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जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

कौन सा था वो पहला मीम जो इत्तेफाक से दुनिया में आया?

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ट्रोलफ़ेस करैक्टर को 'फ़ादर ऑफ़ मीम्स' भी कहा जाता है.
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शुभम्
5 अप्रैल 2021 (अपडेटेड: 19 अगस्त 2021, 05:07 AM IST)
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मीम्स. सोशल मीडिया के ज़माने में स्ट्रेस रिलीफ का सबसे बड़ा हथियार. आपकी कोई यूं ही बोली हुई बात, कब मीम मटेरियल बन जाए, कोई नहीं बता सकता. मीम्स सिर्फ़ चुटकलेबाज़ी के लिए इस्तेमाल नहीं होते. बल्कि मीम्स सबसे तेज़ी से ग्रो होता प्रमोशनल टूल है. कई शोज़ और फ़िल्मों का प्रमोशन आज मीम्स के द्वारा किया जाता है. जानबूझ कर फिल्मों और सीरीज में ऐसे संवाद और सीन रखे जाते हैं, जो मीम मटेरियल बनें. फ़िर सोशल मीडिया पर पॉपुलर मीम-मेकर्स को बाकायदा पैसे देकर अपने प्रॉडक्ट के मीम्स चलवाए जाते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं राजनीतिक पार्टियाँ भी मीम्स का इस्तेमाल पब्लिक को इन्फ्लुएंस करने के लिए करती हैं. विरोधी पार्टी के नेता की खिल्ली उड़ाने वाले मीम्स बनाए जाते हैं. तो आज आपको इस मीम मीडियम का इतिहास बताते हैं. कि असल में मीम्स की शुरुआत कहां से हुई. और कुछ फेमस मीम्स का इतिहास भी बताते हैं.
ये बात है एक दशक पहले की. जब लोग अपने घर के बाहर की नेम प्लेट से ज़्यादा फ़ोन के ब्लूटूथ नेम रखने में दिमाग लगाते थे. जब गाने सुनना एक ऐप पर क्लिक करने जितना आसान नहीं था. बल्कि स्पैम युक्त वेबसाइट्स पर जाकर दस हज़ार डाउनलोड बटनों के बीच से असली डाउनलोड बटन खोजने की पारखी नज़र चाहिए होती थी. जब आईआईटी गुवाहटी का 'तूने मेरे जाना' वाला काल्पनिक रोहन राठौर कई दिलजले आशिक़ों का आइडल था. HD फ़िल्मों के कलेक्शन वाले इंसान को तब समाज में फुल इज्ज़त मिलती थी. पैन ड्राइव में फिल्मों और गानों की अदला-बदली करके, लोग 'शेयरिंग इज़ केयरिंग' जैसी कहावतों को सार्थक करते थे.
मीमगाथा का पहला अध्याय शुरू होता है रेज कॉमिक्स करैक्टर्स के साथ. रेज कॉमिक्स एक वेब-कॉमिक्स है. जिसके करैक्टर सोशल मीडिया पर 2009-2013 के बीच मीम के रूप में ज़बरदस्त पॉपुलर थे. उस दौर में अगर आप इंटरनेट पर एक्टिव थे, तो इन सज्जनों से आपका आमना-सामना ज़रूर हुआ होगा. इन किरदारों को ऑकलैंड (अमेरिका) में रहने वाले कार्लोस रामीरेज़ ने 2008 में बनाया था. इन सब किरदारों में कार्लोस का बनाया ट्रोलफ़ेस किरदार ज़बरदस्त पॉपुलर हुआ. ट्रोलफ़ेस को 'फ़ादर ऑफ़ मीम्स' का भी दर्जा मिला हुआ है.
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रेज कॉमिक्स करैक्टर.
#मीम इन मेकिंग कार्लोस उस वक़्त 18 साल के थे और कॉलेज में पढ़ रहे थे. लेकिन उनका ध्यान कॉलेज की पढाई में कम और कंप्यूटर पर पेंटिंग करने में ज़्यादा रहता था. डेली अपने मम्मी-डैडी को होमवर्क करने की गोली देकर घंटों MS paint पर कुछ ना कुछ ड्रॉ करते रहते. और बाद में आर्ट साइट्स पर अपनी ड्रॉइंग अपलोड कर देते. ऐसी ही एक शाम उन्होंने एमएस पेंट पर कुछ सिंपल से कार्टून बनाए. इन कार्टूनों में उन्होंने अपने पिछले डिज़ाइन की तरह कोई ज्यादा डीटेलिंग भी नहीं की. बल्कि रफ़ वर्क की तरह यूं ही बना दिए. फिर रोज़ की तरह उसे डेविएंट आर्ट और 4chan नाम की वेबसाइट्स पर अपलोड कर दिया और सोने चले गए.
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कार्लोस रामिरेज़. क्रिएटर ऑफ़ ट्रोलफ़ेस मीम.

अगले दिन सुबह उठकर जब कार्लोस ने कंप्यूटर खोला, तो देखा उनका बनाया डूडल 4chan वेबसाइट पर दनादन शेयर किया जा रहा था. उन्हें बड़ा अच्छा लगा कि उनका बनाया कार्टून लोग इतना पसंद कर रहे हैं. लेकिन इससे उन्हें कुछ फ़ायदा तो मिलने वाला था नहीं. इसलिए कार्लोस ने इंटरनेट से दूरी बनाकर कॉलेज की पढाई में ध्यान लगाना ही बेहतर समझा.
कार्लोस ने इंटरनेट से ब्रेक लिया और बीबा पुत्तर की तरह कॉलेज के एग्जाम की तैयारी करने लगे. एग्जाम वगैरह खत्म होने के बाद कार्लोस जब दुबारा इंटरनेट पर गए, तो दंग रह गए. उनका बनाया मीम इंटरनेट की हर इमेज शेयरिंग साइट्स पर छा रहा था.
कार्लोस को समझ नहीं आ रहा था कि वो अपने घर पे सबको कैसे बताएं कि वर्ल्डवाइड फ़ेमस होता ट्रोलफ़ेस उनकी क्रिएशन है. ये बात अब तक सिर्फ कार्लोस ने अपनी छोटी बहन को बता रखी थी. एक दिन कार्लोस की बहन ने ये बात अपने मम्मी-पापा को बता ही दी. कार्लोस की मम्मी तो इतनी खुश हुईं कि उन्होंने घर की दीवार पर स्प्रे पेंट से ही ट्रोलफ़ेस बना दिया और मोहल्ले भर में अपने बेटे के इस इंटरनेट सेंसेशन के नगाड़े बजा दिए.
2010 आते-आते ट्रोलफ़ेस और रेज कॉमिक्स के बाकी करैक्टर तेज़ी से पॉपुलर होती फेसबुक पर भी छा गए थे. डेडपूल कॉमिक्स तक में कार्लोस का बनाया मीम पहुंच गया था. टी-शर्ट्स, कॉफ़ी मग्स पर भी ट्रोलफ़ेस देखने को मिलता था. ट्रोलफ़ेस की बढ़ती लोकप्रियता देख कार्लोस ने अपनी मां के कहने पर 27 जुलाई 2010 को US कॉपीराइट ऑफिस में ट्रोलफ़ेस को रजिस्टर करवा लिया.
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मार्वल कॉमिक्स पर भी इन मीम्स का प्रभाव पड़ा था.
#मिलियनेयर मीम रजिस्टर कराने के बाद से अब तक कार्लोस ट्रोलफ़ेस की लाइसेंसिंग फ़ीस और अन्य डील के ज़रिए करोड़ों की कमाई कर चुके हैं. हालांकि पिछले कुछ वर्षों से आने वाले चेक्स में ज़ीरो की संख्या में और ट्रोलफ़ेस की पॉपुलैरिटी में भारी गिरावट आई है, लेकिन कार्लोस को इस बात का कोई अफ़सोस नहीं है. #अरे ये तो मेरे वाला मीम है 2014 में ट्रोलफ़ेस का इस्तेमाल 'मीम रन' नाम के विडियो गेम में भी हुआ. इस गेम को निंजा पिग स्टूडियोज़ ने बनाया था. इस गेम को मारियो गेम बनाने वाली कंपनी निनटेंडो की वेबसाइट पर बेचा जा रहा था. इस गेम की जानकारी कार्लोस को उनके एक फैन ने दी. जब कार्लोस ने देखा कि उनके बनाए करैक्टर का इस्तेमाल यहां बिना उनकी इजाज़त के हो रहा है, तो उन्होंने कोर्ट केस कर दिया. गेमिंग कंपनी को मीम रन गेम ई-स्टोर से हटाना पड़ा.
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मीम रन गेम का सीन.

मीम हिस्ट्री जान ली. अब चलते-चलते आपका रेज कॉमिक्स के बाकी किरदारों से भी परिचय करवाते चलते हैं.

#ट्रोलफ़ेस

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ट्रोलफ़ेस.

ये हैं लीडर ट्रोलफ़ेस. इनको दूसरों की दुखती नस दबाने में बड़ा मज़ा आता है. 'कितना कमा लेता हो', 'करियर कैसा चल रहा है', 'मार्क्स कितने आए' जैसे सवाल पूछने वाले लोगों को दर्शाने के लिए सबसे आदर्श मीम करैक्टर हैं ये.

#फॉरएवर अलोन गाय

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ये हैं फॉरएवर अलोन भैया. ये प्यार में धोखा खाने में वर्ल्ड चैंपियन हैं. इनके जीवन में प्रेम के नाम पे सिर्फ 'हम आपके हैं कौन' की कैसेट है. इससे ज्यादा दुखद बात ये है कि ज्यादातर भारतीय भाइयों के लिए सबसे ज्यादा रिलेटेबल करैक्टर यही है.

#ओके गाय

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बेबसी और बेचारियत से भरा ओके गाय. ये भाईसाहब जीवन में हर चीज़ को मन मारकर ओके बोल देते हैं. परांठा मांगने पर इनको नान मिले तो भी चुप्पे खा लेते हैं. मैग्गी के नाम पर नमकीन सिवइयां जैसा गंभीर विश्वासघात भी चुपचाप सह जाते हैं. बड़े ही डीसेंट इंसान हैं. भगवान जी भला करें.

#पोकर फ़ेस

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ये करैक्टर 2010 में इंट्रोड्यूस हुआ था. इस मीम का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब बात सुनकर जवाब देते न बने. आजकल स्पेशल रेडियो शोज़ सुनकर ज्यादातर लोगों का ऐसा ही फ़ेस बन जाता है.

#एफ यू गाय

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झुंझलाट दर्शाने के लिए परफेक्ट मीम. बिरयानी में इलायची देखकर, फ्रिज में रखे आइसक्रीम के डिब्बे में सफ़ल मटर देख कर, जैसा दिमाग खराब होता है, वैसा ही ये करैक्टर है. जब आपका टीवी पर कुछ अच्छा देसी देखने का मन हो और टीवी पर सिर्फ एक ही अर्बन चैनल आ रहा हो, उस वक़्त आप कुछ ऐसा ही फ़ील करेंगे.

#सीरियल गाय

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ये करैक्टर आराम से सीरियल खा रहा होता है फ़िर इसे एक शॉकिंग न्यूज़ मिलती है और शॉक से ये सीरियल उगल देता है. फ़र्ज़ कीजिए जैसे आप सीरियल खा रहे हों और आप को कोई बोल दे कि सलमान भाई ऑस्कर जीत गए.
इनके अलावा रेज कॉमिक्स में कुछ मीम्स असली लोगों के लाइन आर्ट भी थे. जैसे ये,

#विच प्लीज़ गाय

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ये करैक्टर चाइनीज़ बास्केटबॉल प्लेयर याओ मिंग की आउटलाइन है. याओ एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जब ऐसे हंसे, तो किसी ने उनका स्टिल निकाल उसे मीम बना दिया.
इन सारे मीम्स किरदारों का पिछले कई वर्षों से ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो रहा है. हालांकि पिछले साल लगे लॉकडाउन के बाद ये धीरे-धीरे दोबारा चलन में आ रहे हैं. हालांकि ये बात तो सच है कि मीम्स की दुनिया की पहली पीढ़ी इन्हीं से गुलज़ार थी.

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