टिंडर आम तौर पर एक ऐसा प्लेटफॉर्म माना जाता है, जहां लोग आसानी से अपने लिएपार्टनर की तलाश करते हैं. जहां रिलेशनशिप के लिए ज्यादा ताम-झाम नहीं होता. टिंडरपर आप अपना प्रोफाइल बनाते हैं. और अगर आपकी पसंद का पार्टनर मिल गया तो आप वहांउससे बात करते हैं, अपना नंबर एक्सचेंज करते हैं. अगर सब कुछ सही चल रहा है तो ठीकहै, वरना आप दूसरे पर्सन की तलाश करते हैं. और ऐसे में ही कुछ लोगों को उनका सच्चाप्यार भी मिल जाता है.एक लड़की ने Quora पर अपनी स्टोरी सुनाई है. जो टिंडर को बिलकुल ही अलग तरीके सेपरिभाषित करती है. इस लड़की का लंबे समय से चल रहे रिलेशनशिप के बाद ब्रेक-अप हो गयाथा. जिसके बाद वो काफी डिस्ट्रेस्ड रहने लगी थी. और अपने डिस्ट्रेस को दूर करने केलिए उसने टिंडर पर अपना अकाउंट बनाया. जहां उसे एक लड़का मिला, जिसके साथ लड़कीरिलेशनशिप में आ गई. और टिंडर के इस अनुभव ने उसकी जिंदगी बदल दी. पढ़िए उसकी कहानी,उसी की जुबानी.-------------------------------------------------------------------------------- हां, मैं एक खूबसूरत इंडियन लड़की हूं. और मैं एक अजनबी लड़के के साथ दो बार सो चुकीहूं, जिससे मेरी मुलाकात टिंडर पर हुई थी. “लकी मैन” उस लड़के को यही कहेंगे न आप?पर यहां मैं खुद को लकी मानती हूं. बताती हूं क्यों: हाल ही में मेरा ब्रेक-अप हुआथा. जिसमें हम पिछले 3 सालों से रिलेशनशिप में थे. ब्रेक-अप के बाद मैं काफीडिस्ट्रेस्ड रहती थी. फिर मैंने महसूस किया कि मुझे डिस्ट्रेस से बाहर निकलनाचाहिए. और नए लोगों से मिलना चाहिए. इसके लिए मैंने टिंडर का यूज किया. वहां मुझे100 परसेंट मैच रेट के पार्टनर्स मिलने लगे. जो मेरे लिए कॉन्फिडेंस बूस्टर की तरहथा. मैं ज्यादातर चैट कन्वर्सेशन का रिप्लाई नहीं करती थी. क्योंकि आने वाले दिनोंमें मेरे एग्जाम होने थे. एग्जाम खत्म होने के बाद टिंडर पर एक लड़के का मैसेज आया.जिसके साथ मेरा प्रोफाइल एक हफ्ते पहले ही मैच कर चुका था. मैं उस समय फ्री थी तोमैंने सोचा चलो इसके साथ चैट करते हैं. क्या गजब का संयोग था, पता चला कि वो लड़कामेरी ही बिल्डिंग में रहता है. वह भी वही नेटिव लैंग्वेज बोलता है जो मैं बोलतीहूं. उसी कॉलेज से पढ़ाई की है, जिससे मैंने की है. और एक कंपनी में सीईओ था. उसकंपनी की शुरुआत उसने मेरे एक पुराने बेस्ट फ्रेंड के साथ मिलकर की थी. एक-दूसरे केबारे में इतनी सारी बातें जानने के बाद हमने जल्द ही चैटिंग करना बंद कर दिया. औरलगभग एक हफ्ते के बाद हमने मिलने का प्लान बनाया. उसके साथ पहली मुलाकात मेरे लिएपूरी तरह से सरप्राइजिंग थी. टिंडर पर पढ़ाकू टाइप दिखने वाला ये लड़का रियल में बहुतही हैंडसम था. लंबा, वेल बिल्ड बॉडी. वो एकदम मस्त लग रहा था. उसे देखकर मैं बिलकुलएक टीनएज गर्ल की तरह हो गई. जो सिर्फ फिजिकल एपीयरेंस देख कर ही किसी को अपना क्रशबना लेती है. वैसे भी मेरे मन में लंबे लड़कों को लेकर एक स्पेशल फीलिंग रही है.मैंने उससे अचानक ही पूछ डाला, तुम्हारी एक्स कौन थी ?एक कपलमुझे उसकी सबसे खास बात ये लगी थी कि वो इस तरह के रिलेशनशिप को लेकर एक खुली सोचका बंदा था. वो चार साल तक सीरियस रिलेशनशिप में रह चुका था. उसके बाद से वो 12महीनों में 13 महिलाओं के साथ सो चुका था. टिंडर पर उसके लगभग 50-60 प्रोफाइल्स मैचकिए थे. मेरे ख्याल से टिंडर पर किसी लड़के के लिए इतने सारे मैच मिलना एक्सेप्शनलहै. वह स्मोक करता है. आप उसको वुमैनाइजर कह सकते हैं. डेट पर जाने के लिए उसे सबसेवर्स्ट एक्जाम्पल मान जा सकता हैं. पर मेरे लिए वो बहुत स्पेशल है. मेरे अंदर ऐसेकिसी बंदे के लिए इतनी चाहत कभी नहीं रही थी. कभी भी नहीं.मैं कभी हुक-अप टाइप की बंदी नहीं रही. इससे पहले मैं एक ही शख्स के साथ सोई थी, वोमेरा बॉयफ्रेंड था और उस समय मुझे लगता था कि आगे चल कर हम शादी करने वाले हैं. मैंएक ऐसे किसी आदमी के साथ फिजिकल रिलेशनशिप बनाना चाहती थी. जिसे मैं फिर से नादेखूं. जिसे आप मेरी गलत सोच भी कह सकते हैं. मैं एक आदर्शवादी लड़की बनकर थक चुकीथी. फिर हमारी मुलाकात हुई. हम फिजिकल हो गए. हमने सेक्स किया. रात भर हम प्यारकरते रहे. वो मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत रात थी. और मैंने महसूस किया कि उसकी बैडबॉय वाली इमेज झूठी है, हकीकत में वो बहुत ही स्वीट और केयरिंग है.इसके बाद भी हम चैट पर बात करते रहे. और एक बार फिर हमने सेक्स किया. मुझे अहसासहोने लगा था कि मैं खुद को इमोशनली और फिजिकली अलग नहीं रख सकती. ये अलग बात है किमहिलाएं इस तरह की नहीं होतीं हैं. मैं जानती थी कि अगर मैं इसी तरह उसके टच मेंरहूंगी तो मैं खुद को उससे दूर नहीं कर पाऊंगी. और हम फिर से सेक्स कर रहे होंगे.मैं ये भी जानती हूं कि मैं उसके साथ सिर्फ इसलिए फिजिकली नहीं हुई, कि उसकी इमेजएक ‘बैड बॉय’ की है. हमने अब बात करना छोड़ दिया है. एक-दूसरे के टच में नहीं हैं.ऐसा करना हमारे लिए बहुत मुश्किल था. फिर भी हमने ऐसा किया. असल में एक अजनबी केसाथ सेक्स करने की बात को लेकर मैं गिल्ट फील कर रही थी. पर बाद में मैंने रियलाइजकिया कि इसमें गिल्ट फील करने जैसी कोई बात नहीं है. बल्कि मुझे तो और खुश होनाचाहिए. इस घटना ने मुझे एक गहरे डिप्रेशन में जाने से बचाया. इसने मेरे डार्केस्टफेज में भी मुझे एक्साइटमेंट से भर दिया. इसने मुझे सिखाया कि मैं फिर खूबसूरतजिंदगी को जी सकती हूं. मैंने समझा कि इस दुनिया में हैंडसैम और स्मार्ट लोगों कीकमी नहीं है. और मैं पिछले रिलेशनशिप से बेहतर रिलेशनशिप कायम कर सकती हूं. स्मोककरने वाले उस बैड बॉय को मैं इस सब के लिए शुक्रिया करना चाहूंगी. मेरे अंदरचोरी-छिपे आज भी ये चाहत है कि हम फिर से एक-दूसरे में खो जाएं. अगर ऐसा होता है तोमेरे लिए ये एक नशे की तरह होगा. शुक्रिया टिंडर.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है --------------------------------------------------------------------------------ये 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