इंडियन कबड्डी टीम ने जो मिला है, वो जीता है - सारे वर्ल्ड कप, सारे एशियन गेम्स,सब कुछ. अबकी बार का वर्ल्ड कप भी कुछ अलग नहीं होने जा रहा. दरअसल भारत की कबड्डीटीम इतनी मज़बूत है कि 14 खिलाड़ियों को 2 अलग-अलग टीमों में बांट दिया जाए तोदोनों टीमें फाइनल में पहुंच जाए. सच इज द डोमिनेशन मित्रों.सर्कल फॉर्मेट के 4 वर्ल्ड कप हुए हैं, चारों भारत, एशियन गेम्स में 7 गोल्ड हुएहैं, सातों भारत और इंटरनेशनल फॉर्मेट में कबड्डी के 2 वर्ल्ड कप हुए हैं, दोनोंभारत ने जीते हैं. करीब 30 साल के कबड्डी के सफर में सिर्फ एक बार भारत हारा है –सैफ गेम्स के फाइनल में पाकिस्तान से. भारतीय महिलाओं ने भी कबड्डी में जो कुछखेलने को मिला है, जीता है. इंटरनेशनल फॉर्मेट में कबड्डी का ये तीसरा वर्ल्ड कपहै. भारत के कप्तान अनूप कुमार और कोच बलवान सिंह के सामने सबसे बड़ी समस्या होगीकि आखिरी 7 खिलाड़ियों में किसको खिलाएं और किसको बाहर बैठाएं. मुश्किल इतनी हीनहीं थी बल्कि नेशनल कैंप में 26 खिलाड़ियों में से 14 खिलाड़ी चुनना भी टेढ़ी खीरथा. कैप्टन कूल अनूप कुमार के साथ हम तो कह दें कि मनजीत चिल्लर, धरमराज जैसेपुराने विजेता और दीपक हुड्डा, राहुल चौधरी प्रदीप नरवाल और नितिन तोमर उतरेंगे. परइनमें अंतर इत्ता कम है कि कोई भी बाहर नहीं रखा जा सकता.यह पहली बार है कि कबड्डी वर्ल्ड कप में 12 टीमें खेल रही हैं. और पाकिस्तान नहींखेल रहा है. ऐन टैम पर उड़ी हमलों के कारण पाकिस्तान का प्रतियोगिता में शामिल होनारद्द कर दिया गया. और केन्या को शामिल किया गया. भारत के मुकाबले भारत बनाम कोरियाशुक्रवार, 7 अक्टूबर 8 बजे भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया शनिवार, 8 अक्टूबर, 9 बजे भारतबनाम बांग्लादेश मंगलवार, 11 अक्टूबर, 9 बजे भारत बनाम अर्जेंटीना शनिवार, 15अक्टूबर, 9 बजे भारत बनाम इंग्लैंड मंगलवार, 18 अक्टूबर, 9 बजे सेमीफाइनल पहला- 21अक्टूबर, शुक्रवार रात 8 बजे दूसरा- 21 अक्टूबर, शुक्रवार रात 9 बजे फाइनल 22अक्टूबर, रविवार रात 9 बजे और भारत की वर्ल्ड कप जीत की हैट-ट्रिक कुल 32 कबड्डीखेलने वाले देशों में असल मुकाबला भारत और इरान के बीच होगा. दोनों अलग-अलग ग्रुपोंमें हैं. ईरान ही है, जो भारत को कबड्डी में कुछ टक्कर दे सकता है. इरान के कबड्डीउदय से पहले एशियन गेम्स में आमतौर पर सेट फॉर्मेट रहता था. स्वर्ण – भारत, रजत –पाकिस्तान और कांस्य – बांग्लादेश. लेकिन ईरान धीरे-धीरे अंतर कम कर रहा है. भारतने इस फॉर्मेट के अपने पिछले दोनों वर्ल्ड कप ईरान को हराकर ही जीते थे. 2004 मेंस्कोर था 55-27 और 2007 में 29-19 और इस बार भी 22 अक्टूबर को इरान से ही फाइनलमुकाबला होने वाला है, जीत भारत की ही होने वाली है पर स्कोर नहीं बता सकते. किसीवर्ल्ड कप की पूरी स्क्रिप्ट थोड़े ही लिखी जा सकती है.कबड्डी बांग्लादेश का राष्ट्रीय खेल है लेकिन एशियन टीमों में सबसे बड़ा उत्थान हुआहै साउथ कोरिया का. साउथ कोरिया को कबड्डी खेलते हुए सिर्फ 11 साल हुए हैं लेकिनपिछले एशियन गेम्स में बांग्लादेश जैसी दिग्गज टीम को पछाड़ते हुए कांस्य पदक जीतलिया. साउथ कोरिया के एक-दो खिलाड़ियों को प्रो-कबड्डी लीग में खेलने का भी अनुभवहै. बाकी टीमों में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड जैसी टीमें हैं जो रग्बी,अमेरिकन फुटबॉल जैसे कबड्डी से काफी-मिलते जुलते खेल खेलती हैं. पोलैंड की टीम केज्यादातर खिलाड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट और रग्बी से आए हैं. लेकिन फिर भी ये उम्मीदकरना की भारत के ताज को कोई खतरा होगा, गलत आकलन होगा. लाइक ए बॉस भारत ये वर्ल्डकप जीत रहा है मित्रों. हालांकि आत्मविश्वास की अति भी बुरी होती है पर फिर भीकबड्डी टीम खेलती ही ऐसा है कि ये नहीं लिख सकते कि जीत की संभावना है, जब पता हीहो कि जीतना है. 22 अक्टूबर को पुन: पढ़ लीजिएगा ये लेख.