मूर्खों तुमने मेट्रो वाली आंटी को सही साबित कर दिया
इस लड़की के फेसबुक पोस्ट पर कोहराम मचा है. कुछ कायर उसके खिलाफ गालियां दे रहे हैं और ऐसा करके उसी पोस्ट को सही साबित कर रहे हैं.
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फोटो - thelallantop
एक लड़की है द्यूति सुदिप्ता. वेस्ट बंगाल की है. दिल्ली में तीन साल रही ग्रैजुएशन के लिए. फिर एमए के लिए मुंबई चली गई. 3 हफ्ते पहले ही इंटर्नशिप के लिए दिल्ली लौटी है. सपने लेकर आई कि अपने करियर की पहली सीढ़ी चढूंगी. लेकिन एक फेसबुक पोस्ट की वजह से उसे गालियां पड़ रही हैं. वे लोग जो हर वक्त फेसबुक-ट्विटर पर रेकी करते रहते हैं, ताकि प्रोग्रेसिव और प्रो-वुमन पोस्ट करने वाले लोगों की वॉल गंदी कर सकें. उन पर गालियां बरसा सकें. अपनी जुबान को मां के गर्भ तक ले जाकर अपने मेल ईगो को तुष्ट कर सकें.
कहानी मुख्तसर ये है कि 18 अप्रैल की सुबह द्युति करीब 11.30 बजे ऑफिस जा रही थी. वह मेट्रो में थी, जहां सब कुछ रोज़ जैसा था. लेकिन तभी उसे दो लड़कों की बातचीत सुनाई दी.
पहला लड़का: देख, लेडीज कोच पूरा खाली है. इधर साइड इतना भरा है. फिर भी हमें वहां जाकर बैठना अलाउड नहीं है. खाली पड़ी हैं सीटें. दूसरा लड़का: हां यार. देख पूरा कोच दे रखा है उनको. वो भरती ही नहीं. ऊपर से हमारे कोच में भी दो दो सीटें दे रखी हैं. हम बैठ जाएं तो उठा देते हैं. भले उनका पूरा कोच खाली पड़ा हो. वो तो भर लें पहले. यह सब सुनकर एक आंटी को गुस्सा आ गया तो इस बातचीत में कूद पड़ीं. वो बोलीं, ‘आप लोग पैदा ही नहीं होने दे रहे हो बेटा. और नसीब से पैदा भी हो रही हैं तो उनको पढ़ने लिखने बाहर निकलने से रोक रहे हो, जी जान लगा कर. ये सब काम बंद कर दो, कोख में मार देना, दूध में डुबो देना, रोक टोक करना. फिर देखना बेटा. मेट्रो की सीटें क्या, ऑफिस की कुर्सियां, खेल का मैदान, सब भर देंगी ये. पर उसी चीज से तो डर रहे हो न आप. है न बेटा?’[facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/bedadyutijha/posts/1053031678104403"] इस घटना को द्युति ने घंटे भर बाद फेसबुक पर लिख दिया. पोस्ट वायरल हो गई. 2,500 से ज़्यादा लोगों ने इसे शेयर किया. करीब 10 हज़ार लोगों ने लाइक किया. लेकिन कुछ लोगों ने इसे बिल्कुल पसंद नहीं किया, बल्कि इससे नाराज हो गए. फिर कुछ ‘रेकी वाले’ लोग आ धमके और गाली-गलौज शुरू कर दी. पोस्ट लिखे हुए 4 दिन हो गए. लेकिन ये लोग द्युति का पीछा नहीं छोड़ रहे. उनके इनबॉक्स में डेरा लगाए बैठे हैं. गालियां निकाल रहे हैं. कुछ मैसेज तो इतने अश्लील, इतने भद्दे हैं कि लिखकर उनका ब्योरा नहीं दिया जा सकता. ये लोग कह रहे हैं कि हमारा कानून लड़कियों को ज्यादा फेवर करता है. लेकिन मूर्ख ये नहीं जानते कि अपनी हरकतों से वह मेट्रो वाली उन आंटी की बात को ही सच साबित कर रहे हैं. हमने द्युति से इस बारे में बात की. उन्होंने बताया, “18 तारीख से मैसेज आने शुरू हुए थे जो अब तक नहीं रुके हैं. बहुत सारे लोगों ने सराहना के मैसेज भी किए हैं, लेकिन डिस्टर्ब करने वाले मैसेज ज्यादा आए. अब इतने मैसेज हो गए हैं कि मैं सारे मैसेज चैक भी नहीं करती. और लोगों को जब कुछ नहीं मिलता तो लोग आते जाते मेरी कवर पिक्चर को लेकर ही उन्हें कोसने लगते हैं.” द्युति बहादुर लड़की है. आज-कल में पुलिस स्टेशन जाकर FIR करवाने को तैयार है. और इतना कुछ हो गया, अभी अपने मां-बाप को बताया भी नहीं है.

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