सर्दी ऐसी चीज है जो आ जाए तो हल्ला काट देते हैं लोग कि बड़ी ठण्ड हो गई. पर न आएतो और भी खराब लगता है. और इस साल तो सर्दियों के मिजाज कुछ ज्यादा ही खराब हैं. नमटर के दानों में मिठास है, न हवा में वो गलन जिसे दोपहर की धूप धीरे-धीरे पिघलातीहै. पड़ रही है तो बस गर्मी. इतनी गर्मी की इंजीनियरिंग के लड़के भी एक दिन छोड़ नहाले रहे हैं. और दिल्ली के तो ये हाल हैं कि लड़कियां परेशान हैं कि पिछले साल लॉन्गबूट्स लेकर कहीं गलती तो न कर दी.क्यों हो रखा है मौसम हॉट? दिसंबर-जनवरी के नॉर्मल टेंप्रेचर से 5 डिग्री ऊपर चलरहा है इस साल का टेंप्रेचर. और राजस्थान में तो लगभग 8 डिग्री ज्यादा है. बीते कईसालों में अब तक का सबसे गरम जाड़ा है ये. पर ये प्रॉब्लम अकेले इंडिया का नहीं है.इंडिया से हजारों मील दूर समुंदरों का पानी गर्म हो रहा है. और असर दिख रहा हैयहां. और आपने नोटिस किया कि इस बार सर्दियों वाली बारिश नहीं आई? बस इसलिए बढ़ रखाहै देश का पारा.गुस्सा गया समुंदरों का पानीSource: University Corporation for Atmospheric Researchकारण है एल-नीनो. एल-नीनो इंसान नहीं, बस एक सिचुएशन है. जो कर देती है समुंदरों केपानी को गरम. दक्षिण अमेरिका के पेरू देश से लगे हुए प्रशांत महासगर के एक हिस्सेमें बनता है एल-नीनो. पानी हो उठता है गरम. और इसका इफेक्ट पूरी दुनिया में दिखताहै. अमेरिका और यूरोप में ये लाता है बारिश. और इंडिया और ऑस्ट्रेलिया में लाता हैड्राई स्पेल्स. यानी सूखापन. और इस बार एल-नीनो जाने का नाम नहीं ले रहा है. नतीजतनकैलिफोर्निया में हुई है हद से ज्यादा बारिश, और UK में तापमान नॉर्मल से 8 डिग्रीऊपर चल रहा है.चोरी हो गयीं हवाएं हर साल दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में आती हैं वेस्ट सेहवाएं. जिन्हें कहते हैं वेस्टरली. धरती के ऊपरी हिस्से में बहती हैं. नॉर्थ इंडियामें करवाती हैं बारिश. और साउथ इंडिया में चलती है गर्म हवा. इस सीजन में गर्महवाओं का ये सिस्टम शिफ्ट हो गया है नॉर्थ में, जिससे वेस्टरली हवाएं इंडिया मेंनहीं आ पा रहीं. इसलिए इंडिया में नहीं हो रही सर्दी वाली बारिश.और इसलिए नहीं पड़ रही दांत किटकिटाने वाली ठंड. पर आप कपड़े अच्छे से पहन के निकलना.क्योंकि मौसम बदलते देर नहीं लगती.