मोदी के नए मंत्री, जो 28 साल में सांसद बन गए थे
कट्टर हिंदुत्व वाली छवि और संघ से नजदीकी का मिला फायदा. अगले साल होने वाले कर्नाटक चुनाव को देखते हुए सौंपा गया मंत्रालय.
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अनंत कुमार हेगड़े.
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3 सितंबर को पीएम मोदी की कैबिनेट का जो विस्तार हुआ है, उसमें अनंत कुमार हेगड़े को भी शामिल किया गया है. उन्हें राज्यमंंत्री बनाया गया है. जिम्मेदारी स्किल डेवलेपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप की है. वो उत्तर कन्नड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. 1996 में पहली बार 28 साल की उम्र में सांसद बने थे. जनता दल के प्रमोद हेगड़े को 55,896 वोटों से हराया. 1998 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की मार्ग्रेट अल्वा को 87,049 वोटों से हराया था. संसद में ये उनका पांचवा टर्म है. सांसद रहने के दौरान हेगड़े वित्त, गृह, मानव संसाधन, वाणिज्य कृषि और विदेश विभाग के लिए बनी संसदीय समिति के सदस्य रहे. कट्टर हिंदुत्व छवि है. संघ के खास माने जाते हैं. अगले साल कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए मंत्रिमंडल में जगह दी गई है.

संघ के खास माने जाते हैं अनंत कुमार.
# 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद चर्चा में आए थे.
# 1993 में भटकल में हुए दंगों के बाद उनका नाम सामने आया था और केस दर्ज हुआ था.
# एबीवीपी से राजनीति की शुरुआत करने वाले अनंत कई मौकों पर भड़काऊ बयान दे चुके हैं. मार्च 2016 में उन्होंने ऐसा ही एक बयान आतंकवाद पर दिया था, जिसमें कहा था कि आतंकवाद तभी खत्म हो सकता है, जब एक धर्म विशेष का खात्मा कर दिया जाए. हालांकि बाद में उन्होंने बयान से किनारा कर लिया था. सिरसी पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था.
#1994 में सरकारी आदेश न मानते हुए 15 अगस्त को हुबली के विवादित ईदगाह मैदान पर पहुंच गए और तिरंगा फहराया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद हुई हिंसा और पुलिस फायरिंग में 8 लोग मारे गए थे.
#जनवरी 2017 में उत्तर कन्नड़ के सिरसी के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मारपीट में इनका नाम उछला था. आरोप था कि डॉक्टरों ने अनंत हेगड़े की मां के इलाज में लापरवाही बरती है. सिरसी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हेगड़े के खिलाफ केस दर्ज किया था.
अनंत हेगड़े ने एनजीओ भी बनाया.
अनंत हेगड़े ने कदम्ब नाम का एक एनजीओ (गैर सरकारी संस्था) भी बनाया है. ये एनजीओ ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, रूरल मार्केटिंग के साथ ही कई अन्य सेक्टर में काम करता है. अनंत एक्सटर्नल अफेयर और मानव संसाधन विकास पर बनी संसदीय कमेटी के सदस्य हैं. वो कोरियन मार्शल आर्ट ताइक्वांडो के जानकार हैं. हेगड़े चार बार स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया के सदस्य रहे हैं.
वीडियो देखें:
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देते रहे हैं भड़काऊ बयान

संघ के खास माने जाते हैं अनंत कुमार.
# 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद चर्चा में आए थे.
# 1993 में भटकल में हुए दंगों के बाद उनका नाम सामने आया था और केस दर्ज हुआ था.
# एबीवीपी से राजनीति की शुरुआत करने वाले अनंत कई मौकों पर भड़काऊ बयान दे चुके हैं. मार्च 2016 में उन्होंने ऐसा ही एक बयान आतंकवाद पर दिया था, जिसमें कहा था कि आतंकवाद तभी खत्म हो सकता है, जब एक धर्म विशेष का खात्मा कर दिया जाए. हालांकि बाद में उन्होंने बयान से किनारा कर लिया था. सिरसी पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था.
#1994 में सरकारी आदेश न मानते हुए 15 अगस्त को हुबली के विवादित ईदगाह मैदान पर पहुंच गए और तिरंगा फहराया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद हुई हिंसा और पुलिस फायरिंग में 8 लोग मारे गए थे.
#जनवरी 2017 में उत्तर कन्नड़ के सिरसी के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मारपीट में इनका नाम उछला था. आरोप था कि डॉक्टरों ने अनंत हेगड़े की मां के इलाज में लापरवाही बरती है. सिरसी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हेगड़े के खिलाफ केस दर्ज किया था.
बनाया है एनजीओ

अनंत हेगड़े ने एनजीओ भी बनाया.
अनंत हेगड़े ने कदम्ब नाम का एक एनजीओ (गैर सरकारी संस्था) भी बनाया है. ये एनजीओ ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, रूरल मार्केटिंग के साथ ही कई अन्य सेक्टर में काम करता है. अनंत एक्सटर्नल अफेयर और मानव संसाधन विकास पर बनी संसदीय कमेटी के सदस्य हैं. वो कोरियन मार्शल आर्ट ताइक्वांडो के जानकार हैं. हेगड़े चार बार स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया के सदस्य रहे हैं.
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