाइप की बंदी नहीं रही. इससे पहले मैं एक ही शख्स के साथ सोई थी, वो मेरा बॉयफ्रेंड था और उस समय मुझे लगता था कि आगे चल कर हम शादी करने वाले हैं. मैं एक ऐसे किसी आदमी के साथ फिजिकल रिलेशनशिप बनाना चाहती थी. जिसे मैं फिर से ना देखूं. जिसे आप मेरी गलत सोच भी कह सकते हैं. मैं एक आदर्शवादी लड़की बनकर थक चुकी थी. फिर हमारी मुलाकात हुई. हम फिजिकल हो गए. हमने सेक्स किया. रात भर हम प्यार करते रहे. वो मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत रात थी. और मैंने महसूस किया कि उसकी बैड बॉय वाली इमेज झूठी है, हकीकत में वो बहुत ही स्वीट और केयरिंग है.
इसके बाद भी हम चैट पर बात करते रहे. और एक बार फिर हमने सेक्स किया. मुझे अहसास होने लगा था कि मैं खुद को इमोशनली और फिजिकली अलग नहीं रख सकती. ये अलग बात है कि महिलाएं इस तरह की नहीं होतीं हैं. मैं जानती थी कि अगर मैं इसी तरह उसके टच में रहूंगी तो मैं खुद को उससे दूर नहीं कर पाऊंगी. और हम फिर से सेक्स कर रहे होंगे. मैं ये भी जानती हूं कि मैं उसके साथ सिर्फ इसलिए फिजिकली नहीं हुई, कि उसकी इमेज एक ‘बैड बॉय’ की है. हमने अब बात करना छोड़ दिया है. एक-दूसरे के टच में नहीं हैं. ऐसा करना हमारे लिए बहुत मुश्किल था. फिर भी हमने ऐसा किया. असल में एक अजनबी के साथ सेक्स करने की बात को लेकर मैं गिल्ट फील कर रही थी. पर बाद में मैंने रियलाइज किया कि इसमें गिल्ट फील करने जैसी कोई बात नहीं है. बल्कि मुझे तो और खुश होना चाहिए. इस घटना ने मुझे एक गहरे डिप्रेशन में जाने से बचाया. इसने मेरे डार्केस्ट फेज में भी मुझे एक्साइटमेंट से भर दिया. इसने मुझे सिखाया कि मैं फिर खूबसूरत जिंदगी को जी सकती हूं. मैंने समझा कि इस दुनिया में हैंडसैम और स्मार्ट लोगों की कमी नहीं है. और मैं पिछले रिलेशनशिप से बेहतर रिलेशनशिप कायम कर सकती हूं. स्मोक करने वाले उस बैड बॉय को मैं इस सब के लिए शुक्रिया करना चाहूंगी. मेरे अंदर चोरी-छिपे आज भी ये चाहत है कि हम फिर से एक-दूसरे में खो जाएं. अगर ऐसा होता है तो मेरे लिए ये एक नशे की तरह होगा. शुक्रिया टिंडर.


ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है 




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