ये है सिद्धू मूसेवाला की हत्याकांड का पूरा सच!
मुशहूर सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के पीछे लॉरेंस गैंग का नाम सामने आ रहा है. वहीं पंजाब पुलिस को लग रहा है कि सिद्धू दो गैंग्स की आपसी दुश्मनी का शिकार हुआ है.

बीजेपी और कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों का ऐलान हो गया। कहीं रूठने, कहीं टूटने की कहानी है। यूपीएससी के रिजल्ट का ऐलान हुआ। जश्न और सफलताओं की कहानियां हैं। कोराना की दूसरी लहर में अनाथ हुए बच्चों से प्रधानमंत्री मोदी का मिलना और उनके लिए ऐलान करना। इसमें भी दर्द से मरमह तक की कहानी है। मगर एक कहानी ऐसी है जिसमें दर्द है, मातम है और मिस्ट्री भी। पंजाबी सिंगर और कांग्रेस के उम्मीदवार रहे सिद्धू मूसेवाला की हत्या की कहानी। बड़ी खबर में आज इसी को परत दर परत बारीकी से खोलेंगे। मगर सबसे पहले दिन का वीडियो
माता पिता ने नाम शुभदीप सिंह सिद्धू रखा था. गांव का नाम मूसेवाला. पंजाब में नाम के आगे गांव का नाम जोड़ने का रिवाज है. तो नाम हो गया सिद्धू मूसेवाला. दोस्त कहते हैं गायकी और रैप के जरिए शोहरत और दौलत हासिल की. दुश्मन कहते हैं दुश्मनी थी तो मार दिया. 29 साल के सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुए 24 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है. अब भी गूगल की दुनिया का हिंदुस्तान में सबसे बड़ा की-वर्ड. की-वर्ड मतलब जिसके बारे में ज्यादा सर्च किया जाए. कनाडा-ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में जहां भारतवंशी रहते हैं, वहां भी सिद्धू मूसेवाला से जुड़ी स्टोरी खोजी और पढ़ी जा रही हैं.
केस का अपडेटसिद्धू मूसेवाला की हत्या पंजाब के मांसा जिले में जवाहरके गांव के पास कल शाम हुई. जो उनके गांव मूसेवाला से 5 किलोमीटर दूर है. वो थार गाड़ी में सवार थे, तभी उनपर करीब 30 राउंड फायर किया गया. मौत मौके पर हो गई, डिक्लेयर नजदीकी अस्पताल में किया गया. दो साथी भी घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. परिवार के विरोध करने के बाद खबर लिखे जाने तक सिद्धू मूसेवाला का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया था. शाम 4 बजे तक परिवार को पोस्टमॉर्टम कराने के लिए राजी कर लिया गया. हो सकता है कल तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ जाए. जिससे मौत के कारण के साथ-साथ बुलेट और वेपन की और डीटेल पता चल सकेगी.
हत्या के बाद सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने एक FIR करवाई और कहा- उनके बेटे को कई गैंगस्टर फिरौती के लिए फ़ोन पर धमकियां भेजते थे. गैंगस्टर लॉरेन्स बिशनोई गैंग ने उसे कई बार धमकियां भेजीं. इसलिए उन्होंने एक बुलेटप्रूफ़ फ़ॉरचूनर गाड़ी भी रखी हुई थी. FIR में कहा,
"रविवार को मेरा बेटा अपने घर से दो दोस्तों गुरविंदर सिंह और गुरप्रीत सिंह के साथ थार गाड़ी से निकला था. बुलेट प्रूफ़ फ़ॉरचूनर गाड़ी और गनमैन वो साथ लेकर नहीं गया. मैं उसके पीछे-पीछे उसके सरकारी गनमैन लेकर दूसरी गाड़ी से गया था. रास्ते में मैने एक कोरोला गाड़ी को मेरे बेटे की थार का पीछा करते देखा जिसमें चार युवक सवार थे. बेटे की थार जब जवाहरके गांव की फिरनी यानी बाहरी रास्ते के पास पहुंची तो वहां एक सफ़ेद रंग की बुलेरो गाड़ी पहले से खड़ी इंतज़ार कर रही थी. उसमें भी चार युवक बैठे थे. जैसे ही मेरे बेटे की थार उस बुलेरो गाड़ी के सामने पहुंची चारों नौजवानों ने थार पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं. चंद मिनटों में फायरिंग करके बुलेरो और कोरोला गाड़ी लेकर वो वहां से फ़रार हो गये. मैने मौक़े पर पहुंचकर शोर मचाया तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गये. मैं अपने बेटे और उसकी गाड़ी में बैठे दोनों दोस्तों को मानसा के सरकारी अस्पताल ले गया. वहां मेरे बेटे शुभदीप सिंह की मौत हो गई."
पुलिस ने पिता की दी तहरीर पर FIR दर्ज कर ली. 302 हत्या की, 307 हत्या के प्रयास की. इसके अलावा 120 B आपराधिक षणयंत्र और आर्म्स ऐक्ट की दो धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
आनन-फानन में पुलिस ने जांच शुरू, धरपकड़ के लिए SIT गठित की जाने लगी. मामला हाईप्रोफाइल था. पंजाब सरकार पर काफी दबाव बना. राजनीतिक आक्षेप लगने लगे. तब सीएम भगवंत मान ने हत्या की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए. CMO पंजाब की तरफ से जानकारी मिली कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जांच के लिए हाईकोर्ट के मौजूदा जस्टिस की देखरेख में आयोग का गठन किया जाएगा. इससे पहले पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार भी लगाई. पूछा गया है कि उन्होंने सुरक्षा से संबंधित कागजात सार्वजनिक क्यों किए? एक दिन पहले ही पंजाब सरकार ने 424 वीआईपी लोगों की सुरक्षा को कम किया था. जिनकी सुरक्षा कम हुई, उनके नाम भी सार्वजनिक हुए. इसमें मूसेवाला का नाम भी था. बाकायदा ट्वीट करके आप ने इसे VIP सिस्टम पर चोट बताया था. इस पर विरोधियों ने आरोप लगाया कि आप के पब्लिसिटी स्टंट में सिद्धू मूसेवाला की हत्या हो गयी.
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच सवाल तो बना हुआ है. जब किसी को जान का खतरा था, तो उसकी सुरक्षा क्यों कम की गई? डीजीपी की तरफ से दावा किया गया था कि ब्लूस्टार की बरसी, जो 1 जून को होती है. उसके लिए सुरक्षा कम की गई थी, क्योंकि बाकी जगहों पर पुख्ता इंतजाम चाहिए होते हैं. मगर सवाल है कि जब किसी को खुलेआम धमकियां दी जा रही हों, उसकी सुरक्षा में कमी किस रिपोर्ट के आधार पर की गई? इसकी भी जांच जरूरी है. सवालों के बीच एक अपडेट और है. शाम होते-होते पंजाब पुलिस ने देहरादून में शक की बिना 6 लोगों को हिरासत में लिया है. उत्तराखंड STF की मदद से पकड़े गए 6 लोगों में से एक का सीधा कनेक्शन लॉरेंस बिश्नोई से बताया जा रहा है.
हत्या के पीछे है साजिश और रंजिशइस मामले में एक नाम बार-बार सामने आ रहा है. लॉरेंस बिश्नोई. कुख्यात अपराधी औऱ गैंगस्टर है. उम्र यही कोई 30 साल होगी. फिलहाल तिहाड़ जेल की बैरक नंबर 8 में बंद है. लॉरेंस बिश्नोई का ही नाम सिद्धू मूसेवाला के पिता ने FIR में दर्ज कराया है. और फेसबुक पोस्ट के जरिए हत्या की जिम्मेदारी भी इसी नाम से ली गई. जिम्मेदारी लेने वाली कल दो पोस्ट सामने आईं, एक गोल्डी बराड़ की और एक लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप की. पोस्ट में लिखा गया,
"मैं और गोल्डी बराड़ सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेते हैं. लोग चाहे जो भी कहें, लेकिन हमने अपने ब्रदर विक्की मिद्दूखेड़ा और गुरलार बरार की हत्या का बदला लिया है. सिद्धू मूसेवाला ने उनकी हत्या में मदद की थी."
इसमें आगे लिखा है,
"मैंने उन्हें (मूसेवाला) जयपुर से बुलाया था और कहा था कि उन्होंने जो किया है वो सही नहीं है. उन्होंने मुझसे कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है और मुझे चुनौती दी कि मैं भी अपना हथियार लोड रखता हूं. इसलिए हमने अब अपने ब्रदर की हत्या का बदला ले लिया है. लेकिन यह अभी सिर्फ शुरुआत है. जो भी हमारे ब्रदर (विक्की) की हत्या में शामिल थे, वे चौकन्ने हो जाएं."
पर कहानी सिर्फ इतनी नहीं. साजिश और रंजीश की इस कहानी को समझने के लिए थोड़ा पीछे चलना होगा. अगस्त 2021 को यूथ अकाली नेता विक्रम सिंह उर्फ विक्की मिद्दुखेड़ा की मोहाली में सरेआम हत्या हुई थी. जब वो अपनी फॉर्चूनर में सवार हो रहा था. तब उस पर बदमाशों ने गोलियां बरसाईं. बचने के लिए भागा तो आधा किलोमीटर दौड़ा कर गोली मारी. विक्की को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का बेहद करीबी बताया जाता था. उसकी हत्या में बंबीहा गैंग का नाम आया था. देविंदर बंबीहा नाम का एक गैंगस्टर था, जिसका 2016 में पंजाब पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था. उसी के नाम पर बना ये बंबीहा गैंग है. जिसको लकी पटियाल नाम का गैंगस्टर चलाता है. जो फिलहाल तुर्की के बगल के मुल्क अरमेनिया में है. खैर, बंबीहा गैंग और लारेंस गैंग...दोनों के बीच दुश्मनी है. जैसा कि फिल्मों में भी हम देखते रहे हैं, दो गैंग की गैंगवार.
यहां से थोड़ी कहानी और क्लीयर करते हैं. विक्की की हत्या में सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगन प्रीत सिंह का नाम सामने आया था. पुलिस मैनेजर तक पहुंच पाती उसके पहले ही वो भारत से फरार होकर ऑस्ट्रेलिया पहुंच गया. पंजाब पुलिस ने सिद्धू के मैनेजर के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया हुआ है. इस मामले में सिद्धू मूसेवाला के डायरेक्ट इन्वॉल्मेंट के साक्ष्य नहीं मिले थे, फरवरी महीने में दिए चुनावी एफीडेविट के मुताबिक सिद्धू मूसेवाला पर 4 मुकदमें दर्ज थे. मगर विक्की मिद्दुखेड़ा मर्डर केस में उनपर कोई FIR नहीं थी. इसके बावजूद लॉरेंस बिश्नोई विक्की की हत्या के लिए सिद्धू मूसेवाला को जिम्मेदार और विरोधी गैंगस्टर विक्की पटियाल का करीबी मानता था. विक्की मिद्दू खेड़ा के मर्डर के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई ने एक फेसबुक पोस्ट की थी, लिखा था
"अपने भाई विक्की मिद्दूखेड़ा हम सबको छोड़कर चले गए. इस भाई का हमारे अपराधों से कोई लेना देना नहीं था. जिसने भी सुना होगा इस भाई के लिए अच्छा ही सुना होगा. अब ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे, करके दिखाएंगे. रही बात जो भी भाई की मौत का जिम्मेदार है, वो अपनी मौत की तैयारी कर ले. इसका रिजल्ट थोड़े दिन में मिल जाएगा.''
ये फेसबुक पोस्ट अगस्त 2021 में किया गया था. मई 2022 में सिद्धू मूसेवाला को इसी बदले में मारने का दावा किया जा रहा है. अब बात लॉरेंस विश्नोई की. पंजाब के अबोहर का रहने वाला है. कॉलेज लाइफ के दौरान स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी SOPU से जुड़ा था. छात्र राजनीति में वर्चस्व की जंग और हथियारों का खेल. देखते-देखते लॉरेंस विश्नोई पंजाब में जुर्म की दुनिया का बड़ा नाम हो गया. दर्जनों मुकदमे हुए. कुछ में बरी हुआ, कई अभी भी चल रहे हैं. वो नए-नए लड़कों को साथ में जोड़ता है और उनसे वसूली और हत्याएं कराता है.
तिहाड़ में रची गई थी साजिशसूत्रों के मुताबिक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश तिहाड़ जेल में ही रची गई. आज तक के तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक तिहाड़ जेल से एक ई-सिम का इस्तेमाल हुआ. ई-सिम का मतलब फोन में कोई सिमकार्ड नहीं लगाना होता, सॉफ्टवेयर के जरिए एक्टिव रहता है. जिसका नंबर 9643 से शुरु होता था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक वर्चुअल नंबरो से लारेंस बिश्नोई ने कनाडा में मौजूद गोल्डी बराड़ से कई बार बात की. ये खुलासा दिल्ली पुलिस की तरफ से हुआ. कुछ दिनों पहले दिल्ली पुलिस ने शाहरुख नाम के ईनामी बदमाश को गिरफ्तार किया था. जिसको पहले सिद्धू मूसेवाला को मारने की सुपारी मिली थी. लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही पकड़ लिया.
शक के घेरे में दो और गैंगस्टर हैं. काला जठेड़ी और काला राणा. दोनों को जेल से रिमांड पर लेकर दिल्ली पुलिस ने पूछताछ की. तिहाड़ जेल के भीतर लॉरेंस बिश्नोई से भी पूछताछ की खबर है. उसके बैरक की भी तलाशी हुई, साथ ही दूसरे बैरकों में भी फोन ढूंढा गया. मगर मिला नहीं. तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश में अब तक गोल्डी बरार, लॉरेंस बिश्नोई, गैंगग्सटर जग्गू भगवानपुरिया, अमित कालजा, सोनू काजल, सतेंद्र काला, अजय गिल के अलावा एक मशहूर सिंगर के मैनजर का भी नाम सामने आ रहा है. लेकिन मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई को ही माना जा रहा है.
अब उसे भी जान का खतरा सताने लगा है. लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाब पुलिस से एनकाउंटर की आशंका जताते हुए आज NIA कोर्ट का रुख किया. बिश्नोई की तरफ से कहा गया है कि फिलहाल उसकी कस्टडी पंजाब या किसी दूसरे राज्य की पुलिस को नहीं दी जाए. पुलिस उससे जेल में भी पूछताछ कर सकती है. अगर दूसरे राज्य की कोर्ट में उसे पेश करना है तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी हो. स्पेशल जज प्रवीण सिंह ने लारेंस बिश्नोई की अर्जी पर फिलहाल सुनवाई से इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि अभी किसी दूसरे राज्य का प्रोडक्शन वारंट जारी नहीं हुआ है. सिर्फ एनकाउंटर की आशंका के चलते पहले से कोर्ट ऐसा कोई आदेश नहीं दे सकता.
गैंगस्टरों और म्यूजिक इंडस्ट्री का कनेक्शनइसमें एक बात चौंकाने वाली है. पहले विक्की मिद्दूखेड़ा की हत्या में सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर का नाम. अब सिद्दू मूसेवाला के मर्डर में दूसरे बड़े सिंगर के मैनेजर का नाम. पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री जितनी रिच और भरी-पूरी लगती है. इसके पीछे के किरदार कहीं काले हैं. जैसे एक दौर में D कंपनी के तार बॉलीवुड से जुड़ा करते थे. वैसे ही गैंगस्टरों का इन्वॉल्मेंट पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री से मालूम पड़ता है. इसके पीछे रंगदारी और सरपरस्ती का खेल है. 2018 में पंजाबी सिंगर परमीश वर्मा पर भी गोली चली थी. किस्मत अच्छी थी बच गए. 1996 में पंजाबी सिंगर दिलशाद अख्तर पर हमला हुआ था. 1988 में संगीतकार अमर सिंह चमकीला की हत्या पत्नी समेत कर दी गई थी.
गैंग्सटर और म्यूजिक इंडस्ट्री के उलझे तारों की गुत्थी पुलिस को सुलझाना चाहिए. पुलिस को एक काम और करना है. वो ये पता करना कि आखिर AN-94 जैसी ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफल पंजाब में कैसे आई? पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर मिले कुछ खोखे AN-94 राइफल के हो सकते हैं. ये रूस में बनी एसॉल्ट राइफल है. जिसे AK-47 के रिप्लेसमेंट के तौर पर बनाया गया था, हालांकि इसका इस्तेमाल कम होता है. ये AK-74 का ही एक वैरियंट है. असॉल्ट राइफल्स की टैगलाइन ही होती है 'फायर टू किल'. इस राइफल की खास बात यह है कि बर्स्ट फायर करते वक्त इससे दो गोलियां एक साथ निकलती. इन गोलियों के निकलने के बीच चंद माइक्रो सेकेंड्स का अंतर होता है. इससे एक बार में 600 राउंड फायर किए जा सकते हैं. खैर इसकी खूबियों की नहीं सिस्टम की खामियों पर सवाल है.
आर्म्ड एक्ट के मुताबिक भारत का कोई भी नागरिक ऑटोमैटिक वैपेन नहीं खरीद सकता. हमारी टीम ने कुछ वरिष्ठ IPS अधिकारियों से बात की, जानना चाहा कि आखिर इस बंदूक का इस्तेमाल कौन करता है. जवाब मिला इस AN-94 का इस्तेमाल भारत में नहीं होता. सवाल है जो बंदूक सुरक्षा बलों तक के पास नहीं है वो कुख्यात अपराधियों के पास कहां से गई? पूरी पंजाब पुलिस और सरकार को मिलकर इस सवाल का जवाब तलाशना चाहिए. मौके पर 9MM के भी खोखे मिले हैं. 9 एमएम सिर्फ पुलिस या सेना या फोर्सेज ही यूज कर सकती हैं. ये गोलियां कहां से आईं इसका भी जवाब तलाशा जाना चाहिए.
पुलिस अब अपने काम में जुटी है. हमें कुछ लाइनें याद रही हैं. मर्द अपनी माशूक की तरह मौत का रास्ता देखता है, क्या पता मौत कब दरवाजा खटखटा दे. चेहरे का नूर का बताता, इसका जवानी में ही जनाजा उठेगा. मूसेवाला जीते जी अमर हो गया, दुनिया में बहुत सी आवाजें आई हैं मिठिए. 2 हफ्ते पहले सिद्धू मूसेवाला का गाना रिलीज हुआ था. The Last Ride, उसी के पंजाबी बोल की अनुवाद हैं ये लाइनें. लोग कह रहे हैं सिद्धू मूसेवाला ने अपने मौत की भविष्यवाणी कर दी. मगर ऐसा नहीं था, हमने सिद्धू मूसेवाला के इंस्टाग्राम पर दो तस्वीरें देखी. वो ये हैं. दरअसल ये गाना अमेरिकी रैपर Tupac Shakur, Nipsey Hussle को दी गई श्रद्धांजलि पर बनाया गया था. जिनकी कम उम्र में हत्या हो गई थी. मगर कौन जानता था, वो गाना सिद्धू मूसेवाला की जिंदगी और मौत पर फिट बैठ जाएगा.
सलमान को धमकी देने वाली लॉरेंस बिश्नोई गैंग की लेडी डॉन मंजू आर्य को हरियाणा पुलिस ने पकड़ा

