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BTS से लेकर ‘ट्रेन टू बूसान’ तक, भारतीय Gen Z पर जो कोरियन कल्चर हावी है, आखिर वो होता क्या है?

What is Korean wave: कोरियन पॉप कल्चर यानी K-Pop, वेब सीरीज़, फिल्मों और गेमिंग का असर आज भारतीय Gen Z पर तेजी से दिख रहा है. BTS से लेकर ‘ट्रेन टू बूसान’ तक, यह कल्चर युवाओं की पसंद, फैशन और लाइफस्टाइल को बदल रहा है. जानिए आखिर क्या है कोरियन वेव और क्यों दुनिया भर में बढ़ रही है इसकी दीवानगी.

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what is Korean wave
कोरियन कल्चर पर भारत में तेजी से बढ़ रहा है असर
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दिग्विजय सिंह
5 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 09:19 AM IST)
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4 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद शहर के भारत सिटी सोसाइटी में एक बेहद दुखद घटना सामने आई. 12, 14 और 16 साल की तीन बहनों - निशिका, प्राची और पाखी ने एक साथ अपनी जान दे दी, और मीडिया रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि यह किस हद तक ऑनलाइन कोरियन कल्चर और गेमिंग से प्रभावित था.

पुलिस को उस जगह एक 8 पेज का नोट मिला, जिसमें उन्होंने “हम कोरिया नहीं छोड़ सकते… कोरिया हमारी ज़िंदगी है” जैसे वाक्य लिखे. इसके अलावा उनके कमरे की दीवारों पर “I am very, very alone” जैसे भाव भी लिखे मिले. 

बहनों का फ़ोन का उपयोग पिछले कई वर्षों से बहुत ज़्यादा था. परिवार ने कुछ समय पहले फ़ोन उनसे जब्त किया था, जिससे बहनों की भावनात्मक स्थिति और बिगड़ती दिखी. यहां ये ध्यान देना ज़रूरी है कि पुलिस ने साफ-साफ नहीं कहा है कि कोरियन संस्कृति ने सीधे कोई आत्महत्या वाला निर्देश दिया था या कोई प्रमाणित “डेथ गेम” का लिंक मिला है. फिलहाल जांच जारी है.

कोरियन कल्चर असल में क्या है?

कोरियन कल्चर एक बहुत बड़ी, बहुआयामी संस्कृति है जिसमें संगीत, मनोरंजन, खाना, परंपराएं, भाषा, सामाजिक आदतें और डिजिटल लाइफस्टाइल शामिल हैं. इसके कुछ मुख्य हिस्से नीचे हैं.

के-पॉप (K-Pop):
के-पॉप संगीत दक्षिण कोरिया से निकला पॉप म्यूज़िक का ग्लोबल फेनोमेनन है. बैंड जैसे BTS और BLACKPINK ने दुनिया भर में करोड़ों फैंस बनाए हैं. इनके गाने, डांस, फैशन, और विज़ुअल स्टाइल ने खासकर जेन-ज़ेड और इंटरनेट-सक्रिय युवाओं को बड़ी मात्रा में आकर्षित किया है.

कोरियन वेब सीरीज़ और फिल्में: कोरियन फिल्म और वेब-सीरीज़ ने हॉलीवुड के साथ-साथ वैश्विक दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. “Parasite”, “Train to Busan”, “Squid Game” जैसे काम ने दुनियाभर में कोरियाई कहानी कहने को मान्यता दी.

कोरियन फूड: कुछ कोरियन खाने जैसे किमची, बीबीक्यू, ट्टोकबोक्की इत्यादि भी अब भारत में खूब लोकप्रिय हैं.

इंटरनेट-आधारित गेमिंग और डिजिटल कल्चर: दक्षिण कोरिया में इंटरनेट की तीव्रता और ई-स्पोर्ट्स कल्चर विश्व-स्तर का है. कोरियाई गेमिंग, विडियो और ऑनलाइन कंटेंट बहुत तेजी से global platforms पर फैल जाता है.

कोरियन कल्चर की तरफ भारतीय युवा, खासकर Gen Z का झुकाव क्यों?

आज इंडिया में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के कारण कोरियन कल्चर बहुत तेज़ी से फैल गया है.पर इसका मुख्य कारण सिर्फ “कोरिया” नहीं है, बल्कि यह है कि कोरियन कल्चर की कुछ बातें बहुत आकर्षक हैं.

फ़ैशन और शैली: के-पॉप कलाकारों का एडजस्ट स्टाइल, मेकअप, कपड़े, हेयरस्टाइल आदि जेन-ज़ेड में ट्रेंड बनते हैं.

कंटेंट-रिच एंटरटेनमेंट: कोरियन वेब सीरीज़/मूवीज़ को छोटे-छोटे एपिसोड, तेज़ pacing और गहरे भावनात्मक जुड़ाव के लिए पसंद किया जाता है.

सोशल मीडिया फैन कल्चर: TikTok, Instagram, YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कोरियन दर्शकों की भागीदारी और कंटेंट शेयरिंग ज़्यादा है, जिससे युवा समुदाय कम उम्र में ही इन चीज़ों से जुड़ जाते हैं.

फैन कम्युनिटी: के-पॉप फैन ग्रुप्स (जैसे BTS ARMY) इतनी बड़ी और सक्रिय हैं कि वे अपने-अपने समुदाय में दूसरे लोगों को जोड़ते हैं, साथ ही फ़ैन आर्ट, फ़ैन वीडियो इत्यादि बनाते हैं.
इन सारे कारणों से जेन-ज़ेड वर्ग में कोरियन कल्चर बहुत व्यापक स्तर पर फैल गया है. 

ये भी पढ़ें- 'कोरियन लवर' गेम क्या है? बच्चों को कैसे उकसाता है? मां-बाप क्या करें?


BTS ARMY और दीवानगी: वास्तव में क्या है

BTS एक ऐसा बॉय बैंड है जिसने के-पॉप को विश्व स्तर पर शिखर तक पहुंचाया.उनके फैंस को ARMY कहा जाता है.ARMY सिर्फ गाने सुनने वाले नहीं हैं — वे सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं, रिकॉर्ड्स तोड़ते हैं, स्ट्रीमिंग, वोटिंग और प्रचार में भाग लेते हैं.

यह दीवानगी आम तौर पर सकारात्मक है: कलाकारों का समर्थन, संदेशों पर आधारित फ़ैन अभियान, प्रेरणादायक कवरेज आदि.पर कुछ परिस्थितियों में जब अनुरूप संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य या रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारियों के साथ तालमेल बिगड़ता है, तो समस्या पैदा हो सकती है.

इस घटना में परिवार को लगता था कि बहनों ने कोरियन गेम और कोरियन कंटेंट को प्राथमिकता देकर रोज़मर्रा की ज़िंदगी, स्कूल और रिश्तों को पीछे छोड़ दिया.ख़ासकर जब उनके फ़ोन छीन लिए गए, तब उन्होंने जो भावनात्मक प्रतिक्रिया दी, वह चिंतनीय और गंभीर थी.

इसका अर्थ ये नहीं है कि BTS ARMY या कोरियन कल्चर खतरनाक है, बल्कि यह दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में असंतुलन और अकेलापन कैसे किसी भी फ़ैनबेस या संस्कृति के प्रति अत्यधिक निर्भरता में बदल सकता है, खासकर तब जब मानसिक स्वास्थ्य पहले से कमजोर हो.

सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का रोल

सोशल मीडिया ने युवाओं को कोरियन कंटेंट तक पहले से कहीं ज़्यादा पहुंच दिया है. यूट्यूब, TikTok/Shorts, Instagram Reels में के-पॉप, के-ड्रामा, कोरियन फ़ूड/लाइफस्टाइल ट्रेंड बेतहाशा फैल रहे हैं.

ये प्लेटफ़ॉर्म AI बेस्ड सुझावों के ज़रिये लगातार वही कंटेंट दिखाते हैं जो पहले देखा गया है, जिससे व्यक्ति आसान सी चीज़ को obsessive तरीके से consume करने लगता है.अगर फ़ैमिली, पढ़ाई या रिलेशनशिप सपोर्ट न हो, तो यह जल्दी आदत या निर्भरता में बदल सकता है.

यह असर सिर्फ भारत में क्यों नहीं, दुनिया भर के Gen Z पर क्यों पड़ा

दक्षिण कोरियाई कल्चर की वैश्विक पहुंच इतनी ज़्यादा है कि अमेरिका, यूरोप, दक्षिण एशिया, और भारत सहित कई देशों में युवा इसका हिस्सा बन रहे हैं. इसकी वजहें हैं-

  • इंटरनेट का आसान पहुंच
  • फ़ास्ट ट्रेंड और फ़ैनबेस मॉडल
  • ग्लोबलिज़्ड मीडिया सिस्टम
  • सोशल अपनापन मिलना

इन सबने मिलकर एक आभासी संस्कृति बनाई है जो वास्तविक जीवन के अनुभव में ढल सकती है.

कोरियन संस्कृति के कुछ लोकप्रिय ट्रेंड जिनसे जेन-ज़ेड प्रभावित है

अब बात उन प्रमुख कोरियन ट्रेंड्स और उससे प्रभावित होने वाली वजहों की भी कर लेते हैं.

कोरियन ट्रेंडक्यों पसंद
के-पॉप बैंड (BTS, BLACKPINK)डांस, संगीत, स्टाइल, सोशल मीडिया फैन नेटवर्क
के-ड्रामा (Squid Game, Crash Landing)कहानी-कहानी भावना, रिलेटेबल पात्र
कोरियन फ़ूड (किमची, बीबीक्यू)नया स्वाद, ट्राय करने की उत्सुकता
गेमिंगइंटरैक्टिव कहानी, सदस्यता आधारित कंटेंट
फैशन और मेकअपग्लैमरस लुक, फॉलो करने वाली फैन कल्चर

ये सब मिलकर जेन-ज़ेड के विचार, पसंद और आत्म-पहचान में प्रभाव डालते हैं.

मानसिक स्वास्थ्य, फ़ैमिली सपोर्ट और सुरक्षित डिजिटल हैबिट

यह त्रासदी यह भी याद दिलाती है कि कोई भी फैन कल्चर या ऑनलाइन लत अकेले कारण नहीं होती. आमतौर पर ये चीज़ें साथ मिलकर काम करती हैं:

  • अकेलापन
  • मानसिक स्वास्थ्य की कमी
  • ज़िम्मेदारियों से दूरी
  • असंतुलित ऑनलाइन समय
  • परिवार या दोस्तों का सपोर्ट ना होना

इसलिए डिजिटल, टाइम मैनेजमेंट और इमोशनल बैलेंस बहुत ज़रूरी है.

और अंत में

ग़ाज़ियाबाद की यह घटना बेहद दुखद और चिंतनीय है.इसे सिर्फ कोरियन कल्चर के प्रभाव में हम नहीं बांध सकते.यह एक गहरा सामाजिक और मनोवैज्ञानिक मामला है जिसमें ऑनलाइन दुनिया, उलझन, अकेलापन, फ़ैमिली सपोर्ट की कमी सहित कई पहलू शामिल हैं.

कोरियन कल्चर दरअसल एक मनोरंजक और वैश्विक रूप से लोकप्रिय संस्कृति है. संगीत, फ़िल्म, फ़ैशन, खाना आदि का संगम, जो Gen Z को आकर्षित करती है.लेकिन अगर इंटरनेट, फ़ैनबेस, गेमिंग या कंटेंट का उपयोग संतुलन से बाहर हो गया, तो वह किसी भी संस्कृति का हिस्सा क्यों न हो, वह खतरनाक निर्भरता में बदल सकता है.

सबसे जरूरी यह है कि हम अपने बच्चों और युवा दोस्तों के साथ खुलकर बातचीत, समझदारी और संवेदनशीलता के साथ जुड़े रहें, ताकि वे बैलेंस, सुरक्षित और स्वस्थ डिजिटल जीवन जी सकें.

वीडियो: गाजियाबाद में तीन बहनों की मौत पर अब क्या पता चला?

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